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मुस्तफिजुर को लेकर विवाद क्यों?: शाहरुख को गद्दार कहने से बांग्लादेशी खिलाड़ी की IPL से छुट्टी तक, कब-क्या हुआ
Sat, 03 Jan 2026 02:03 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 03 Jan 2026 02:03 PM IST
सार
Mustafizur Rahman IPL Controversy: बांग्लादेश के खिलाफ मुस्तफिजुर रहमान को लेकर पिछले कई दिनों से चर्चा जारी है। मुस्तफिजुर को केकेआर ने मिनी नीलामी में खरीदा था और इसके बाद से ही विवाद शुरू हो गया था। अब बीसीसीआई ने कोलकाता फ्रेंचाइजी को निर्देश भी दे दिए हैं। आइए जानते हैं मुस्तफिजुर को लेकर विवाद की शुरुआत कहां से हुई और किसने क्या कहा?
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आईपीएल 2026
- फोटो : अमर उजाला ग्रॉफिक्स
विस्तार
बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल नीलामी में खरीदने पर लगातार विवाद हुआ। कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने 16 दिसंबर 2025 को अबुधाबी में आईपीएल 2026 के लिए हुई मिनी नीलामी में मुस्तफिजुर को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि, बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में लेने पर केकेआर और उसके मालिक बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की जमकर आलोचना की गई थी। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) भी सामने आया और आखिरकार उसने केकेआर से मुस्तफिजुर को रिलीज करने कहा। इस मामले को लेकर सबसे ज्यादा अगर किसी की आलोचना हुई तो वह शाहरुख ही थे। बीसीसीआई ने विवाद बढ़ता देख हस्तक्षेप किया और मामले को सुलझाने की कोशिश की है, लेकिन आइए जानते हैं कि मुस्तफिजुर को लेकर आखिरकार विवाद इतना क्यों बढ़ा और किस कारण शाहरुख को गद्दार तक कहा गया...
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बांग्लादेशी खिलाड़ियों के खेलने पर क्यों हो रहा विवाद?
मुस्तफिजुर रहमान पहले भी आईपीएल का हिस्सा रहे हैं और कई फ्रेंचाइजी के लिए खेल चुके हैं। लेकिन इस बार ही उनके खेलने पर बवाल हो रहा है। ऐसा नहीं है कि हमेशा ही बांग्लादेश के खिलाड़ियों को लेकर रोष देखने को मिला है। दरअसल, इसकी पूरी जड़ बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा की घटनाएं हैं। हाल के महीनों में बांग्लादेश से आई इन खबरों ने भारत में चिंता बढ़ाई है। इस कारण ही भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में कुछ दिनों में टकरार देखने मिली है। इन्हीं घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा और शिवसेना के कई नेताओं ने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खेलने देने पर सवाल खड़े किए थे। मुस्तफिजुर को खरीदने पर राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली। जहां कुछ नेता इसे देशद्रोह से जोड़ रहे हैं, वहीं कई राजनीतिक दल और नेता शाहरुख खान के समर्थन में खुलकर सामने आए थे।
मुस्तफिजुर रहमान पहले भी आईपीएल का हिस्सा रहे हैं और कई फ्रेंचाइजी के लिए खेल चुके हैं। लेकिन इस बार ही उनके खेलने पर बवाल हो रहा है। ऐसा नहीं है कि हमेशा ही बांग्लादेश के खिलाड़ियों को लेकर रोष देखने को मिला है। दरअसल, इसकी पूरी जड़ बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा की घटनाएं हैं। हाल के महीनों में बांग्लादेश से आई इन खबरों ने भारत में चिंता बढ़ाई है। इस कारण ही भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में कुछ दिनों में टकरार देखने मिली है। इन्हीं घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा और शिवसेना के कई नेताओं ने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खेलने देने पर सवाल खड़े किए थे। मुस्तफिजुर को खरीदने पर राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली। जहां कुछ नेता इसे देशद्रोह से जोड़ रहे हैं, वहीं कई राजनीतिक दल और नेता शाहरुख खान के समर्थन में खुलकर सामने आए थे।
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मुस्तफिजुर को लेने के लिए दिखी थी होड़
