इस्लाम के लिए क्रिकेट भी छोड़ सकते हैं मोइन अली
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इंग्लैंड के ऑलराउंडर मोइन अली ने यह कहकर सभी को चौंका दिया कि उनके लिए धर्म बेहद खास है न कि क्रिकेट और इस्लाम के लिए वह इस खेल को भी छोड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस्लाम हमें तनाव से मुक्त रखता है और यही एक ऐसी चीच है जिससे हमें खुशी मिलती है। अली इस समय इंग्लैंड क्रिकेट टीम के स्थापित खिलाड़ी हैं।
मोइन ने अब तक इंग्लैंड के लिए 26 टेस्ट और 39 वनडे मैच खेले हैं जिसमें हर प्रारूप में 2-2 शतक भी लगाए हैं। साथ ही वह फिरकी गेंदबाजी भी करते हैं और टेस्ट में 66 और वनडे में 39 विकेट अपने खाते में शामिल किए हैं।
बीबीसी से बात करते हुए मोइन ने अपने धर्म के बारे में कहा, "मेरे दिमाग में यह बात हमेशा रहती है कि मैं इस्लाम, मुसलमानों और ब्रिटिश एशियंस का प्रतिनिधित्व करता हूं। यही मेरे लिए सकारात्मक चीज है। यह सबसे खास चीज है और मुझे इस पर विश्वास है।"
इंग्लैंड में अल्पसंख्यक के तौर रहना है मुश्किल
इस्लाम पर विश्वास के बारे में उन्होंने कहा, "हर चीज की सबसे खास बात यह है कि मैं इस्लाम के जरिए खुद को स्वतंत्र महसूस कर पाता हूं। क्रिकेट खास है लेकिन इस्लाम की तुलना में यह ज्यादा नहीं है। अगर कल को मुझे क्रिकेट को छोड़ना पड़े तो मेरे लिए बेहद आसान होगा।"
मोइन अली पिछले 2 साल से इंग्लैंड टीम का हिस्सा बने हुए हैं। वह इस समय पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में व्यस्त हैं। उनसे जब पूछा गया कि इंग्लैंड में एक अल्पसंख्यक के तौर पर कैसा लगता है तो उनका जवाब था कि यह कठिन है, ऐसा लगता है कि आपको अपने गार्ड के साथ रहना चाहिए। खुद उनके लिए यह जीवन का हिस्सा है और उन्हें उम्मीद है कि इससे भी निकल जाएंगे और फिर सब ठीक हो जाएगा।