11 साल की क्रिकेटर, जिस पर उसके ही साथी खिलाड़ी कसते हैं तंज
क्रिकेट सिर्फ लड़कों का खेल नहीं रह गया है। अब इस खेल में लड़कियां भी जोर-शोर से अपना दमखम लगा रही हैं। वह दिन दूर नहीं जब पुरुषों की तरह महिला क्रिकेट भी लोकप्रिय होगा और स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा होगा।
फिलहाल उस वक्त को आने में कुछ समय तो लगेगा ही। हम आपको आज एक ऐसी प्रतिभावान लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी उम्र बहुत ज्यादा नहीं है लेकिन वह जिस अंदाज से खेल रही है उससे कई लोग अचंभित हैं।
भारतीय मूल की मल्लिका हम्जा एक प्रतिभाशाली लेग-स्पिनर हैं जिनकी उम्र महज 11 साल की है और वह महिलाओं की सीनियर टीम के खिलाफ मुकाबले में भी उतर चुकी हैं।
वह दक्षिण अफ्रीका की हैं और टी-20 क्रिकेट में किसी अंतरराष्ट्रीय टीम के खिलाफ मुकाबले में उतरने वाली सबसे युवा क्रिकेटर भी हैं। साथ ही उन्होंने महज 10 साल की उम्र जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलते हुए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट झटका था।
बहुमुखी प्रतिभा की धनी मल्लिका दुनिया की ऐसी पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं जिनके साथ क्रिकेट उत्पाद से संबंधित प्रसिद्ध ब्रांड स्लेनगर ने रॉयल क्लब स्पॉंसरशिप के लिए करार किया है।
उनकी ही टीम के खिलाड़ी कसते हैं तंज
मल्लिका हम्जा क्रिकेट के अलावा हॉकी की भी बेहतरीन खिलाड़ी हैं। वह दक्षिण अफ्रीका में पेशेवर हॉकी खेलने वाली देश की सबसे युवा खिलाड़ी हैं। वह दो साल पहले महज 9 साल की उम्र में मिस्टर प्राइस स्पोर्ट से करार के साथ ही हॉकी की पेशेवर खिलाड़ी बन गई थी।
ज्यादातर प्रशंसक उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ उस मैच के लिए याद रखते हैं जिसमें मल्लिका को पहली बार गेंदबाजी करने का मौका मिला। उन्होंने अपने दूसरे ओवर में ही कमाल की गेंद डालकर अपने प्रशंसकों को अचंभित कर दिया। इस फिरकी गेंदबाज ने ऑफ स्टंप की दिशा में गेंद डाली जो तेजी से अंदर आते हुए मिडिल स्टंप को उड़ा ले गई।
डब्ल्यूपी सीनियर के लेडीज कोच कोबस रोडी कहते हैं कि मल्लिका एक बहुत ही प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं। उनका अनुमान है कि मल्लिका का क्रिकेट करियर काफी लंबा रहेगा। वह कहते हैं कि उस महिला क्रिकेटर के साथ काम करने को लेकर वह बहुत उत्साही हैं और उन्हें विश्वास है कि वह जल्द ही खुद को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार कर लेगी।
दूसरी ओर, एक अन्य अखबार (स्क्रॉल) लिखता है कि जब वह बल्लेबाजी कर रही होती हैं तो आसपास खड़े लड़के उस पर तंज भी कसते हैं। उसकी बैटिंग के दौरान विकेट के पीछे खड़ा विकेटकीपर अपने गेंदबाज से यह कहता है 'मेरी गर्लफ्रेंड को बाहर करो'।
हालांकि 9 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू करने वाली मल्लिका को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता और इससे उन्हें खुशी ही मिलती है। सिर्फ बल्लेबाजी के दौरान ही नहीं बल्कि गेंदबाजी के दौरान भी उन्हें तंज का सामना करना पड़ता है। जब वह विकेट झटकती हैं तो दोनों ओर से उस पर टिप्पणियां की जाती हैं। उनकी टीम के खिलाड़ी आउट हुए बल्लेबाज से कहते हैं, 'तुम एक लड़की की गेंद पर बोल्ड हो गए।'
लेकिन मल्लिका अपनी आयु वर्ग में लड़कियों के साथ-साथ लड़कों से भी कहीं बेहतर है। 2013-14 के सत्र में उन्होंने अपने वर्ग में क्लब की ओर से 6 में से 5 पुरस्कार हासिल किए थे। इन 5 खिताब में उसके पास बेस्ट बल्लेबाज, बेस्ट गेंदबाज और बेस्ट ऑलराउंडर का खिताब भी शामिल है। (फोटो-यूट्यूब से)
भारत के महाराष्ट्र से जुड़ा है इस खिलाड़ी का कनेक्शन
मल्लिका हम्जा ने 9 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। इस समय वह पांचवीं की छात्रा हैं और सितंबर, 2013 से लेकर अब तक वह कई टीमों की ओर से खेल चुकी हैं जिसमें उन्होंने 22 मैचों से 432 रन बनाए, साथ ही 47 विकेट भी झटके हैं।
इसमें से कुछ मैच उसने एक पुरुष टीम के साथ भी खेला है। वह सेंट अगस्टाइन के लिए खेल चुकी हैं जिसकी स्थापना 1899 में हुई थी। यह देश का सबसे पुराना क्लब हैं। इस क्लब से पॉल एडम्स जैसे बड़े क्रिकेटर निकले हैं।
उनके पिता बोएबी थिएटर से जुड़े हैं वह कहते हैं कि उनकी बेटी खेल की दीवानी है। हम्जा के परदादा महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के हरकोल गांव में पैदा हुए थे और 1923 में वे दक्षिण अफ्रीका चले गए। उस समय उनकी उम्र 16 साल की थी।