मुस्तफिजुर को लेकर किस राजनीतिक दल के नेता या कथावाचक ने शाहरुख पर किस तरह निशाना साधा था, उससे पहले ये जानना जरूरी है कि विवाद की शुरुआत आखिर कहां से हुई। मुस्तफिजुर आईपीएल नीलामी के लिए पंजीकृत खिलाड़ियों में शामिल थे। ऐसा नहीं है कि मुस्तफिजुर एकमात्र बांग्लादेशी खिलाड़ी थे जो आईपीएल नीलामी में उतरे थे। इस बार बांग्लादेश के कुल सात खिलाड़ी थे जो ऑक्शन टेबल पर उतरे। इन खिलाड़ियों में रिशाद हुसैन, तस्कीन अहमद, तंजीम हसन साकिब, नाहिद राणा, रकीबुल हसन, मोहम्मद शोरिफुल इस्लाम और मुस्तफिजुर रहमान शामिल थे। इनमें से केवल मुस्तफिजुर को ही खरीदार मिला था। मुस्तफिजुर को लेने के लिए केकेआर और चेन्नई सुपर किंग्स (केकेआर) के बीच होड़ देखने मिली थी और अंत में केकेआर मोटी कीमत पर इस बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेने में सफल रहा था। मुस्तफिजुर का आधार मूल्य दो करोड़ रुपये था, लेकिन केकेआर ने इस बांग्लादेश खिलाड़ी के लिए 9.20 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
मुस्तफिजुर को लेकर किस राजनीतिक दल के नेता या कथावाचक ने शाहरुख पर किस तरह निशाना साधा था, उससे पहले ये जानना जरूरी है कि विवाद की शुरुआत आखिर कहां से हुई। मुस्तफिजुर आईपीएल नीलामी के लिए पंजीकृत खिलाड़ियों में शामिल थे। ऐसा नहीं है कि मुस्तफिजुर एकमात्र बांग्लादेशी खिलाड़ी थे जो आईपीएल नीलामी में उतरे थे। इस बार बांग्लादेश के कुल सात खिलाड़ी थे जो ऑक्शन टेबल पर उतरे। इन खिलाड़ियों में रिशाद हुसैन, तस्कीन अहमद, तंजीम हसन साकिब, नाहिद राणा, रकीबुल हसन, मोहम्मद शोरिफुल इस्लाम और मुस्तफिजुर रहमान शामिल थे। इनमें से केवल मुस्तफिजुर को ही खरीदार मिला था। मुस्तफिजुर को लेने के लिए केकेआर और चेन्नई सुपर किंग्स (केकेआर) के बीच होड़ देखने मिली थी और अंत में केकेआर मोटी कीमत पर इस बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेने में सफल रहा था। मुस्तफिजुर का आधार मूल्य दो करोड़ रुपये था, लेकिन केकेआर ने इस बांग्लादेश खिलाड़ी के लिए 9.20 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
कहां से उठे थे विरोध के स्वर
अब आइए जानते हैं कि आखिरकार मुस्तफिजुर को लेकर विरोध के स्वर आखिर कहां से उठे थे। आईपीएल नीलामी में जैसे ही केकेआर ने मुस्तफिजुर को खरीदा उसके बाद से ही सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने शाहरुख खान को घेरना शुरू कर दिया गया था। इसके बाद खबर आई कि दीपू चंद्र दास की 18 दिसंबर की रात ढाका-मयमनसिंह हाईवे के पास जामिरदिया दुबलियापारा इलाके में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव को पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई। इस घटना के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए। इसी मामले को लेकर एक बार फिर केकेआर में मुस्तफिजुर के खेलने पर विरोध शुरू हुआ जो देखते ही देखते बढ़ने लगा।
सबसे पहले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता संगीत सोम ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। इन्होंने शाहरुख खान को भी घेरा था। देवकीनंदन ठाकुर ने सुझाव दिया था कि केकेआर प्रबंधन को मुस्तफिजुर को हटाकर उसकी नीलामी राशि हिंदू पीड़ितों के परिवारों को देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि मौजूदा हालात में बांग्लादेशी खिलाड़ियों का बहिष्कार एक संदेश देने के लिए जरूरी है।
भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने भी शाहरुख खान पर सीधा हमला बोला था। संगीत सोम ने अभिनेता को गद्दार बताते हुए कहा था कि देश ने उन्हें पहचान दी है और अब ऐसे लोगों की देश को जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश में हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, उनकी हत्या की जा रही है, उन्हें मारा-पीटा जा रहा है। वहां के खिलाड़ियों को खरीदना देशद्रोह है।
अब आइए जानते हैं कि आखिरकार मुस्तफिजुर को लेकर विरोध के स्वर आखिर कहां से उठे थे। आईपीएल नीलामी में जैसे ही केकेआर ने मुस्तफिजुर को खरीदा उसके बाद से ही सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने शाहरुख खान को घेरना शुरू कर दिया गया था। इसके बाद खबर आई कि दीपू चंद्र दास की 18 दिसंबर की रात ढाका-मयमनसिंह हाईवे के पास जामिरदिया दुबलियापारा इलाके में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव को पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई। इस घटना के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए। इसी मामले को लेकर एक बार फिर केकेआर में मुस्तफिजुर के खेलने पर विरोध शुरू हुआ जो देखते ही देखते बढ़ने लगा।
