लॉर्ड्स के 'हीरो' रहे मोहम्मद कैफ ने अब रणजी में रचा इतिहास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
13 जुलाई 2002 में लॉर्ड्स में अपने लाजवाब खेल के दम पर टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाने मोहम्मद कैफ ने अब रणजी में इतिहास बना दिया है। लंबे समय से मैदान से दूर रहे टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज कैफ को छत्तीसगढ़ रणजी टीम का पहला कप्तान बनाया गया है।
छत्तीसगढ़ रणजी टीम आगामी सत्र से पहली बार देश के सबसे बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट में शिरकत करने जा रही है। टीम का कप्तान बनाए जाने पर खुशी जताते हुए पैफ ने ट्विटर पर पोस्ट किया, "छत्तीसगढ़ का पहला कप्तान चुने जाने पर बेहद खुशी हो रही है। नई यात्रा और युवा प्रतिभाओं के साथ आगे बढ़ने को लेकर काफी उत्साहित हूं।"
साथ ही कैफ ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के अधिकारी और टीम के कोच सुलक्षण कुलकर्णी के साथ ट्विटर पर एक फोटो भी साझा की है। कैफ एक बेहतरीन बल्लेबाज होने के साथ ही एक नायाब क्षेत्ररक्षक भी माने जाते थे। कैफ पिछले साल आंध्र की टीम से खेले थे। छत्तीसगढ़ उनकी तीसरी रणजी टीम (उत्तर प्रदेश और आंध्र) होगी।
Glad to be appointed Chhatisgarh's first captain. Exciting new journey, look forward to working with young talents. pic.twitter.com/sfSKLeEpRk
— Mohammad Kaif (@KaifSays) July 18, 2016
अंतरराष्ट्रीय करियर में कैफ ने जमाए हैं 3 शतक
अपने समय के बेजोड़ बल्लेबाज रहे मोहम्मद कैफ को 13 जुलाई 2002 में इंग्लैंड के लॉर्ड्स में नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत के सूत्रधार के रूप में जाना जाता है। उन्होंने उस मैच में नाबाद 87 रनों की पारी खेलकर टीम के 326 रनों के बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने में अपना अहम योगदान दिया था।
वह 10 साल पहले तक टीम इंडिया के साथ जुड़े हुए थे, लेकिन इस बीच घरेलू स्तर पर लगातार क्रिकेट भी खेलते रहे। उन्होंने टीम इंडिया के लिए 13 टेस्ट खेले हैं जिसमें 624 रन बनाए थे। उनकी बेस्ट पारी वेस्टइंडीज के खिलाफ रही जब उन्होंने 148 रन बनाए थे। वहीं वनडे क्रिकेट में वह काफी सफल रहे।
कैफ ने 32 की औसत से 125 वनडे मैच खेले जिसमें 110 पारियों में 2753 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 17 अर्धशतक लगाए हैं।