कांटे के संघर्ष में न्यूजीलैंड ने कंगारुओं को रौंदा
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उम्मीद के मुताबिक न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच वर्ल्ड कप मुकाबला बेहद कांटे का रहा जिसमें किवी टीम को जीत जरूर मिली लेकिन यह मैच तेज गेंदबाजों के नाम रहा जिन्होंने दोनों टीमों को खूब परेशान किया।
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ऑकलैंड में खेले गए टूर्नामेंट के 20वें मुकाबले में न्यूजीलैंड ने गिरते-पड़ते 23.1 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 152 रन बना लिए और मैच एक विकेट से जीत लिया। तेज गेंदबाज मिशेल स्टॉर्क 6 और पैट कमिंस 2 विकेट झटककर मैच में रोमांच ला दिया था। हालांकि विकेटों के पतन के बीच केन विलियम्सन (45) ने अपना विकेट बचाए रखा और 24वें ओवर की पहली गेंद कमिंस की गेंद पर छक्का जड़कर टीम को 161 गेंद शेष रहते रोमांचक जीत दिला दी।
मेजबान टीम ने एक समय विस्फोटक शुरुआत की और 8 ओवर के अंदर 2 विकेट पर 78 रन बना लिए थे, लेकिन कंगारू टीम के तेज गेंदबाजों ने लगातार विकेट झटककर मैच में रोमांच ला दिया। कप्तान ब्रैंडन मैकुलम ने 24 गेंदों में आतिशी 50 रन बनाए।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 32.2 ओवर में 151 रन बनाकर आउट हो गई। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बॉल्ट (27/5) ने कहर ढाते हुए 5 विकेट झटके। बॉल्ट के अलावा टिम साउदी और डैनिएल विटोरी को 2-2 सफलता मिली।
किवी टीम को बड़ा लक्ष्य देने के इरादे से उतरी ऑस्ट्रेलिया को तेज गेंदबाज ट्रेंट बॉल्ट ने जबर्दस्त झटका दिया। उनके कहर के आगे कंगारू टीम का स्कोर एक समय 9 विकेट पर 106 रन था लेकिन 10वें विकेट के लिए ब्रैड हैडिन और पैट कमिंस ने 45 रनों की साझेदारी कर टीम की लाज बचा ली। हैडिन ने सर्वाधिक 43 रन बनाए और अंतिम विकेट के रूप में वह आउट हुए।
लगातार चार जीत के साथ न्यूजीलैंड पूल-ए में सबसे ऊपर बना हुआ है, जबकि ऑस्ट्रेलिया को 3 मैचों में एक जीत और एक हार मिली है, एक मैच बारिश से रद्द हो गया था।
विस्फोटक शुरुआत के बाद लड़खड़ाए कंगारू
चोट के बाद मैदान पर वापसी करने वाले कप्तान माइकल क्लार्क का टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला बुरी तरह से गलत साबित हुआ और 33 ओवर भी नहीं खेल पाई।
हालांकि ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद विस्फोटक रही और पहले ही ओवर में डेविड वॉर्नर और ऐरोन फिंच ने 15 रन जोड़ लिए जो वर्ल्ड कप में 1999 से लेकर अब तक की सबसे तेज शुरुआत की बराबरी है। इससे पहले शुरुआती ओवर में 2003 के वर्ल्ड कप फाइनल में 15 रन बने थे। ऑस्ट्रेलिया ने 2 ओवर में 24 रन जोड़ लिए। यहां तक ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए सब कुछ अच्छा चल रहा था।
लेकिन तीसरे ओवर से उसे झटके लगने शुरू हुए जो यह 33वें ओवर तक चला जब तक की पूरी टीम आउट नहीं हो गई। विकेटों के गिरने की शुरुआत ऐरोन फिंच के रूप में हुई जो 14 रन बनाकर टिम साउदी की गेंद पर बोल्ड हो गए।
इसके बाद दूसरे विकेट के लिए डेविड वॉर्नर (34) ने शेन वॉटसन (23) के साथ 50 रनों की साझेदारी कर स्कोर 80 रन तक पहुंचा दिया। यहां से ऑस्ट्रेलिया का पतन शुरू हो गया और उसने सिर्फ 26 रनों के अंदर 7 विकेट गंवा दिए। 97 रन पर ही उसके 6 विकेट गिर गए थे।
