किसान आंदोलन के समर्थन में उतरी पॉप गायिका रिहाना, पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
अंतरराष्ट्रीय कैरेबियाई पॉप गायिका रिहाना द्वारा किसान आंदोलन को लेकर किए गए एक ट्वीट के बाद से सोशल मीडिया पर फिर से हंगामा शुरू हो गया है। दिल्ली बॉर्डर पर पिछले कुछ महीने से जारी किसान आंदोलन को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने है। वहीं अब किसानों के धरना प्रदर्शन का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन चुका है। इसी कड़ी में मशहूर पॉप स्टार रिहाना ने दो फरवरी को किसानों के समर्थन में ट्वीट कर सबका ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने आंदोलन को रोकने के लिए इंटरनेट बंद करने की निंदा की और अपने ट्विटर हैंडल पर किसान आंदोलन से जुड़ी एक रिपोर्ट शेयर की। इसमें किसानों का पुलिस के साथ टकराव और इंटरनेट सेवा बंद करने का जिक्र किया गया है। उन्होंने रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा, 'हम इस बारे में बात क्यों नहीं कर रहे हैं'?
My country is proud of our farmers and knows how important they are, I trust it will be addressed soon. We don’t need an outsider poking her nose in our internal matters!
विज्ञापन विज्ञापन— Pragyan Ojha (@pragyanojha) February 2, 2021
रिहाना के इस ट्वीट पर जहां कई लोगों ने समर्थन जताया तो वहीं कई लोगों ने उसकी आलोचना भी की। इसमें पूर्व भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा ने भी रिहाना को देश के आंतरिक मामले में दखल देने पर फटकार लगाई। भारत के इस पूर्व गेंदबाज ने ट्वीट का रिप्लाई देते हुए लिखा, 'मेरा देश हमारे किसानों पर गर्व करता है और जानता है कि वे कितना महत्वपूर्ण हैं।
भारत की तरफ से 48 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने वाले 34 वर्षीय गेंदबाज ने आगे कहा, 'मुझे विश्वास है कि इसे जल्द ही सुलझाया जाएगा। हमें अपने आंतरिक मामलों में किसी बाहरी व्यक्ति को दखल देने की आवश्यकता नहीं है।'
भारत की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता- सचिन तेंदुलकर
'क्रिकेट के भगवान' कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ट्वीट कर कहा, भारत की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता है। बाहरी ताकतें दर्शक हो सकती हैं लेकिन प्रतिभागी नहीं। भारतीय भारत को जानते हैं और भारत के लिए फैसला करना चाहिए। आइए एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रहें। दरअसल, सचिन तेंदुलकर यह ट्वीट किसान आंदोलन को लेकर लग रहा है।
India’s sovereignty cannot be compromised. External forces can be spectators but not participants.
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) February 3, 2021
Indians know India and should decide for India. Let's remain united as a nation.#IndiaTogether #IndiaAgainstPropaganda
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून को लेकर किसान दो महीने से अधिक समय से दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन गणतंत्र दिवस के खास दिन पर किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में जमकर तोड़फोड़ हुई। तब ऐतिहासिक लाल किले पर भी तिरंगे का अपमान हुआ और पुलिसकर्मियों के साथ भी हिंसा हुई। इसकी वजह से दिल्ली की सीमाओं पर न केवल सुरक्षा कड़ी की गई है, बल्कि प्रदर्शन वाली जगहों पर इंटरनेट सेवा भी रोक दी गई।