मेलबर्न में कोहली संग आए धोनी, पर बनाए रखी चुप्पी
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महेंद्र सिंह धोनी ने पिछले साल के अंतिम दिन से एक दिन पहले क्रिकेट जगत को यह कहकर चौंका दिया था कि वह तुरंत प्रभाव से टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रहे हैं। उन्होंने उस समय टेस्ट से संन्यास लेने का ऐलान किया जब टीम इंडिया ने विदेशी धरती पर एक और टेस्ट सीरीज में गंवा दिया था।
सबसे बड़ी बात यह रही कि उन्होंने मेलबर्न टेस्ट से पहले हुई प्रेस कॉंफ्रेंस के दौरान संन्यास लेने के बारे में कुछ भी जिक्र नहीं किया था, लेकिन मैच के बाद अचानक उन्होंने संन्यास लेने का फैसला करते हुए बीसीसीआई को मेल भेजा और वहां से दुनिया को पता चला कि धोनी ने टेस्ट को अलविदा कह दिया है।
धोनी ने आखिर अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला क्यों कर लिया, हर किसी ने अपने-अपने अंदाज में कयास लगाए जरूर लेकिन आसानी से किसी को यह बात हजम नहीं हो रही। उनकी जगह टेस्ट टीम की कमान विराट कोहली को सौंप भी दी गई। लेकिन धोनी ने तब भी कुछ नहीं कहा और आज सुबह मेलबर्न में जब टीम इंडिया की वर्ल्ड कप के लिए लाँच हुई नई जर्सी के दौरान इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं कहा।
कोहली के साथ मेलबर्न में नजर आए कप्तान धोनी
पिछले साल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद महेंद्र सिंह धोनी पहली बार टीम इंडिया को लीड करते नजर आए। ऑस्ट्रेलिया में खेली जानी वाली त्रिकोणीय वनडे सीरीज की पूर्वसंध्या पर टीम इंडिया ने नई जर्सी का अनावरण किया। वर्ल्ड कप के लिए खासतौर पर तैयार की गई जर्सी को इस वनडे सीरीज में भी पहना जाना है।
2011 में अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को वर्ल्ड कप दिलवाने वाले धोनी ने आज मीडिया से बात की जरूर लेकिन वह टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले पर कुछ भी कहने से बचने रहे और चुप्पी बनाए रखी। भले ही उन्होंने टेस्ट से संन्यास ले लिया हो लेकिन वह अभी भी भारत की वनडे और टी-20 टीम के कप्तान बने रहेंगे। नई जर्सी के अनावरण के मौके पर धोनी के साथ टीम के उपकप्तान विराट कोहली समेत 6 अन्य भारतीय खिलाड़ी मौजूद थे।
जब उनसे पूछा गया कि टेस्ट क्रिकेट के बाद उनका समय कैसे बीता तो उन्होंने कहा कि यह बहुत शानदार रहा। विदेशी धरती पर लगातार हार के बावजूद वह टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान बन हुए हैं। 60 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की अगुवाई करने वाले धोनी ने टीम को 27 मैचों में जीत दिलाई और 15 मैच ड्रॉ रहे बाकी 18 में उन्हें हार मिली।
अब उनकी नजर लगातार दूसरी बार टीम इंडिया को वर्ल्ड कप में खिताबी जीत पर लगी है और इस बार उनका दांव अनुभवी खिलाड़ियों की बजाए युवा और जोशिले क्रिकेटरों के साथ जीतने पर है।
नई जर्सी के लॉंचिंग अवसर धोनी ने कहा, "हम लोग निश्चित रूप से 2011 वाला प्रदर्शन दोहराएंगे। लेकिन बदली हुई परिस्थितियां कुछ कारक बन सकती हैं और हमें इसी हिसाब से खेलना होगा। हमने पिछले कुछ सालों से लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। हमें उम्मीद है कि हम 29 मार्च को होने वाले फाइनल मुकाबले में जरूर होंगे।"