भारतीय क्रिकेटर ने बीच मैदान की अंपायर से बदसलूकी, झेलनी पड़ी करारी हार
टीम इंडिया के लिए खेल चुके मध्यप्रदेश के विकेटकीपर बल्लेबाज नमन ओझा ने गुरुवार को विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप-बी मैच में अंपायर के साथ बदसलूकी की। ओझा के मैदान पर खराब बर्ताव की वजह से मुकाबला करीब 20 मिनट तक रुका भी रहा। इस मुकाबले में ओझा की टीम मध्यप्रदेश को दिल्ली के हाथों करारी शिकस्त भी झेलनी पड़ी।
दिल्ली ने ग्रुप बी के मैच में मध्यप्रदेश को 75 रन से मात दी। गौतम गंभीर के नेतृत्व वाली दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी की और नितीश राणा (98 गेंद, 10 चौके, 3 छक्के, 107 रन) के शतक की मदद से निर्धारित 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 284 रन बनाए। जवाब में मध्यप्रदेश की पूरी टीम 42.4 ओवर में 209 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
इस जीत के साथ ही दिल्ली के कुल 22 अंक हो गए हैं और वह क्वार्टरफाइनल में जगह बनाने में कामयाब हो चुकी है। नमन का अंपायर के साथ विवाद पारी के 28वें ओवर में हुआ।
इस बल्लेबाज के विकेट पर हुआ बवाल
नितीश राणा के विकेट से यह पूरा मामला जुड़ा रहा। स्पिनर रमीज खान की गेंद पर राणा ने स्वीप शॉट खेला और स्क्वायर लेग पर मुस्तैद फील्डर ने कैच लपक लिया। मप्र के खिलाड़ी विकेट का जश्न मनाने लगे जबकि राणा क्रीज पर खड़े रहे।
अंपायर राजीव गोदरा ने स्क्वायर लेग अंपायर नवदीप सिंह के साथ चर्चा की और तीसरे अंपायर से निर्णायक फैसला देने का इशारा किया। रीप्ले देखने वाले अंपायर ने नितीश राणा को नॉटआउट करार दिया, जिसके बाद ओझा अपना आपा खो बैठे।
टीम इंडिया के लिए एक टेस्ट, एक वन-डे और दो टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके ओझा ने गुस्से में आकर अंपायर गोदरा की तरफ उंगली दिखाई और उनकी क्षमता पर सवाल खड़े किए। वह अंपायर से झड़प करने लगे, जिसकी वजह से मैच करीब 20 मिनट तक रुका रहा।
मैच रेफरी गोयल ने मैदान पर आकर मामला संभाला और फिर मैच आगे बढ़ा। ओझा पर कड़ी सजा मिलने का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि उन्होंने खेल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है।
बहरहाल, मैच दोबारा शुरू हुआ और दिल्ली ने मध्यप्रदेश को 285 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया। इसका पीछा करते हुए मध्यप्रदेश की टीम केवल 209 रन पर ढेर हो गई।