'अजेय' टीम इंडिया ने पाक पर लगाया जीत का 'छक्का'
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वर्ल्ड कप के महामुकाबले में टीम इंडिया ने अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड को बरकारार रखते हुए पाकिस्तान को 76 रनों से हरा दिया। वर्ल्ड कप इतिहास में भारत की पिछले 23 सालों में पाक पर यह लगातार छठी जीत भी है।
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टीम इंडिया से मिले 301 रनों के विशाल लक्ष्य के जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम 47 ओवर में 224 रन बनाकर आउट हो गई। उसकी ओर से कप्तान मिस्बाह उल हक ने सर्वाधिक 76 रन बनाए। जबकि भारत की ओर से मोहम्मद शमी ने लाजवाब गेंदबाजी करते हुए 35 रन देकर 4 विकेट झटके। शमी के अलावा उमेश यादव और मोहित शर्मा ने 2-2 विकेट झटके।
इससे पहले भारत ने 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 300 रन बनाए। उसकी ओर से कोहली ने सर्वाधिक 107 रनों (8 चौका) की पारी खेली। कोहली के अलावा सुरेश रैना ने 56 गेंदों में 74 रन (5 चौका और 3 छक्का) बनाए। धवन ने 73 रनों की पारी खेली।
पाक पर भारत की यह जीत इस मायने में भी खास है क्योंकि नवंबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम इंडिया की इस दौरे पर किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में पहली जीत है। भारत ने वर्ल्ड कप में पाक को हराने का जो सिलसिला 1992 में शुरू किया था उसे इस बार भी बचाए रखा। 1992, 1996, 1999, 2003 और 2011 के बाद इस बार भी जीत के रथ को आगे बढ़ाते हुए टीम ने जीत का छक्का लगा दिया।
वर्ल्ड कप इतिहास में पाकिस्तान के खिलाफ शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने आज अपने करियर का 22वां शतक लगाया। इसके अलावा उन्होंने शिखर धवन (73) के साथ दूसरे विकेट के लिए 129 रनों की और फिर सुरेश रैना के साथ तीसरे विकेट के लिए 110 रनों की शतकीय साझेदारी निभाई।
पाकिस्तान की ओर से तेज गेंदबाज सोहैल खान ने 5 विकेट झटके। भारत ने 49वें (अंतिम गेंद) और 50वें (शुरुआती 2 गेंदों पर) ओवर में मिलाकर लगातार 3 गेंदों पर 3 विकेट गंवाए।
रोहित के बाद -कोहली धवन में हुई शतकीय साझेदारी
टॉस जीतकर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। भारतीय पारी की शुरुआत करने रोहित शर्मा और शिखर धवन क्रीज पर आए। दोनों ने सधी शुरुआत करते हुए पारी को आगे बढ़ाया और जल्द ही दोनों क्रीज पर जम भी गए। अब तक आउट ऑफ फॉर्म रहे धवन ने लय हासिल कर ली।
लेकिन बड़ी पारी खेलने में माहिर हो रहे रोहित शर्मा ने आठवें ओवर में सोहैल खान की तीसरी गेंद पर शॉर्ट गेंद को पुल करने के चक्कर में खराब शॉट खेल बैठे और वह मिस्बाह उल हक के हाथों लपके गए। रोहित 15 रन बनाकर वापस लौटे।
पहला झटका लगने के बाद धवन का साथ उपकप्तान विराट कोहली क्रीज पर आए और दोनों ने संयम दिखाते हुए भारतीय पारी को आगे बढ़ाया। हालांकि कोहली को शुरुआत में ही एक बेहद आसान जीवनदान मिला था जिसका फायदा उन्होंने जमकर उठाया। कोहली के साथ-साथ धवन ने रन बनाने का सिलसिला जारी रखा। धवन के लिए अच्छी बात यह रही कि उन्होंने इस मैच से लय हासिल करते हुए 54 गेंदों में अपना अर्धशतक लगाय। उन्होंने अपने वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में फिफ्टी जमा दी। इसके बाद कोहली ने भी अर्धशतक जमाकर फॉर्म में वापसी भी कर ली।
