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इंग्लैंड में नस्लवाद का शिकार हुआ पाकिस्तानी मूल का ये क्रिकेटर, करना चाहता था आत्महत्या
Fri, 04 Sep 2020 02:06 AM IST
Rajeev Rai
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rajeev Rai
Updated Fri, 04 Sep 2020 02:06 AM IST
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अजीम रफीक
- फोटो : twitter@AzeemRafiq30
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इंग्लैंड के पूर्व अंडर-19 कप्तान अजीम रफीक ने दावा किया कि वह नस्लवाद के कारण आत्महत्या करने के बारे में सोचने लगे थे। उन्होंने कहा है कि जब वह काउंटी टीम यॉर्कशायर में थे तो उन्हें नस्लवाद का सामना करना पड़ता था। रफीक ने क्लब पर संस्थागत रूप से नस्लवादी होने का आरोप लगाया।
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कराची में जन्में इस ऑफ स्पिनर ने क्लब में कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने कहा कि उन्हें बाहरी व्यक्ति (आउटसाइडर) जैसा लगता था और 2016 से 2018 के बीच खेलने के दौरान, जब उन्होंने नस्ली व्यवहार की शिकायत की तो उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बाद उनका मानवता से भरोसा ही उठ गया।
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रफीक ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से कहा, ‘मैं जानता हूं कि मैं यॉर्कशायर में अपने खेलने के दिनों के दौरान आत्महत्या करने के कितने करीब था। मैं अपने परिवार के पेशेवर क्रिकेटर के सपने को साकार कर रहा था, लेकिन अंदर से मैं मर रहा था। मैं काम पर जाते हुए डरता था। मैं हर दिन दर्द में रहता था।’ उन्होंने साथ ही क्लब में संस्थागत नस्लवाद का दावा किया जिसने अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं दिया है।
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29 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘स्टाफ में कोई कोच नहीं था जो इस बात को समझ सकता कि यह कैसा महसूस होता है।’ रफीक ने कहा, ‘जो परवाह करता है, यह किसी के लिए भी स्पष्ट है कि इसमें समस्या है। क्या मैं सोचता हूं कि वहां संस्थागत नस्लवाद होता था? मेरी राय में यह तब शिखर पर थी। यह पहले से कहीं ज्यादा बदतर थी।’ उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि क्लब संस्थागत नस्लवादी है और मुझे नहीं लगता कि वे इस तथ्य को स्वीकारने के लिए तैयार हैं या फिर इसमें बदलाव के इच्छुक हैं।’
रफीक ने कहा, ‘किसी ने मुझे एक हफ्ते पहले फोन किया। यह पहले ही स्पष्ट कर दिया गया कि हमारे बीच की बातचीत दोस्त की तरह है और यह अधिकारिक वार्ता नहीं है। अब ऐसा लगता है कि यह दिखाने का प्रयास था कि वे कुछ कर रहे हैं। ईमानदारी से कहूं तो मैं काफी गुमराह महसूस कर रहा हूं।’
रफीक ने कुछ वाकयों का भी जिक्र किया, जिसमें क्लब नस्लवादी बर्ताव के खिलाफ कोई कदम उठाने में नाकाम रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि यॉर्कशायर ने उनके मृत पैदा हुए बेटे की मौत का हवाला देते हुए उन्हें क्लब से रिलीज कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘मैं अपने (मृत पैदा हुए) बेटे को अस्पताल से सीधा अंतिम संस्कार के लिए ले गया। यॉर्कशायर ने मुझे कहा कि वे पेशेवर और व्यक्तिगत तौर पर मेरी देखभाल करेंगे। लेकिन मुझे सिर्फ एक छोटा सा ईमेल मिला। मुझे कहा गया कि मुझे रिलीज कर दिया गया है। मुझे लगता है कि इसे सचमुच मेरे खिलाफ लिया गया। यह जिस तरह से किया गया, वह भयावह है।’