न्यूजीलैंड की सबसे तेज जीत तो इंग्लैंड की सबसे बड़ी हार
वर्ल्ड कप 2015 की शुरुआत में एक समय तीन सौ से ज्यादा रन बन रहे थे लेकिन अब शायद छोटे स्कोर का दौर शुरू हो चुका है। वर्ल्ड कप 14 फरवरी को शुरू हुआ था और तब से लेकर अब तक कुल 9 मैच खेले जा चुके हैं। लेकिन शुरुआत में जिस तरह से रन बन रहे थे उससे लग रहा था कि यह मैच बल्लेबाजों का हो गया है।
हालांकि टूर्नामेंट का नौंवां मैच वेलिंगटन में मेजबान न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच खेला गया, जिसमें पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लिश टीम 34 ओवर के अंदर महज 123 रनों पर आउट हो गई। इंग्लैंड का वर्ल्ड कप में यह तीसरा सबसे छोटा स्कोर है। 18 जून 1975 को खेले गए पहले वर्ल्ड कप में इंग्लैंड अपने ही घर में लीड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महज 93 रनों पर आउट हो गई थी। इसके बाद 1999 के वर्ल्ड कप में उसका दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन तब सामने आया जब टीम एक बार फिर अपने ही घर में ओवल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 103 रन बनाकर आउट हो गई।
मेजबान न्यूजीलैंड ने इस छोटे से लक्ष्य का पीछा करते हुए महज 13 ओवरों के अंदर ही हासिल कर लिया। 12.2 ओवर की अपनी छोटी सी पारी में चौके-छक्कों की बारिश कर दी। हालांकि इस रनों की बारिश में अकेले कप्तान ब्रैंडन मैकुलम (77 रन, 25 गेंद, 8 चौका और 7 छक्का) का ही बल्ला चला। मैकुलम इस धमाकेदार पारी के दौरान सबसे तेज अर्धशतक और शतक लगाने के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंचकर इतिहास रचने से चूक गए लेकिन वर्ल्ड कप में सबसे तेज अर्धशतक लगाने के अपने ही रिकॉर्ड को और बेहतर करते हुए 18 गेंदों में फिफ्टी जमा ही दिया।
सबसे तेज फिफ्टी ठोंकने का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एबी डीविलियर्स (16 गेंद में फिफ्टी) के नाम दर्ज है जिन्होंने इस साल विंडीज टीम के खिलाफ बनाया था।
सबसे तेज 50 रन बनाने से रिकॉर्ड से चूक गया न्यूजीलैंड
इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को 124 रनों का लक्ष्य दिया जिसे मेजबान टीम ने विपक्षी गेंदबाजों पर कोई नरमी नहीं बरतते हुए महज 12.2 ओवर में ही हासिल कर लिया। इससे पहले उसने 6.4 ओवर में ही किवी टीम ने तेजी से खेलते हुए 100 रनों का आंकड़ा पार कर लिया। यह 2001 के बाद किसी भी टीम की ओर से बनाए गए सबसे तेज 100 रन है। न्यूजीलैंड ने आज 3.4 ओवर में 50 रन बनाए, जबकि इसी टीम के नाम सबसे कम गेंदों में शुरुआती 50 रन बनाने का रिकॉर्ड भी है। उन्होंने यह रिकॉर्ड 2007 में बांग्लादेश के खिलाफ 3.3 ओवर में बनाया था।
न्यूजीलैंड की ओर से कप्तान ब्रैंडन मैकुलम ने लगभग 308 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की और 25 गेंदों में 77 रन बनाया जो वनडे मैच में दूसरा सबसे तेज स्ट्राइक है। मैकुलम के अलावा एक वनडे पारी में 50 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एबी डीविलियर्स और पाक के शाहिद अफरीदी ही ऐसे बल्लेबाज हैं जिनका स्ट्राइक रेट 300 से ज्यादा है।
मेजबान टीम की ओर से तेज गेंदबाज टिम साउदी ने 7 विकेट झटके जिसमें 4 बल्लेबाजों को बोल्ड किया। यह वनडे क्रिकेट में न्यूजीलैंड की ओर से सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। उनसे पहले 3 अवसर पर किवी गेंदबाजों ने 6-6 विकेट झटके थे जिसमें शेन बांड ने 2 बार यह उपलब्धि हासिल किया था। साथ ही वर्ल्ड कप इतिहास में तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
महज 2 गेंद से वर्ल्ड रिकॉर्ड से चूक गया न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड को अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत इंग्लैंड से महज 124 रनों का लक्ष्य मिला। और इस छोटे से लक्ष्य को हासिल करने के लिए किवी टीम ने महज 12.2 ओवर ही खर्च किए। इस तरह से यह वनडे क्रिकेट में सौ से ज्यादा मिले रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे कम गेंद खेलकर दूसरी सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड बना दिया। हालांकि वह अगर 2 गेंद कम खेलती तो यह सबसे बड़ी जीत हो जाती।
सौ से ज्यादा रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे कम गेंदों में लक्ष्य हासिल करने का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के नाम दर्ज है। इस अफ्रीकी टीम ने 2003 में बांग्लादेश से मिले 109 रनों के लक्ष्य को महज 12 ओवरों में ही हासिल कर लिया था।
वहीं इंग्लैंड की टीम यह मैच 226 गेंदें शेष रहती हार गई। गेंद के लिहाज से इंग्लैंड की यह सबसे बड़ी हार है।