ऐतिहासिक जीत के साथ SA पहुंचा सेमीफाइनल में
वर्ल्ड कप के पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने कमाल का खेल दिखाया और 2000 के बाद किसी आईसीसी वनडे टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबले में पहली जीत के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।
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इस बड़ी और ऐतिहासिक जीत के साथ ही दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। अब उसका मुकाबला चौथे सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
सिडनी में खेले गए टूर्नामेंट के पहले नॉकआउट मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने 18 ओवरों में ही एक विकेट खोकर जरूरी 134 रनों के लक्ष्य को हासिल कर लिया। उसकी ओर से क्विंटन डी कॉक ने सर्वाधिक (नाबाद) 78 रन बनाए और फैफ डु प्लेसिस के साथ दूसरे विकेट के लिए अटूट 94 रनों की साझेदारी की। अफ्रीकी टीम ने 192 गेंद शेष रहते श्रीलंका को हराया जो वर्ल्ड कप इतिहास में गेंदों की लिहाज से सबसे बड़ी जीत भी है।
इससे पहले बल्लेबाजी करने का फैसला श्रीलंका को रास नहीं आया और लगातार झटकों का सामना करता रहा। बारिश के बाद खेल शुरू होने के थोड़ी देर बाद श्रीलंका की पूरी टीम 37.2 ओवर में 133 रन बनाकर आउट हो गई। पार्ट टाइम गेंदबाज जेपी डुमिनी ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए शानदार हैट्रिक भी बनाई। डुमिनी के अलावा इमरान ताहिर ने 4 विकेट झटके।
वर्ल्ड कप के बाद संन्यास लेने का ऐलान करने वाले कुमार संगकारा का यह अंतिम मैच साबित हुआ जिसमें वह 96 गेंदों में 45 रन बनाकर नौंवें विकेट के रूप में आउट हुए।
श्रीलंकी ने टूर्नामेंट के पहले नॉकआउट दौर के मुकाबले में रंगना हेराथ चोटिल होने के कारण टीम में शामिल नहीं किया हैं। उनकी जगह थारिंदू कौशल को अंतिम एकादश में शामिल किया गया। कौशल के करियर का यह पहला अंतरराष्ट्रीय मैच रहा। नॉकआउट दौर में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज करने वाले कौशल 1979 के बाद से दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने नॉकआउट दौर में अपना पहला वनडे मैच खेला। 1979 में सेमीफाइनल मैच में इंग्लैंड की ओर से वाएने लारकिंस ने अपने करियर का आगाज किया था।
फिरकी गेंदबाजी के आगे पस्त हो गई श्रीलंका की टीम
सिडनी में टूर्नामेंट के पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला श्रीलंका के लिए सुखद नहीं रहा और दूसरे ओवर से ही टीम को झटके लगने की शुरुआत हो गई। कुशल परेरा (3) और दिलशान तिलकरत्ने पारी की शुरुआत करने उतरे लेकिन पारी की 10वीं गेंद पर परेरा तेज गेंदबाज कायली एबॉट के ओवर में कैच आउट हो गए।
शुरुआती झटके के बाद श्रीलंकाई टीम की रन बनाने की गति बेहद धीमी हो गई और 5 ओवर में महज 6 रन ही बना सकी। इसी बीच पारी के पांचवें ओवर में दिलशान डेल स्टेन के शिकार बन गए। वह खाता भी नहीं खोल सके।
महज 5 ओवर के अंदर दोनों ओपनरों को गंवाने के बाद श्रीलंका बैकफुट पर चली गई और जिससे बेहद धीमे अंदाज में स्कोर आगे बढ़ा। लाहिरू थिरिमने और कुमार संगकारा ने 15वें ओवर में टीम को 50 के पार पहुंचाया जो टूर्नामेंट में यह श्रीलंका की ओर से अब तक की सबसे धीमी शुरुआत भी रही।। दोनों के बीच अभी 65 रनों की साझेदारी हुई थी कि थिरिमने 20वें ओवर में इमरान ताहिर की गेंद पर कॉटएंडबोल्ड हो गए। उन्होंने 41 रन बनाए।
टूर्नामेंट में 4 शतक लगाने वाले कुमार संगकारा क्रीज पर टिके जरूर रहे लेकिन उनकी बल्लेबाजी बहुत धीमी रही। हालांकि दूसरे छोर पर विकेटों के गिरने का सिलसिला चलता रहा। महेला जयवर्धने (4), कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (19) और थिषारा परेरा समेत निचला क्रम टीम को उपयोगी योगदान नहीं दे सके। इस बीच पार्ट टाइम गेंदबाज जेपी डुमिनी ने अपने 2 ओवर में लगामार 3 विकेट झटककर हैट्रिक बनाई। उनकी यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली हैट्रिक है।
मोर्ने मोर्कल ने 37वें ओवर की दूसरी गेंद पर संगकारा का बड़ा विकेट झटका। वह 96 गेंदों में 45 रन बनाकर आउट हुए। उनके आउट होते ही बारिश शुरू हो गई और खेल कुछ देर रूक गया।
'चोकर्स' सबसे बड़ी जीत के बाद अब खिताब से 2 जीत दूर
श्रीलंका से मिले 134 रनों के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका टीम ने अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की और 6 रन प्रति ओवर की स्ट्राइक रेट से सलामी बल्लेबाजों हाशिम अमला और क्विंटन डी कॉक ने बल्लेबाजी की। लेकिन मैच के 7वें ओवर में तेज गेंदबाज लसित मलिंगा ने अमला (16) को बाउंड्री पर कैच आउट कराकर अपनी टीम को पहली सफलता दिला दी।
अमला के आउट होने के बाद कॉक के साथ फैफ डु प्लेसिस ने पारी को आगे बढ़ाया। आसान लक्ष्य होने के चलते दोनों अफ्रीकी बल्लेबाजों ने आक्रामक खेल दिखाया और मैदान के चारों ओर शॉट लगाए।
श्रीलंकाई टीम ने आज के मैच के लिए अपना खास हथियार फिरकी गेंदबाज थारिंदू कौशल को उतारा लेकिन यह युवा गेंदबाज अपनी छाप नहीं छोड़ सका। वनडे में अपना डेब्यू कर रहे कौशल को मैच में एक भी सफलता नहीं मिली। हालांकि कौशल की गेंद को खेलने में दोनों बल्लेबाजों को थोड़ी मुश्किलें जरूर आईं लेकिन वह अपनी टीम को जीत दिलाने में असफल रहे।
इस बीच टूर्नामेंट में अब तक बुरी तरह से नाकाम रहे कॉक ने अपनी फिफ्टी जमाई और 50 रन पूरे किए। कॉक ने 18वें ओवर में चौका जड़कर अपनी टीम को बड़ी जीत दिलाकर सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। प्लेसिस (21) और कॉक (78) नाबाद रहे। अफ्रीकी टीम ने यह मैच 192 गेंदों के बड़े अंतर से जीता जो किसी नॉकआउट मैच में अब तक सबसे बड़ी जीत भी है।
उधर, श्रीलंका अपने सदाबहार बल्लेबाज कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने को जीत के साथ विदाई देने में नाकाम रही। इन दोनों ने पहले ही वर्ल्ड कप के बाद संन्यास लेने का ऐलान कर रखा था।