दोनों ने 22.2 ओवर में 129 रनों की साझेदारी निभाई। पूरी तरह से क्रीज पर टिक चुके दोनों बल्लेबाज आराम से अपने-अपने शतक की ओर बढ़ रहे थे लेकिन 30वें ओवर की पांचवीं गेंद पर कोहली की गलत कॉल पर धवन ने रन लेने का प्रयास किया लेकिन वापस लौटने से पहले गेंद ने गिल्ली उखाड़ दी जिससे वह रन आउट हो गए। धवन ने अपनी पारी में 76 गेंदों में 73 रन (7 चौका और 1 छक्का) बनाए। फॉर्म की तलाश इस मैच से हासिल करने वाले धवन ने 7 फुट से ज्यादा लंबे तेज गेंदबाज मोहम्मद इरफान पर एक छक्का भी लगाया।
कोहली के 22वें शतक के बाद रैना की धुंआधार पारी
शिखर धवन के जाने के बाद विराट कोहली का साथ देने क्रीज पर सुरेश रैना आए। कोहली जिस तरह चौथे के बजाए तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए, उसी तरह रैना को ऊपरी क्रम में भेजा गया। टीम के लिए यह दोनों ही फैसला बेहद शानदार साबित हुआ। दोनों ने जोरदार बल्लेबाजी करते हुए पाक बल्लेबाजों को खूब छकाया।
सबसे बड़ी बात यह भी रही कि धवन की तरह कोहली और रैना भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ी पारी खेलने के लिए काफी समय से संघर्ष कर रहे थे जो इस मैच में पूरी हुई। 60 गेंदों में अर्धशतक जमाने के बाद कोहली ने रैना के साथ तीसरे विकेट के लिए एक और शतकीय साझेदारी की। हालांकि वह बीच में थोड़े धीमे पड़ गए, लेकिन बाद में फिर से तेजी से रन बनाने लगे। इस बीच भारत ने बैटिंग पावरप्ले में सिर्फ 25 रन ही बनाए लेकिन वह इस दौरान अपने विकेट बचाने में कामयाब रहा। बैटिंग पावरप्ले भारत के लिए कभी भी अच्छा नहीं रहा।
वहीं दूसरे छोर पर टिके रैना ने आतिशी पारी खेलते हुए तेजी से स्कोरबोर्ड को चलाए रखा। उन्होंने 40 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की और फॉर्म में वापसी की। रैना ने 44वें ओवर में सोहैल खान की गेंद पर लगातार तीन चौके भी लगाए। हालांकि अंतिम 5 ओवरों में भारत सिर्फ 27 रन ही बना पाया।
भारतीय गेंदबाजों ने 25 ओवर में 5 विकेट झटक लिए
टीम इंडिया से मिले 301 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए पाक ने पारी की शुरुआत करने के लिए अहमद शहजाद के साथ अनुभवी बल्लेबाज युनूस खान को भेजा लेकिन टीम का यह फैसला गलत साबित हो गया। युनूस महज 6 रन बनाकर मोहम्मद शमी की उछाल लेती गेंद को खेले बैठे और धोनी के हाथों आउट हो गए।
महज 11 रन लगे शुरुआती झटके के बाद शहजाद ने हैरिस सोहैल के साथ दूसरे विकेट के लिए 68 रनों की साझेदारी कर टीम की मैच में वापसी कराने की कोशिश की। लेकिन बेहद कसी हुई गेंदबाजी कर रहे आर अश्विन ने हैरिस (36) को 18वें ओवर में सुरेश रैना के हाथों कैच आउट कराकर टम इंडिया को बड़ी सफलता दिलाई।
टीम इंडिया के लिए बड़ा ओवर उस समय आया जब उमेश यादव अपने दूसरे स्पेल में 24वां ओवर डालने आए। वह अपने पहले स्पेल में काफी महंगे गेंदबाज साबित हुए। 24वें ओवर की दूसरी गेंद पर उन्होंने शहजाद को 47 रनों के निजी स्कोर पर आउट कराकर पाक को बड़ा झटका दे दिया, इसके एक गेंद के अंतराल पर सोहैब मकसूद खाता खोले बगैर ही आउट हो गए।
संकटों से जूझ रही पाक को बड़ा झटका तब लगा जब 25वें ओवर में उमर अकमल (0) का विकेट गंवा दिया। रवींद्र जडेजा के इस ओवर की चौथी गेंद पर उमर को धोनी ने लपक लिया, लेकिन अंपायर ने उन्हें नॉटआउट करार दिया। जिस पर धोनी ने डीआएस ले लिया और भारत को सफलता मिल गई। भारत के लिए यह डीआरएस फायदेमंद साबित हुआ।
25वें ओवर में महज 103 रन पर अपने 5 बल्लेबाजों को खोने के बाद पाक के लिए कप्तान मिस्बाह उल हक और शाहिद अफरीदी ने टीम को आगे ले जाने की काफी कोशिश की लेकिन वे उसमें कामयाब नहीं हो सके। अफरीदी 22 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कप्तान 76 रनों की अर्धशतकीय पारी जरूर खेली लेकिन टीम से जीत से काफी दूर रही और पूरी टीम 47 ओवर में आउट हो गई।