2008 सिडनी टेस्ट: बेईमानी और धोखे से भरी कहानी, 12 साल बाद अंपायर ने मांगी माफी
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इस टेस्ट की शुरुआत से ही भारत मैच में मजबूत था, लेकिन खराब अंपायरिंग टीम इंडिया को जीत से दूर करते गई। आखिरी यानी पांचवे दिन भारत ऑस्ट्रेलिया से हार गया। एक वक्त लग रहा था कि कुंबले एंड कंपनी यह मैच बचा लेगी, लेकिन तभी कप्तान रिकी पोंटिंग ने गेंद अपने खास सहयोगी माइकल क्लार्क को थमाई और पार्ट टाईम स्पिन गेंदबाजी करने वाले क्लार्क ने उस ओवर में तीन विकेट लेकर ड्रॉ की ओर बढ़ रहे टेस्ट मैच को ऑस्ट्रेलिया की झोली में डाल दिया, लेकिन यह जीत टेस्ट इतिहास की सबसे विवादित जीत है।
ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी पारी के दौरान काफी मुश्किल में थी। महज 135 रन पर टीम ने छह अहम विकेट गंवा दिए, लेकिन छठे नंबर पर आए एंड्र्यू साइमंड्स क्रीज पर अंगद की तरह जम गए। 226 गेंदों में नाबाद 162 रन की पारी खेली। मगर वह काफी पहले आउट हो जाते अगर स्टीव बकनर अपना काम ईमानदारी से कर रहे होते। महज 30 रन के स्कोर पर ईशांत की गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेटकीपर के पास पहुंची, लेकिन स्टीव बकनर ने उन्हें आउट नहीं दिया। इस जीवनदान का नुकसान यह हुआ कि ऑलआउट की ओर बढ़ रहा ऑस्ट्रेलिया 463 का स्कोर खड़ा कर गया।
जवाब में भारत ने भी दमदार खेल दिखाया। हालांकि भारतीय द्रविड़ के साथी ओपनर वसीम जाफर जिस गेंद पर आउट हुए वो गेंद भी नो बॉल थी, लेकिन अंपायर का ध्यान नहीं गया। सचिन तेंदुलकर (154) और वीवीएस लक्ष्मण (109) ने शानदार शतक ठोके। राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली के बाद अंत में हरभजन सिंह के भी अर्धशतक जमाया। भारत के पास पहली पारी के आधार पर 69 रन की बढ़त थी। अब यहां से असल ड्रामा शुरू होता है।
ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में 401 रन बना दिए इस तरह भारत को जीत के लिए 333 रन का लक्ष्य मिला। अंपायर स्टीव बकनर की गललियों का सिलसिला अभी थमा नहीं था। वसीम जाफर के फिर जल्दी आउट हो जाने के बाद गांगुली के साथ द्रविड़ बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन 34वें ओवर में 38 के स्कोर पर द्रविड़ को साइमंड्स की बॉल पर बकनर ने कैच आउट दे दिया, जबकि रिप्ले में दिखा कि गेंद द्रविड़ के बैट की बजाय पैड से लगकर गई थी। भारत को इस मैच में 122 रनों से हार मिली थी।