सिर्फ एक जीत और भारत के नाम 7 उपलब्धि
क्रिकेट जगत को नया वर्ल्ड चैंपियन मिलने की राह में अब सिर्फ 2 मैच ही रह गए हैं। न्यूजीलैंड पहले सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल का टिकट पहले ही कटा चुकी है और बृहस्पतिवार को होने वाले दूसरे सेमीफाइनल से भी एक टीम को खिताबी जंग का टिकट मिलने वाला है।
सिडनी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह जंग किसी फाइनल मुकाबले से कम नहीं होने वाला है। टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप में लगातार जीत का जो सिलसिला पिछले वर्ल्ड कप में शुरू किया था उसे सेमीफाइनल तक कायम रखा है। भारत वर्ल्ड कप में अब तक लगातार 11 मैच जीत के साथ फाइनल का टिकट पाने के लिए मैदान पर उतरेगा।
ऑस्ट्रेलिया की धरती पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक 40 मुकाबले हो चुके हैं जिसमें टीम इंडिया को 10 और कंगारुओं को 30 जीत नसीब हुई है। भारत आखिरी बार ऑस्ट्रेलियाई टीम से उसी की धरती पर 2012 में एडिलेड ओवल में जीता था। ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलियाई टीम से हार-जीत का औसत 0.33 है जो विदेशी धरती पर मेजबान टीम के खिलाफ दूसरा सबसे खराब रिकॉर्ड भी है।
ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर बेहद खराब रिकॉर्ड के बावजूद टीम इंडिया के जांबाज खिलाड़ी इस मैच में पूरे जोश-खरोश के साथ उतरेंगे। दोनों टीमों ने मिलकर अब तक कुल 9 फाइनल मैच खेले हैं, इस मुकाबले के बाद यह संख्या 10 तक पहुंच जाएगी। यह मैच न सिर्फ फाइनल के लिहाज से बेहद खास है बल्कि इस मुकाबले से टीम इंडिया की 7 चीजें भी दांव पर लगी हुई हैं।
एक नहीं टीम इंडिया की 7 चीजें टिकी है इस जीत से
टीम इंडिया जब बृहस्पतिवार को सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई चुनौती का सामना करने उतरेगी तो उसके सामने अपनी 7 चीजों को हासिल करने का भी दबाव होगा।
महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में भारतीय टीम इस वर्ल्ड कप में लगातार 7 मैच और ओवरऑल 11 मैच जीत चुकी है और उसकी नजर लगातार 8वीं और ओवरऑल 12वीं जीत पर होगी। साथ ही टीम आईसीसी वनडे टूर्नामेंट्स में भारत अपनी लगातार 17वीं जीत चाहेगी।
टीम इंडिया सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) में ऑस्ट्रेलिया को पिछले 7 साल से एक बार भी वनडे क्रिकेट में नहीं हरा सकी है और उसकी नजर इस लंबे अंतराल को खत्म करने पर भी होगी। आखिरी बार भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2008 में त्रिकोणीय सीरीज के पहले फाइनल में हराया था।
सिडनी में भारतीय टीम का अब तक का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। दोनों टीमों के बीच इस मैदान पर 13 बार भिड़ंत हो चुकी है और इस दौरान उसे सिर्फ एक में जीत मिली है।
वर्ल्ड कप में नॉकआउट मुकाबले में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इससे पहले 2 बार भिड़ंत हुई है और दोनों ने एक-एक मैच में जीत हासिल की। 2003 के फाइनल में दोनों टीमें पहली बार भिड़ी थी जिसमें ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जीत हासिल की, इसके बाद भारत ने 2011 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया था। भारत श्रीलंका और वेस्टइंडीज के अलावा तीसरी टीम है जिसने नॉकआउट दौर में कंगारुओं को हराया है। इस जीत से धोनी की टीम नॉकआउट मुकाबले में जीत का अंतर 2-1 से कर बढ़त बनाना चाहेगी।
भारतीय गेंदबाजों ने करिश्माई प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल तक यानी अपने खेले सभी 7 मैचों में विपक्षी टीम को ऑलआउट किया है। इस दौरान उसने पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों को धूल चटाई है। गेंदबाज अपने प्रदर्शन को 8 मैचों में 80 विकेट लेने के कारनामे तक पहुंचाना चाहेंगे।
सिर्फ गेंदबाज ही नहीं बल्कि भारतीय बल्लेबाजों ने वर्ल्ड कप में अब तक लाजवाब प्रदर्शन कर सभी का मन लुभाया है। वनडे में पावरप्ले टीम इंडिया के लिए काफी फायदेमंद नहीं होता था लेकिन इस बार बल्लेबाजों ने बैटिंग पावरप्ले का जमकर उपयोग किया और पिछले 7 मैचों में 5 ओवर के बैटिंग पावरप्ले में अपना एक भी विकेट नहीं खोया। बैटिंग पावरप्ले में भारत ने 7.36 की औसत से 227 रन बनाए और वह भी बिना किसी नुकसान के। ऑस्ट्रेलिया भी भारत से थोड़ा ही पीछे है और उसके सिर्फ एक विकेट गंवाया है और वह भी 4 बैटिंग पावरप्ले में। भारत अपने विकेट बचाने के अभियान को इस मैच में भी कायम रखना चाहेगा।
टीम इंडिया एक अनोखा रिकॉर्ड भी इस मैच में जीत के साथ बनाना चाहेगी। 40 साल के वर्ल्ड कप इतिहास में ऑस्ट्रेलिया जब भी सेमीफाइनल में पहुंची वह फाइनल तक पहुंचने में कामयाब रही और कोई भी टीम उसे फाइनल में जाने से रोक नहीं सकी। भारत पहली बार सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना करने उतरेगा तो उसकी नजर उसे हराकर फाइनल का टिकट हासिल करने पर होगा।