सबसे पहले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता संगीत सोम ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। इन्होंने शाहरुख खान को भी घेरा था। देवकीनंदन ठाकुर ने सुझाव दिया था कि केकेआर प्रबंधन को मुस्तफिजुर को हटाकर उसकी नीलामी राशि हिंदू पीड़ितों के परिवारों को देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि मौजूदा हालात में बांग्लादेशी खिलाड़ियों का बहिष्कार एक संदेश देने के लिए जरूरी है।
भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने भी शाहरुख खान पर सीधा हमला बोला था। संगीत सोम ने अभिनेता को गद्दार बताते हुए कहा था कि देश ने उन्हें पहचान दी है और अब ऐसे लोगों की देश को जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश में हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, उनकी हत्या की जा रही है, उन्हें मारा-पीटा जा रहा है। वहां के खिलाड़ियों को खरीदना देशद्रोह है।
स्वामी रामभद्राचार्य ने शाहरुख पर की थी तीखी टिप्पणी
कथावाचक जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने भी शाहरुख खान पर बांग्लादेशी क्रिकेटर को अपनी आईपीएल टीम में शामिल किए जाने पर निशाना साधा था। रामभद्राचार्य से जब शाहरुख को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल में खिलाने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। कथावचक ने कहा था, ‘शाहरुख खान कोई हीरो नहीं हैं। उसका कोई चरित्र नहीं है। इसमें कोई नई बात नहीं है। उसके सारे काम एक गद्दार जैसे रहे हैं। उसके सारे कृत्य हमेशा से देश विरोधी रहे हैं।’
कथावाचक जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने भी शाहरुख खान पर बांग्लादेशी क्रिकेटर को अपनी आईपीएल टीम में शामिल किए जाने पर निशाना साधा था। रामभद्राचार्य से जब शाहरुख को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल में खिलाने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। कथावचक ने कहा था, ‘शाहरुख खान कोई हीरो नहीं हैं। उसका कोई चरित्र नहीं है। इसमें कोई नई बात नहीं है। उसके सारे काम एक गद्दार जैसे रहे हैं। उसके सारे कृत्य हमेशा से देश विरोधी रहे हैं।’
समर्थन में भी उठी थीं आवाजें
मुस्तफिजुर के बहाने शाहरुख पर निशाना साधा गया, लेकिन इन सबके बीच शाहरुख खान के समर्थन में भी कई सियासी आवाजें उठी थीं। कांग्रेस नेता भाई जगताप ने आरोप लगाया था कि शाहरुख खान को उनकी मुस्लिम पहचान की वजह से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया था कि जब भारत अब भी पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलता है, तो फिर इस मुद्दे पर दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है। जगताप ने यह भी साफ किया था कि आईपीएल टीम का चयन एक प्रक्रिया के तहत होता है और शाहरुख खान अकेले किसी खिलाड़ी का फैसला नहीं लेते। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने भी इस मुद्दे के राजनीतिकरण पर सवाल उठाए थे। समाजवादी पार्टी नेता अबू आजमी ने कहा था कि किसी खिलाड़ी को उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर कटघरे में खड़ा करना नफरत फैलाने जैसा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने भी केंद्र सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया था। तमाम विरोध के बीच शाहरुख ने इस मामले में चुप्पी साधे रखी।
मुस्तफिजुर के बहाने शाहरुख पर निशाना साधा गया, लेकिन इन सबके बीच शाहरुख खान के समर्थन में भी कई सियासी आवाजें उठी थीं। कांग्रेस नेता भाई जगताप ने आरोप लगाया था कि शाहरुख खान को उनकी मुस्लिम पहचान की वजह से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया था कि जब भारत अब भी पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलता है, तो फिर इस मुद्दे पर दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है। जगताप ने यह भी साफ किया था कि आईपीएल टीम का चयन एक प्रक्रिया के तहत होता है और शाहरुख खान अकेले किसी खिलाड़ी का फैसला नहीं लेते। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने भी इस मुद्दे के राजनीतिकरण पर सवाल उठाए थे। समाजवादी पार्टी नेता अबू आजमी ने कहा था कि किसी खिलाड़ी को उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर कटघरे में खड़ा करना नफरत फैलाने जैसा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने भी केंद्र सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया था। तमाम विरोध के बीच शाहरुख ने इस मामले में चुप्पी साधे रखी।
