न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 226 गेंद शेष रहते हराया
वेलिंगटन में खेले गए वर्ल्ड कप के नौंवें मुकाबले में जहां इंग्लैंड की पूरी टीम महज 123 रन बनाकर आउट हो गई और तेज गेंदबाज टिम साउदी (33/7) का सामना भी नहीं कर सकी। वहीं किवी टीम के कप्तान ब्रैंडन मैकुलम ने आतिशी पारी खेलकर वर्ल्ड कप में सबसे तेज फिफ्टी जमाने का अपना ही रिकॉर्ड और बेहतर किया।
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न्यूजीलैंड ने 123 रनों के छोटे से लक्ष्य के जवाब में आतिशी शुरुआत की और महज 12.2 ओवर में ही 2 विकेट के नुकसान पर 125 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। साउदी के झटकों के बाद न्यूजीलैंड के कप्तान ब्रैंडन मैकुलम (77 रन, 25 गेंद) ने आतिशी बल्लेबाजी का नजारा पेश किया और महज 18 गेंदों में फिफ्टी ठोंककर वर्ल्ड कप की सबसे तेज अर्धशतकीय पारी खेलने का रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके के अलावा 7 छक्के भी लगाए। क्रिस वोग्स ने इंग्लैंड को 2 सफलता दिलाई।
इससे पहले इंग्लैंड की पूरी 33.2 ओवर में 123 रन बनाकर आउट हो गई। जोए रुट (46) ने कुछ हद तक न्यूजीलैंड के आक्रमण का डटकर सामना किया। लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी का अच्छा साथ नहीं मिला। शीर्ष और मध्य क्रम की नाकामी के बाद टीम के पुछल्ले बल्लेबाज भी नहीं चले और 19 रन के अंदर 7 विकेट गिर गए। साउदी ने 33 रन देकर 7 विकेट झटके।
मेजबान न्यूजीलैंड की टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत है और इस जीत के साथ वह अगले चरण में भी पहुंच गया है। जबकि इंग्लैंड की यह लगातार दूसरी हार है। उसने अपने दोनों मैच मेजबानों के हाथों गंवाए हैं। ऑस्ट्रेलिया ने उसे अपने पहले मैच में हराया था।
महज 19 रन के अंदर इंग्लैंड के गिरे 7 विकेट
इससे पहले टॉस जीतकर इंग्लैंड का पहले बल्लेबाजी करने का फैसला टिम साउदी के कहर के आगे गलत साबित हो गया। न्यूजीलैंड के इस अनुभवी तेज गेंदबाज ने 5वें ओवर की पहली गेंद पर इयान बेल (8) को बोल्ड कर विकेट लेने का जो सिलसिला शुरू किया उसे लगातार बनाए रखा। बेल के साथ ओपनिंग करने आए मोइन अली (20) ने उनके आउट होने के तुंरत बाद अगली लगातार 3 गेंदों पर 3 चौके लगाए। लेकिन वह भी सातवें ओवर में साउदी की ही गेंद पर बोल्ड हो गए।
इंग्लैंड को तीसरा झटका 14वें ओवर में गैरी बैलेंस के रूप में लगा, जब वह 10 रन बनाकर तेज गेंदबाज ट्रेंट बॉल्ट की गेंद पर कैच आउट हो गए। मेहमान टीम का स्कोर इस समय था 3 विकेट पर 57 रन। इसके बाद जोए रुट ने कप्तान इयोन मोर्गन के साथ चौथे विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी कर टीम का स्कोर सौ के पार पहुंचा दिया। लेकिन अपनी पिछली 7 पारियों में 4 बार शून्य पर आउट होने वाले मोर्गन यहां भी ज्यादा देर तक टिके नहीं रह सके और महज 17 रन के निजी स्कोर पर डैनिएल विटोरी की गेंद पर कैच आउट हो गए।
जब वह आउट हुए तो टीम का स्कोर 26 ओवर में 4 विकेट पर 104 रन था। लेकिन इसके बाद इंग्लैंड के लिए कुछ भी अच्छा नहीं हुआ और 6 रन के अंदर 4 विकेट गंवा दिए। अगले ही ओवर (27वां) में उसे एक और झटका लगा जब पिछले मैच में शतक से दूर रह जाने वाले जेम्स टेलर (0) खाता खोले बगैर ही साउदी की गेंद पर बोल्ड हो गए।
