युवराज के 6 छक्कों वाली पारी हुई बेकार, नहीं मिली जीत
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आठ साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय कप्तान धोनी पहली बार घरेलू क्रिकेट खेलने उतरे लेकिन वह कुछ खास नहीं कर सके और दहाई भी पार न कर सके। हालांकि वो भले ही फ्लॉप हो गए हों लेकिन उनकी टीम ने शानदार जीत जरूर हासिल कर ली।
34 वर्षीय धोनी ने झारखंड के लिए आखिरी मैच वर्ष 2007 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेला था। उस वर्ष टीम इंडिया राहुल द्रविड़ की कप्तानी में बांग्लादेश और श्रीलंका से हारकर आईसीसी वर्ल्डकप में पहले ही दौर से बाहर हो गई थी। अब 8 साल के बाद धोनी पहली बार घरेलू क्रिकेट खेलने उतरे, लेकिन इस बार वो टीम में एक खिलाड़ी के रूप में हैं न कि कप्तान के रूप में। टीम की कमान तेज गेंदबाज वरुण एरोन के हाथों में है।
अलूर (कर्नाटक) में एक दिवसीय मुकाबलों के टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप-बी मुकाबले में जम्मू एंड कश्मीर के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए झारखंड टीम की भी शुरुआत बेहद खराब रही और उसने अपने शीर्ष 5 विकेट 96 रन पर ही गंवा दिए लेकिन गेंदबाजों ने टीम को हारने से बचा लिया।
हालांकि टीम इंडिया में उनके निशाने पर रहे धाकड़ बल्लेबाज युवराज सिंह ने एक अन्य मैच में लाजवाब पारी खेली लेकिन वह शतक से चूक गए। उन्होंने अपनी जोरदार पारी में 6 छक्कों के अलावा 6 चौके भी लगाए।
खास नहीं रही धोनी की 8 साल बाद वापसी पर जीत गई टीम
विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप-बी मुकाबले में जम्मू एंड कश्मीर के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला झारखंड के लिए सही नहीं रहा और 27.4 ओवर में सिर्फ 96 रनों के अंदर उसके 5 विकेट गिर गए थे। धोनी खुद 24 गेंद खेलकर 9 रन ही बनाकर आउट हो गए। वहीं टीम के एक अन्य विस्फोटक बल्लेबाज सौरव तिवारी भी कुछ नहीं कर सके और एक रन बनाकर रन आउट हो गए।
हालांकि झटकों के बीच झारखंड की टीम कौशल सिंह के अर्धशतक की बदौलत दो सौ के पार पहुंचने में सफल रही। कौशल ने 64 गेंदों में 53 रनों की पारी खेली। झारखंड की पूरी टीम 50 ओवर में 210 रन बनाकर आउट हो गई। जवाब में जम्मू एंड कश्मीर की टीम 50 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन ही बना सकी। वरुण एरोन की कप्तानी में झारखंड ने जम्मू एंड कश्मीर को 8 रन से हराया।
झारखंड ने आगामी व्यस्त सत्र के लिए भारत के टी-20 और वनडे टीम के कप्तान धोनी के पास तैयारी का यह सुनहरा मौका है। धोनी ने आखिरी बार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट मुंबई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज का पांचवां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था। भारत को आगे ऑस्ट्रेलिया में वनडे, श्रीलंका के खिलाफ टी-20 सीरीज, एशिया कप और आईसीसी टी-20 वर्ल्ड खेलना है। झारखंड के लिए हालांकि यह मुकाबला आसान नहीं होगा क्योंकि जम्मू एंड कश्मीर टीम में परवेज रसूल, शुभम खजूरिया, हरदीप सिंह व बंदीप सिंह जैसे कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं।
युवराज सिंह शतक से चूके तो टीम जीत से दूर रह गई
विजय हजारे ट्रॉफी के एक अन्य मुकाबले में पंजाब ने मुंबई के सामने जीत के लिए 255 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा जिसे मुंबई की टीम ने 46वें ओवर की पहली गेंद पर 5 विकेट रहते ही हासिल कर लिया। उसकी जीत में जय बिस्ता की 87 गेंदों में खेली गई 92 रनों की पारी का बड़ा योगदान रहा। उनके अलावा अभिषेक नायर ने 44 रनों की पारी खेली।
इससे पहले पंजाब की ओर से धाकड़ बल्लेबाज युवराज सिंह ने गजब की पारी खेली लेकिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने 19वें शतक से महज 7 रन से चूक गए। 93 रन पर आउट होने से पहले उन्होंने 6 चौके के अलावा 6 छक्के भी जड़े। उनके अलावा मंदीप सिंह ने 41 रनों की पारी खेली जबकि मुंबई के लिए धवल कुलकर्णी ने 3 विकेट निकाले।
दिल्ली ने भी मारी बाजी
विजय हजारे ट्रॉफी सीरीज के अन्य मैचों में दिल्ली ने बढ़ौदा के खिलाफ मैच में 31 रनों से बाजी मारी। दिल्ली के 7 विकेट पर 208 रनों के जवाब में बढ़ौदा 177 पर ऑलआउट हो गई।
वहीं, उत्तरप्रदेश ने हिमाचल प्रदेश के खिलाफ 7 विकेट से जीत हासिल की। हिमाचल प्रदेश के 8 विकेट पर 243 रनों के जवाब में उत्तरप्रदेश ने 48वें ओवर में ही बाजी मार ली।