2019 वर्ल्ड कप में जलवे बिखेरने को तैयार हैं माही, ऐसी है तैयारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्पोट्र्स गैलेक्सी का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि स्कूल में क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों की भी ट्रेनिंग दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब खिलाड़ियों को बहुत अधिक एक्सपोजर नहीं मिलता था। मगर आज एक छोटे से शहर का बच्चा अच्छा प्रदर्शन करता है तो मीडिया उसे हीरो बना देती है। उन्होंने बताया कि वह 2019 में इंग्लैंड में होने वाले वर्ल्ड कप में खेलने को पूरी तरह फिट है। धोनी ने यह भी कहा कि वह यदि फिट नहीं होते तो अब तक कैसे क्रिकेट खेल रहे होते।
धोनी ने इस दौरान खेलों में फिटनेस को लेकर बहुत कुछ बताया। उन्होंने कहा कि यदि आप फिट हैं तो यह तय है कि आप किसी भी खेल में पारंगत हो जाओगे। इसके लिए आपको बहुत अधिक समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि पहले तो मां-बाप अपने बच्चे को खेलने पर डांटते-फटकारते थे, मगर आज वह उनको लेकर खुद मैदान में जा रहे हैं।
भारत का पड़ोसी देश अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल सकेगा-धोनी
लखनऊ में आईपीएल मैच खेले जाने के सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आईपीएल में आठ फ्रेंचाइजी टीमें हैं, जो आमतौर पर अपने घर में खेलना पसंद करती हैं। लखनऊ को अभी तक किसी फ्रेंचाइजी टीम ने अपना होम ग्राउंड नहीं बनाया है, लेकिन इसमें परेशानी वाली कोई बात नहीं है। मेरे ख्याल से यहां आईपीएल की जगह इंटरनेशनल क्रिकेट होनी चाहिए, जो यूपी की क्रिकेट को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है। वैसे भी यूपी में तमाम प्रतिभाशाली खिलाड़ी है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवा चुके हैं और यहां से आगे भी इसी तरह के अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलते रहेंगे।
नेपाल को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दर्जा मिलने के सवाल पर धोनी ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि भारत का पड़ोसी देश अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल सकेगा। कुछ समय पूर्व वहां की टीम से मिला था। सभी बहुत मेहनती क्रिकेटर हैं। उनकी सफलता देखकर खुश हूं। नेपाल ही क्यों, अफगानिस्तान ने भी अपने प्रदर्शन से दिग्गज टीमों को प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा हम भारतीय, स्किल गेम्स में आगे हैं लेकिन फिटनेस में पिछड़ जाते हैं। किसी भी खेल के लिए प्रतिभा के साथ-साथ फिटनेस बेहतर होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वह क्रिकेटर न होते तो यकीनन फुटबॉलर या बैडमिंटन खिलाड़ी ही होते।