राजस्थान के विजयी रथ को 'चौथे' किले की तलाश
आईपीएल-8 की अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर विराजमान राजस्थान रॉयल्स की टीम लगातार तीन मैच जीतने के बाद सफलता के रथ पर सवार है। बृहस्पतिवार को अब सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ राजस्थान के सामने एक और जीत हासिल करने की चुनौती है। हालांकि डेविड वार्नर की अगुआई वाली हैदराबाद की टीम को अपने पहले मुकाबले में हार मिली थी, लेकिन दूसरे मैच में उसने रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर की मजबूत टीम को धुन दिया था।
इस जीत ने हैदराबाद की टीम में आत्मविश्वास भर दिया है जिसका फायदा उसे इस मुकाबले में मिल सकता है। राजस्थान को अभी अपने चोटिल और नियमित कप्तान शेन वाटसन की सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उनकी गैरमौजूदगी में युवा स्टीवन स्मिथ ने अपने काम को बखूबी अंजाम दिया है। टीम ने अपने पहले मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब को आसानी से मात दी, जबकि दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ अपने दूसरे मुकाबले में उसे 1 रन से बमुश्किल जीत मिली।
वहीं तीसरे मुकाबले में रॉयल्स ने मुंबई को बेहद आसानी से 7 विकेट से पराजित कर दिया। ओरेंज कैप पर बहुत कुछ निर्भर करता है जो स्टीवन स्मिथ के सिर की शोभा बढ़ा रही है। यह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर महज 3 मैचों में 122 रन बना चुका है। रॉयल्स के लिए नए खिलाड़ी भी अपनी भूमिका को अच्छी तरह अंजाम दे रहे हैं। इनमें दीपक हुड्डा भी शामिल हैं, जिनकी बदौलत टीम ने दिल्ली के खिलाफ मुकाबला अपने नाम करने में सफलता हासिल की।
क्या हैदराबाद रोक पाएगी राजस्थान का विजयी रथ
राजस्थान टीम में टिम साउदी और क्रिस मौरिस के रूप में उसका तेज गेंदबाजी आक्रमण कमाल का है। धवल कुलकर्णी, स्टुअर्ट बिन्नी और प्रवीण तांबे भी गेंदबाजी में अपनी भूमिका के साथ न्याय कर रहे हैं। ऑलराउंडर जेम्स फॉकनेर भी विपक्षी टीम के छक्के छुड़ाने में सक्षम हैं।
जहां तक गेंदबाजी आक्रमण की बात है तो फिर सनराइजर्स हैदराबाद भी कम नहीं। ट्रेंट बोल्ट, भुवनेश्वर कुमार और प्रवीण कुमार किसी मामले में राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाजों से पीछे नहीं हैं। बल्लेबाजी में इस टीम के पास वार्नर के अलावा शिखर धवन, केन विलियम्सन और लोकेश राहुल हैं।