आखिरकार बीसीसीआई को करना पड़ा हस्तक्षेप
विवाद को बढ़ता देख आखिरकार बीसीसीआई को भी इस मामले पर हस्तक्षेप करना पड़ा था। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर से बांग्लादेश के खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया। देवजीत सैकिया ने कहा, हाल ही में देश भर में चल रहे घटनाक्रमों के मद्देनजर, बीसीसीआई ने केकेआर फ्रेंचाइजी को निर्देश दिया है कि वे अपने एक खिलाड़ी, बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज कर दें। बीसीसीआई ने यह भी कहा है कि यदि केकेआर किसी रिप्लेसमेंट की मांग करता है, तो बीसीसीआई उसे इसकी अनुमति देगा।
विवाद को बढ़ता देख आखिरकार बीसीसीआई को भी इस मामले पर हस्तक्षेप करना पड़ा था। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर से बांग्लादेश के खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया। देवजीत सैकिया ने कहा, हाल ही में देश भर में चल रहे घटनाक्रमों के मद्देनजर, बीसीसीआई ने केकेआर फ्रेंचाइजी को निर्देश दिया है कि वे अपने एक खिलाड़ी, बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज कर दें। बीसीसीआई ने यह भी कहा है कि यदि केकेआर किसी रिप्लेसमेंट की मांग करता है, तो बीसीसीआई उसे इसकी अनुमति देगा।
संगीत सोम ने सनातनियों की जीत बताया
बीसीसीआई के निर्देश के बाद संगीत सोम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे सनातनियों की जीत बताया और साथ ही शाहरुख को नसीहत भी दे डाली। भाजपा नेता संगीत सोम ने कहा, 'बीसीसीआई ने जो निर्णय लिया है उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। ये भारत के सभी हिन्दुओं की जीत है, सनातनियों की जीत है। शाहरुख खान को समझ में आ गया है कि भारत में रहकर सनातनियों से पंगा लेना या सनातनियों के विरुद्ध चलना सही नहीं रहेगा। उन्हें समझ आ गया है कि देश के सैकड़ों करोड़ लोग सनातनी हैं, उन्होंने ही उन्हें शाहरुख खान बनाया है।'
बीसीसीआई के निर्देश के बाद संगीत सोम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे सनातनियों की जीत बताया और साथ ही शाहरुख को नसीहत भी दे डाली। भाजपा नेता संगीत सोम ने कहा, 'बीसीसीआई ने जो निर्णय लिया है उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। ये भारत के सभी हिन्दुओं की जीत है, सनातनियों की जीत है। शाहरुख खान को समझ में आ गया है कि भारत में रहकर सनातनियों से पंगा लेना या सनातनियों के विरुद्ध चलना सही नहीं रहेगा। उन्हें समझ आ गया है कि देश के सैकड़ों करोड़ लोग सनातनी हैं, उन्होंने ही उन्हें शाहरुख खान बनाया है।'
अब आगे क्या?
बीसीसीआई ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और केकेआर को निर्देश भी दे दिए हैं। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि इसके बाद आगे क्या होगा? केकेआर ने मुस्तफिजुर को लेने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए थे। बांग्लादेश के खिलाड़ी को इस तरह आईपीएल से बाहर करने के बाद अब यह भी देखना होगा कि क्या पाकिस्तानी खिलाड़ियों की तरह बांग्लादेशी खिलाड़ियों के भी आईपीएल में खेलने पर रोक लगेगी? या ये कार्रवाई सिर्फ मुस्तफिजुर तक ही सीमित रहेगी। वहीं, यह भी देखना होगा कि मुस्तफिजुर को हटाने के बाद अब यह विवाद थमता है या नहीं। आने वाले दिनों में इन सभी सवालों के जवाव मिलने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल यह तो तय है कि मुस्तफिजुर आईपीएल 2026 का हिस्सा नहीं होंगे।
बीसीसीआई ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और केकेआर को निर्देश भी दे दिए हैं। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि इसके बाद आगे क्या होगा? केकेआर ने मुस्तफिजुर को लेने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए थे। बांग्लादेश के खिलाड़ी को इस तरह आईपीएल से बाहर करने के बाद अब यह भी देखना होगा कि क्या पाकिस्तानी खिलाड़ियों की तरह बांग्लादेशी खिलाड़ियों के भी आईपीएल में खेलने पर रोक लगेगी? या ये कार्रवाई सिर्फ मुस्तफिजुर तक ही सीमित रहेगी। वहीं, यह भी देखना होगा कि मुस्तफिजुर को हटाने के बाद अब यह विवाद थमता है या नहीं। आने वाले दिनों में इन सभी सवालों के जवाव मिलने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल यह तो तय है कि मुस्तफिजुर आईपीएल 2026 का हिस्सा नहीं होंगे।