साउदी ने अपना कहर जारी रखा और अपने अगले ओवर में उन्होंने 4 गेंद के अंदर जोस बटलर (3) और क्रिस वोग्स (1) को पवेलियन की राह दिखाकर इंग्लैंड को गहर संकट में डाल दिया। इसके साथ ही उन्होंने अपने 5 विकेट हासिल कर लिए।
शीर्ष और मध्य क्रम की नाकामी के बाद पुछल्ले बल्लेबाज भी टीम को राहत नहीं दे सके और लगातार विकेट गिरते चले गए। इंग्लैंड की पारी के 7 विकेट महज 19 रनों के अंदर ही गिर गए। साउदी ने 33 रन देकर 7 विकेट झटके जिसमें 4 बल्लेबाज तो बोल्ड हुए। जबकि ट्रेंट बॉल्ट, विटोरी और एडम मिलने को एक-एक विकेट हासिल हुआ। इंग्लैंड की ओर से जोए रुट ने सर्वाधिक 46 रन बनाए और वह अंतिम विकेट के रूप में आउट हुए। इंग्लैंड की पारी में कुल 9 चौके ही लगे।
इंग्लैंड का 32 साल का इंतजार और बढ़ा
इस मैच में उतरने से पहले इंग्लैंड टीम के जेहन में हर हाल में मुकाबले में जीत हासिल करने का लक्ष्य था क्योंकि पिछले 32 सालों से टूर्नामेंट के इतिहास में वह न्यूजीलैंड से नहीं जीत हासिल कर सकी है। इंग्लैंड ने 1983 के वर्ल्ड कप में आखिरी बार न्यूजीलैंड को हराया था लेकिन इसके बाद उसे किवी टीम पर कभी विजय हासिल नहीं हुई। इसके बाद दोनों टीमों के बीच 4 बार भिड़ंत हुई लेकिन चारों ही बार मुकाबला न्यूजीलैंड के पक्ष में गया था।
लेकिन आज के इस मैच में टिम साउदी की कहर के आगे इंग्लैंड 34 ओवर के अंदर महज 123 रन बनाकर आउट हो गया। न्यूजीलैंड को जीत के लिए मिले 124 रनों के छोटे से लक्ष्य को कप्तान ब्रैंडन मैकुलम (77 रन, 25 गेंद) की आतिशी पारी ने और भी छोटा कर दिया। मैकुलम मार्टिन गुप्टिल के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे, लेकिन उनकी धुआंधार पारी देखकर गुप्टिल ने शांति बनाए रखी।
मैकुलम ने दूसरे ओवर से अपनी तेज बल्लेबाजी शुरू की, उन्होंने स्टीवन फिन के एक ओवर में लगातार 4 छक्के भी जड़े। इससे पहले उन्होंने फिन के ही ओवर में 2 चौके और 2 छक्के की मदद से 20 रन बटोर लिए थे। उनके पास सबसे तेज 16 गेंदों में अर्धशतक जड़ने का मौका था लेकिन वह 18 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर सके। यह वर्ल्ड कप में सबसे तेज अर्धशतकीय पारी है।
उन्होंने 2007 में कनाडा के खिलाफ वर्ल्ड कप में 20 गेंदों में अर्धशतक लगाया था, इस तरह से उन्होंने अपना ही 8 साल पुराना रिकॉर्ड 2 गेंद शेष रहते तोड़ दिया। उन्होंने महज 21 गेंदों में 72 रन बना लिए थे और अब उनके पास अगले 9 गेंदों में 28 रन बनाकर सबसे तेज शतक जड़ने का रिकॉर्ड था लेकिन क्रिस वोग्स ने उन्हें आठवें ओवर में बोल्ड कर शतक ठोंकने के सपने को तोड़ दिया। इसके बाद वोग्स ने गुप्टिल (22) को भी बोल्ड कर टीम की हार को कुछ देर तक दूर रखा। वोग्स ही थोड़े कीफायती गेंदबाज साबित हुए जिन्होंने 3 ओवर में एक मेडन के साथ 8 रन देकर 2 विकेट झटके।
मैकुलम की आतिशी पारी का ही कमाल था कि किवी टीम ने इंग्लैंड के दिए लक्ष्य को 13वें ओवर में ही 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया।