ऐतिहासिक पल: आज ही के दिन धोनी की कप्तानी में भारत ने रचा था इतिहास, इंग्लैंड को हराकर जीती चैंपियंस ट्रॉफी
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आज के ही दिन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में इंग्लैंड को हराकर भारत को चैंपियन बनाया था। टीम इंडिया को फाइनल जिताने में रवींद्र जडेजा और विराट कोहली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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भारतीय क्रिकेट इतिहास के लिए आज का दिन बहुत खास है। आठ साल पहले 23 जून 2013 को महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को उसकी सरजमीं पर हराकर पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती। भारतीय टीम को यह खिताब जिताने में विराट कोहली और रवींद्र जडेजा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मुकाबले में दोनों टीमों की तरफ से जबरदस्त प्रदर्शन किया गया। लेकिन बाजी टीम इंडिया ने मारी। इस फाइनल मैच में भारत ने इंग्लैंड को 5 रनों से हराया था।
बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेले गए फाइनल मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग की। बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही और पहला विकेट 19 रनों पर गिर गया। पारी का आगाज करने आए रोहित शर्मा 9 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद विराट कोहली ने शिखर धवन के साथ टीम इंडिया की पारी को आगे बढ़ाया। धवन 31 रनों पर रवि बोपारा का शिकार बने।
50 रनों पर 2 विकेट गिर जाने के बाद विराट कोहली पर जिम्मदारी बढ़ गई्र जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। विराट ने टिककर बल्लेबाजी करते हुए 34 गेंदों पर 43 रन बनाकर आउट हुए। रन मशीन कोहली ने अपनी पारी के दौरान 4 चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद सुरेश रैना, दिनेश कार्तिक और एमएस धोनी कुछ खास नहीं कर पाए और जल्दी-जल्दी आउट हो गए।
सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे रवींद्र जडेजा ने आक्रामक रुख अख्तियार किया। उन्होंने आतिशी बैटिंग करते हुए 25 गेंदों पर नाबाद 33 रन बनाए। अपनी इस चमत्कारिक पारी के दौरान उन्होंने 2 चौके और इतनी ही छक्के उड़ाए। ये जडेजा की बल्लेबाजी का पराक्रम था जो टीम इंडिया सम्मानजनक स्कोर तक पहुंची। भारत ने फाइनल में 7 विकेट पर 129 रन बाए। इंग्लैंड के सबसे कामयाब गेंदबाज रवि बोपारा रहे जिन्होंने 3 विकेट लिए। उनके अलावा एंडरसन, ब्रॉड और ट्रेडवेल को 1-1 विकेट मिला।
फाइनल जीतने के लिए 130 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लिश टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और पहला विकेट सिर्फ 3 रनों पर गिर गया। सलामी बल्लेबाज एलिस्टर कुक 2 रन बनाकर आउट हुए। इयान बेल भी बहुत देर तक नहीं रुके और 13 रन बनाकर चलते बने। मध्यक्रम में जोनाथन ट्रॉट ने टिकने की कोशिश की लेकिन 20 रन ही बना पाए। इसके बाद जो रूट भी 7 रनों पर पवेलियन लौट गए।
पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए इयोन मॉर्गन और रवि बोपारा ने भारतीय टीम के लिए मुसीबत खड़ी करने की कोशिश की। लेकिन इशांत शर्मा ने दोनों को चलता कर भारत के लिए जीत आसान कर दी। मॉर्गन 33 और बोपारा 30 रन बनाकर आउट हुए। सातवें नंबर पर बैटिंग के लिए जोस बटलर कोई चमत्कार नहीं कर सके और वह बगैर खाता खोले आउट हुए। इस तरह इंग्लैंड की पूरी टीम 8 विकेट पर 124 रन बना पाई।
भारत की तरफ से रवींद्र जडेजा, आर अश्विन और इशांत शर्मा ने कसी गेंदबाजी करते हुए 2-2 विकेट लिए। वहीं एक विकेट उमेश यादव को मिला। टीम इंडिया ने इस रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को 5 रनों से हराया। मैच में ऑलराउंडर प्रदर्शन करने वाले रवींद्र जडेजा को प्लेयर ऑफ द मैच दिया गया। वहीं पूरी सीरीज में धुआंधार बल्लेबाजी करने वाले शिखर धवन को प्लेयर ऑफ द सीरीज के खिताब से नवाजा गया।