पीएम मोदी ने लिखी धोनी के नाम चिट्ठी, कहा- आपके संन्यास से भारतीय निराश
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टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का एलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धोनी को चिट्ठी लिखकर उनकी सराहना की है। पीएम मोदी ने चिट्ठी में लिखा कि आपमें नए भारत की आत्मा झलकती है, जहां युवाओं की नियति उनका परिवार का नाम नहीं तय करता है, बल्कि वे अपना खुद का मुकाम और नाम हासिल करते हैं।
धोनी ने ट्वीट कर पीएम मोदी को शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया है। एमएस ने लिखा कि, एक कलाकार, सैनिक और खिलाड़ी को प्रशंसा की चाहत होती है। वे चाहते हैं कि उनकी मेहनत और बलिदान को सभी पहचानें। प्रशंसा और शुभकामनाओं के लिए शुक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
An Artist,Soldier and Sportsperson what they crave for is appreciation, that their hard work and sacrifice is getting noticed and appreciated by everyone.thanks PM @narendramodi for your appreciation and good wishes. pic.twitter.com/T0naCT7mO7
विज्ञापन विज्ञापन— Mahendra Singh Dhoni (@msdhoni) August 20, 2020
जेहन में रहेगा 2011 वर्ल्ड कप फाइनल वाला छक्का
पीएम मोदी ने लिखा कि आपने 15 अगस्त के दिन साधारण अंदाज में एक वीडियो शेयर किया था, जो जुनूनी बहस के लिए काफी था। 130 करोड़ भारतीय निराश हैं, लेकिन साथ ही जो आपने पिछले डेढ़ दशक में भारत के लिए किया उसके लिए आपके आभारी भी हैं। उन्होंने आगे लिखा कि मुश्किल हालात में आप पर निर्भरता और मैच खत्म करने का आपका अंदाज, खास तौर पर 2011 वर्ल्ड कप फाइनल, पीढ़ियों तक लोगों को जेहन में रहेगा।
आपका शांत दिमाग युवाओं के लिए सबसे बड़ी सीख
पीएम ने लिखा कि आपके करियर को आंकड़ों के जरिए भी देखा जा सकता है। आप भारत के सबसे सफल कप्तानों में शुमार हैं। भारत को विश्व की नंबर एक टीम बनाने में आपकी अहम भूमिका रही है। क्रिकेट के इतिहास में आपका नाम दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों, कप्तानों में और सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर्स में गिना जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मायने नहीं रखता कि आपने कौन-सी हेयरस्टाइल रखी थी। मगर जीत हो या हार, आपका दिमाग हमेशा शांत रहा। यह देश के युवाओं के लिए सबसे बड़ी सीख है।
हम कहां से आए हैं यह बहुत ज्यादा मायने नहीं रखता
पीएम ने चिट्ठी में लिखा कि आपको सिर्फ एक खिलाड़ी के रूप में देखना अन्याय होगा। एक छोटे शहर से निकलकर आप राष्ट्रीय पटल पर छा गए, आपने अपने लिए नाम बनाया और सबसे महत्वपूर्ण कि देश को गौरवान्वित किया। सशस्त्र बलों से आपके जुड़ाव का मैं खास तौर पर जिक्र करना चाहूंगा। आप सेना के लोगों के साथ जुड़कर बेहद खुश थे। पीएम ने लिखा कि हम कहां से आए हैं यह बहुत ज्यादा मायने नहीं रखता, जब तक हमें यह मालूम हो कि हम किस दिशा में जा रहे हैं। आपने यही भावना दिखाई और कई युवाओं को इससे प्रेरित किया।
परिवार के त्याग और सहयोग के बिना कुछ भी संभव नहीं
पीएम ने लिखा कि देश के लिए आपकी प्रतिबद्धताएं हमेशा याद रहेंगी। मुझे उम्मीद है कि साक्षी और जीवा अब आपके साथ अधिक समय बिता पाएंगी। मैं आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं, क्योंकि परिवार के त्याग और सहयोग के बिना कुछ भी संभव नहीं होता। पीएम ने लिखा कि देश के युवा आपसे सीखेंगे कि पेशेवर और निजी जिंदगी के बीच कैसे तालमेल बिठाया जाता है। मैं आपको भविष्य के लिए शुभकामाएं देता हूं।