किवी टीम के आक्रमण के आगे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बुरी तरह से नाकाम हो गए। कप्तान माइकल क्लार्क (12), स्टीवन स्मिथ (4), ग्लेन मैक्सवेल (1), मिचेल मार्श (0), मिचेल जॉनसन (1), मिशेल स्टॉर्क (0) सस्ते में पवेलियन लौट गए।
ऑस्ट्रेलिया की हालत और खराब होती अगर 10वें विकेट के लिए ब्रैड हैडिन (43) और पैट कमिंस (नाबाद 7) के बीच 45 रनों की साझेदारी न हुई होती। हैडिन के रूप में टीम का अंतिम विकेट गिरा।
ट्रेंट बॉल्ट ने 10 ओवर में 3 मेडन के साथ 27 रन देकर 5 विकेट झटके। उन्होंने 5 में से 3 बल्लेबाजों को बोल्ड भी किया।
तेज गेंदबाज स्कॉर्ट के 6 झटकों से सहम गया न्यूजीलैंड
गेंदबाजों के बेहद शानदार प्रदर्शन के दम पर न्यूजीलैंड जब ऑस्ट्रेलिया को 151 रनों पर समेट कर 152 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो उसकी शुरुआत बेहद विस्फोटक रही।
पारी की शुरुआत कप्तान ब्रैंडन मैकुलम ने मार्टिन गुप्टिल के साथ की और 4 ओवर के अंदर ही 40 रन बना लिए। हालांकि इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर गुप्टिल मिशेल स्टॉर्क की गेंद पर कैच आउट हो गए। उनके जाने के बाद भी मैकुलम की बल्लेबाजी धीमी नहीं पड़ी और तेजी से रन बनाते रहे। 7 चौके और 3 छक्के की मदद से उन्होंने महज 24 गेंदों में अर्धशतक ठोंक दिया।
हालांकि वह अर्धशतक ठोंकते ही पैट कमिंस की गेंद पर कैच आउट हो गए। मैकुलम जब आउट हुए तब टीम का स्कोर 78 रन था। इसके बाद लगभग डेढ़ सौ की गति से गेंद डाल रहे स्टॉर्क ने रॉस टेलर को एक रन के निजी स्कोर पर बोल्ड कर कंगारू टीम की उम्मीद थोड़ी-बहुत जगा दी। टेलर के आउट होते ही अंपायरों ने इंनिंग ब्रेक करा दी क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई टीम 33वें ओवर में आउट हो गई थी। इसलिए ब्रेक से पहले शेष ओवर में न्यूजीलैंड की पारी शुरू कर दी गई।
पारी शुरू होते ही न्यूजीलैंड को एक और विकेट ग्रैंड इलियट (0) के रूप में गंवा दिया। यह विकेट भी स्कॉर्ट ने बोल्ड करके हासिल किया। एक रन के अंदर 3 विकेट गंवाने के बाद किवी टीम पर हार का संकट मंडराने लगा लेकिन इसके बाद केन विलियम्सन और कोरी एंडरसन ने विकेटों के पतन को रोकते हुए टीम को सौ के पार पहुंचाया।
स्कॉर्ट का तूफान जारी था और किवी बल्लेबाजों को उससे पार जाकर टीम को जीत दिलाना था। इस बीच 20वें ओवर में कोरी एंडरसन (26) ग्लेन मैक्सवेल की गेंद पर आउट हो गए। उनके आउट होते ही कंगारू गेंदबाजों ने फिर से दबाव बनाना शुरू कर दिया। यहां से किवी टीम को 21 रन और बनाने थे जबकि उसके पास 5 विकेट शेष था। स्कॉर्ट और कमिंस ने 11 गेंदों के अंदर ल्युक रोंची (6), डेनिएल विटोरी (2), एडम मिलने (0) और टिम साउदी (0) को पवेलियन की राह दिखाकर न्यूजीलैंड की जीत की राह मुश्किल कर दी।
न्यूजीलैंड के 9 विकेट गिर चुके थे और वह 27 ओवर में जीत से 6 रन दूर था। केन विलियम्सन (नाबाद 45) ने 24वें ओवर की पहली गेंद पर पैट कमिंस पर छक्का जड़कर टीम को एक विकेट से जीत दिला दी। हालांकि छोटा सा लक्ष्य देने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने कड़ी टक्कर दी। स्कॉर्ट ने 28 रन देकर 6 विकेट झटके।