जानते हैं आप, इस टेस्ट सीरीज में कुल कितने रन बने?
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चार मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले भी ऑस्ट्रेलिया जीत की प्रवल दावेदार मानी जा रही थी लेकिन एक हल्की सी उम्मीद यह भी थी कि युवा खिलाड़ियों से लबरेज टीम इंडिया भी जोरदार दमखम दिखाएगी।
परिणाम के आधार पर तो भारत 0-2 से यह टेस्ट सीरीज हार गया है लेकिन सीरीज के सभी चारों मैचों में उसने मेजबान टीम को कड़ी टक्कर दी। इतिहास पर नजर डाली जाए तो संभवतः पहली बार भारतीय टीम सीरीज के 4 में 3 मैच को अंतिम दिन तक ले गए।
सिडनी टेस्ट में रोमांचक ड्रॉ के साथ इस सीरीज का समापन हुआ। लेकिन इसे कई मायनों में याद भी किया जाएगा। खासकर दोनों टीमों के कप्तानों की धमाकेदार पारियों के लिए लिए जिन्होंने 4-4 शतक लगाए। इसके अलावा इस सीरीज से दोनों टीमों की ओर से 2-2 खिलाड़ियों को कप्तानी करने का मौका मिला।
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए यह आखिरी सीरीज साबित हुई तो करन शर्मा और लोकेश राहुल ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत इसी सीरीज से की। साथ ही यहीं से क्रिकेट जगत में विराट कोहली युग की शुरुआत भी हुई।
कप्तान कोहली और मुरली के नाम रिकॉर्ड दर्ज
फॉर्म में चल रहे भारतीय कप्तान विराट कोहली ने सीरीज की अपनी अंतिम पारी में 46 रन बनाए और इसके साथ उन्होंने सीरीज में कुल 692 रन बना लिए। वह 8 रन से 700 रनों के आंकड़े को छूने से रह गए। वह ऑस्ट्रेलिया में किसी टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।
कोहली किसी सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में तीसरे नंबर पर आ गए हैं। महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने 2-2 बार 700 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने यह कारनामा दोनों ही बाद वेस्टइंडीज (1971 और 1978-79) के खिलाफ किया है।
वहीं भारतीय ओपनर मुरली विजय ने भी एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। मुरली ने इस सीरीज 482 रन बनाए हैं जो ऑस्ट्रेलिया में किसी भारतीय ओपनर का सर्वाधिक रन है। साथ ही विदेशी धरती पर बतौर भारतीय ओपनर यह तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह रिकॉर्ड भी सुनील गावस्कर (1979 में इंग्लैंड के खिलाफ 542 रन और 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 774 रन) के नाम दर्ज है।
साथ ही मुरली ऑस्ट्रेलिया में बतौर ओपनर 5 अर्धशतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।
चार मैचों की सीरीज में खड़ा हुआ रनों का 'एवरेस्ट'
इस सीरीज को रनों के लिहाज से एवरेस्ट कहें तो गलत नहीं होगा। चार मैचों की टेस्ट सीरीज में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कुल कितने रन बने होंगे। नहीं न। हम आपको बताते हैं कि इस सीरीज में कुल कितने रन बने।
इस सीरीज ने चार मैचों या उससे कम मैचों की सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बना दिया। इस सीरीज कुल 5870 रन बने। इसके लिए बल्लेबाजों ने 9477 गेंदें खेलीं। वहीं गेंदबाजों ने इस दौरान 133 विकेट झटके। इसमें सबसे ज्यादा योगदान ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीवन स्मिथ ने दिया जिन्होंने 769 रन बनाए। इसके बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली के बल्ले से 692 रन निकले।
दिलचस्प यह है कि इससे पहले भी चार या उससे कम मैचों की सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई सीरीज में बना था। 2003 में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान दोनों टीमों ने 5651 रन बनाए थे।
ये हैं सीरीज के सबसे खर्चीले गेंदबाज
पिछले 20 सालों में सिडनी में दूसरी बार टेस्ट मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ है। इस दौरान कुल 22 टेस्ट मैच खेले गए और जिसमें मेजबान टीम ने 20 मैच जीते। साथ ही जो 2 मैच ड्रॉ हुए वो दोनों ही भारत के खिलाफ (2004 और 2015) ही हुए।
ऑस्ट्रेलियाई फिरकी गेंदबाज नाथन ल्योन (23 विकेट) ने भले ही इस सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों बन गए हों लेकिन एक रिकॉर्ड ऐसा भी उनके खाते में जुड़ गया जिसे वह जल्द ही अपने नाम से हटाना चाहेंगे। उन्होंने इस सीरीज में कुल 801 रन खर्च कर डाले।
यह बदनाम रिकॉर्ड है किसी सीरीज में एक पारी में सबसे ज्यादा बार 100 से ज्यादा रन लुटाने का रिकॉर्ड। उन्होंने इस सीरीज में 6 बार एक पारी में सौ से ज्यादा रन लुटाए।
उन्होंने 56 साल पहले भारतीय गेंदबाज सुभाष गुप्ते के बनाए रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। गुप्ते के खाते में यह अनचाहा रिकॉर्ड 1958-59 में जुड़ा जब वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने उनकी जमकर धुनाई और उन्होंने सीरीज में एक पारी में 6 बार सौ से ज्यादा रन लुटा दिए।