खेलों में नस्लवाद पर इस महान क्रिकेटर ने जताई चिंता, IPL 2020 पर भी रखी अपनी राय
वेस्टइंडीज के डैरेन सैमी और क्रिस गेल ने नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठाई है। सैमी ने आरोप लगाया कि इंडियन प्रीमियर लीग में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए उनके लिए रंगभेदी टिप्पणी की गई थी।
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वेस्टइंडीज के अपने जमाने के दिग्गज तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग का मानना है कि जब तक समाज नस्लवाद के खिलाफ एकजुट नहीं होता तब तक खेलों में इसके खिलाफ नियम ‘घाव पर महज प्लास्टर लगाने जैसे’ रहेंगे।
अफ्रीकी मूल के अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद विश्व भर में नस्लवाद के खिलाफ चल रहे अभियान पर प्रतिक्रिया करते हुए होल्डिंग ने कहा कि केवल कड़े नियमों से ही खेलों में नस्लवाद को नहीं रोका जा सकता है।
वेस्टइंडीज की तरफ से 1975 से 1987 के बीच 60 टेस्ट मैचों में 249 विकेट लेने वाले होल्डिंग ने रविवार को इंस्टाग्राम पर एक चैट कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘आपको लगभग हर जगह नस्लवाद देखने को मिलेगा, लोग क्रिकेट के मैदान, फुटबॉल के मैदान में इसका इस्तेमाल करेंगे। आप सिर्फ खेलों के जरिये नस्लवाद खत्म नहीं कर सकते, आपको इसे समाज से खत्म करना होगा।’
होल्डिंग ने कहा कि समाज को यह समझना होगा कि भेदभाव करना अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, ‘खेलों में नियम और कायदे कानून हो सकते हैं जिनके तहत आपको मैदान पर खेलना है लेकिन यह केवल घाव पर प्लास्टर लगाने जैसा है। समाज में लोगों को समझना होगा कि यह अस्वीकार्य है और जब आप समाज के अंदर ही इससे पार पा लेंगे तो यह खेलों में भी नहीं रहेगा।’
BCCI आयोजित करे IPL: माइकल होल्डिंग
होल्डिंग ने इंस्टाग्राम पर निखिल नाज से बातचीत में कहा, 'मुझे नहीं लगता कि आईसीसी इस मकसद से टी-20 विश्व कप में देरी करेगा कि आईपीएल के लिए जगह बना सके। यह ऑस्ट्रेलियाई सरकार का कानून है, जहां वे किसी निश्चित तारीख से पहले किसी को भी देश में आने की अनुमति नहीं देंगे।'
उन्होंने कहा, 'अगर टी-20 विश्व कप का आयोजन तय समय पर नहीं होता है तो बीसीसीआई के पास इस घरेलू टूर्नमेंट को आयोजित करने का पूरा अधिकार है।'
वन-डे कमाई का जरिया, यह प्रारूप बना रहेगा
होल्डिंग का मानना है कि एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की प्रासंगिकता को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बावजूद यह प्रारूप बना रहेगा क्योंकि इससे अब भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को काफी वित्तीय लाभ होता है। होल्डिंग को लगता है कि आईसीसी कभी 50 ओवरों की क्रिकेट को हटाना चाहेगी क्योंकि जहां तक टीवी अधिकारों का सवाल है तो इससे उसकी सबसे अधिक कमाई होती है। इससे उसकी कमाई में भारी गिरावट आएगी। होल्डिंग टी-20 के प्रशंसकों में शामिल नहीं हैं और उन्होंने कहा कि अब खेल को और छोटा बनाने से रोकना चाहिए।
पसीना भी होगा लार की तरह प्रभावशाली
तेज गेंदबाज से कमेंटेटर बने होल्डिंग को लगता है कि गेंद को चमकाने के लिए लार का उपयोग प्रतिबंधित करने की आईसीसी क्रिकेट समिति की सिफारिशों से किसी तरह की व्यावहारिक परेशानी नहीं आएगी।
उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि लार पर प्रतिबंध गंभीर समस्या है। समस्या है कि इस प्रतिबंध के बाद क्रिकेटरों को इससे सामंजस्य बिठाने में थोड़ा समय लगेगा। यह स्वाभाविक है कि जब आप मैदान पर होते हैं और आपको गेंद चमकानी होती है तो आप उस पर लार लगाते हो। होल्डिंग का मानना है कि पसीना भी गेंद को चमकाने में लार की तरह प्रभावशाली हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘आपको गेंद पर नमी ही तो लानी है और आप पसीने से भी उसे हासिल कर सकते हो। आपको लार का उपयोग करने की जरूरत नहीं है। आपके हाथ या माथे का पसीना भी लार की तरह ही काम कर सकता है और मैंने किसी से यह नहीं सुना है कि पसीने से कोविड-19 फैल सकता है।'