पहले भी चोट ने ही दिलाई थी एंट्री और लगा दिया था शतक
यह अजीब इत्तेफाक है कि पिछली बार भी चोट ने ही मनीष पांडे को टीम इंडिया में जगह दिलाई थी और इस बार भी उन्हें इसी चोट से टीम में एंट्री मिली है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी वनडे में शानदार शतक के बाद लगने लगा था कि उनकी जगह टीम में पक्की हो गई है लेकिन उन्हें इस शानदार शतकीय पारी का कोई फायदा नहीं हुआ और उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
अपने इस यादगार प्रदर्शन के बाद से वह फिर टीम में लौट नहीं सके। तब उन्हें उम्मीद थी कि टी-20 टीम में जगह मिल जाएगी। लेकिन न श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज में जगह मिली और न ही एशिया कप में। और न ही टी-20 वर्ल्ड कप में वह 15 सदस्यीय टीम में जगह बना सके।
2016 की पहली जीत मनीष पांडे ने ही दिलाई थी
23 मार्च को लगातार हार के बाद सीरीज गंवाने के बाद टीम इंडिया ने तेजी से अपने खेल में सुधार लाया और मेजबान ऑस्ट्रेलिया को अंतिम मैच में धूल चटा ही दिया। बल्लेबाजों ने ही सिडनी
वनडे में टीम की लाज रखी और ऑस्ट्रेलिया के हाथों सूपड़ा साफ होने से बचा भी लिया। 2 गेंद शेष रहते शतकवीर मनीष पांडे के बल्ले ने विजयी रन निकला और भारत ने साल 2016 की पहली जीत का स्वाद भी चख लिया।
सिडनी में खेले गए पांचवें मैच में मनीष (नाबाद 104) के बल्ले ने 50वें ओवर की चौथी गेंद पर विजयी रन निकलने तक भारत ने 4 विकेट खोकर 331 रन बना लिए। मनीष ने अपनी पारी में महज 81 गेंदों में 8 चौके और एक छक्के से 104 रनों की पारी खेली। जबकि रोहित 99 रन बनाकर आउट हुए।