हैट्रिक जीत और 400 से ज्यादा के लक्ष्य के साथ उतरेगा भारत
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वर्ल्ड कप में लगातार 2 मैच जीत चुकी टीम इंडिया की चुनौती संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रूप में है जिसे क्रिकेट में कमजोर टीम के रूप में आंका जाता है। दोनों टीमों के बीच शनिवार को पर्थ में दोपहर 12 बजे से यह मुकाबला खेला जाएगा।
भारत ने जिस तरह से पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका को धोया है उससे यही लग रहा है कि धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया इस मैच को आसानी से जीतकर जीत की हैट्रिक लगा लेगी। हालांकि टीम इंडिया को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह इस वर्ल्ड कप में पहली बार किसी 'मेमने' यानी की छोटी टीम के सामने उतर रही है।
टूर्नामेंट में आयरलैंड वेस्टइंडीज को हराकर उलटफेर कर चुका है। अफगानिस्तान के हाथों श्रीलंका हारते-हारते बची थी। यूएई की टीम लंबे समय बाद भारत के खिलाफ मैच खेलने उतरेगी इसलिए भारतीय खिलाड़ियों को इस नई टीम के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
पूल-बी में भारत जहां लीग चरण के अपने दोनों मैच जीत चुका है वहीं यूएई को अपने दोनों मैच में हार मिली है।
टीम इंडिया के पास 400 से ज्यादा का स्कोर करने का मौका
जहां तक भारतीय टीम का सवाल है तो उसकी बल्लेबाजी अभी तक बढ़िया रही है और दोनों ही मैचों में टीम 300 या उससे ज्यादा का स्कोर करने में सफल रही है। बल्लेबाजी के अलावा गेंदबाजी में भी गजब का प्रदर्शन हुआ है। गेंदबाजों ने जिस तरह से पाक और अफ्रीकी टीम के खिलाफ खेल दिखाया है उसने क्रिकेट आलोचको को चौका दिया है। हालांकि इस मैच में भारत को मोहम्मद शमी की कमी खलेगी जो चोटिल होने के कारण इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। हो सकता है कि भुवनेश्वर कुमार को इस मैच में उतारा जाए जो अब तक अनफिट होने के कारण मैदान में उतर नहीं सके हैं।
शमी की अनुपस्थिति में गेंदबाजी विभाग में तेज गेंदबाज उमेश यादव और मोहित शर्मा पर ज्यादा दबाव होगा, जबकि शमी की जगह टीम में लौटने वाले भुवी और स्टुअर्ट बिन्नी में से जिसे भी मौका मिलता है वह मौका भुनाना चाहेगा। फिरकी विभाग में आर अश्विन और रवींद्र जडेजा के पास जिम्मेदारी होगी।
बल्लेबाजों के पास भी यह शानदार मौका है कि इस कमजोर टीम के खिलाफ जोरदार बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर खड़ा किया जाए। भारत इस मैच में अगर पहले बल्लेबाजी करता है तो उसका लक्ष्य 400 से ज्यादा का स्कोर करने का होगा। भारत 2007 के वर्ल्ड कप में बारमुडा के खिलाफ 418 रन बना चुका है। वह इस रिकॉर्ड को इस मैच के जरिए तोड़ने की कोशिश करेगी।
पाक के खिलाफ शतक लगाने वाले विराट कोहली अफ्रीकी टीम के खिलाफ 46 रन बनाकर आउट हो गए थे, वह इस मैच में एक और बड़ी पारी खेल सकते हैं। जबकि फॉर्म में लौट चुके शिखर धवन, अंजिक्य रहाणे और सुरेश रैना के पास बल्लेबाजी का नया रिकॉर्ड बनाने का मौका होगा। टीम इंडिया के शीर्ष 6 में से 4 बल्लेबाज फॉर्म में हैं और उन्हें रोक पाना यूएई के अनुभवहीन गेंदबाजों के लिए आसान नहीं होगा। पिछले दोनों मैचों में सस्ते में आउट होने वाले रोहित शर्मा के पास फॉर्म में वापसी करने के लिए बेहद शानदार मौका है।
यूएई के 43 साल के कप्तान मोहम्मद तौकीर के पास ही सिर्फ 7 वनडे मैच खेलने का अनुभव है। उनके अलावा टीम अन्य खिलाड़ियों के पास ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का अनुभव नहीं है।