सुषमा स्वराज को संकट में डालने वाले मोदी के ये 7 बड़े विवाद
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मोदी सरकार में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को संकट में फंसाने वाला आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी का विवादों से पुराना नाता रहा है।
ब्रिटिश मीडिया ने कुछ ऐसे ई-मेल का खुलासा किया, जिससे यह बात सामने आई कि सुषमा स्वराज ने ललित मोदी को पुर्तगाल का यात्रा दस्तावेज दिलाने के लिए भारतीय मूल के सांसद कीथ वाज और भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त जेम्स बेवन से बात की थी ताकि मोदी को पत्नी के कैंसर का इलाज कराने में मदद मिल सके। मोदी को पिछले साल अगस्त में इस काम के लिए पुर्तगाल जाना था।
ब्रिटिश सरकार भ्रष्टाचार के मामले में फंसे आईपीएल के संस्थापक पहले कमिश्नर मोदी के खिलाफ भारत की ओर से सर्कुलर जारी होने के कारण उन्हें पुर्तगाल यात्रा के लिए दस्तावेज नहीं देना चाहती थी, लेकिन सुषमा की ओर से मदद की सिफारिश पर दस्तावेज दिए गए।
इस पूरे मामले पर विदेश मंत्री स्वराज ने अपनी सफाई देते हुए कहा था, "ऐसा मैंने मानवीय दृष्टिकोण के तहत किया। पत्नी की सर्जरी के कारण कंसेंट पेपर पर दस्तखत के लिए मोदी की उपस्थिति जरूरी थी। इसलिए मैंने ब्रिटिश उच्चायुक्त से उनके कानून के अनुसार मदद का अनुरोध किया था। मैंने ट्रैवल दस्तावेज उपलब्ध कराने पर भारत-ब्रिटेन के रिश्ते खराब नहीं होने का आश्वासन दिया था।"
आइए, जानते हैं विदेश मंत्री के साथ-साथ मोदी सरकार को संकट में डालने वाले ललित मोदी की जीवन से जुड़े 7 बड़े विवाद।
2010 में आईपीएल से निकाले गए मोदी
खेल प्रशासक के रूप में धूमकेतु के रूप में अचानक चमकने वाले ललित मोदी के लिए 2010 का साल बेहद निर्णायक रहा। मोदी ने इसी साल नियमों को ताख पर रखकर आईपीएल में दो अन्य टीम को शामिल कराने की कोशिश की। उन्होंने पुणे और कोच्चि नाम से दो अन्य फ्रेंचाइजी बनवाई और आईपीएल में शामिल कराया।
लेकिन इस बीच मोदी ने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने बताया कि कोच्चि टीम में तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री शशी थरूर का भी शेयर लगा हुआ है, उनके इसी ट्वीट के कारण थरूर को इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा था।
इस समय मोदी का रुतबा बीसीसीआई अध्यक्ष से भी बड़ा हो गया था। उनके विरोधी उनकी इस सफलता से जलने लगे और उन्हें हटाने का विकल्प ढूंढ़ने में लग गए। इस बीच मोदी का यह ट्वीट विरोधियों के लिए काम कर गया।
पूरे प्रकरण के बाद अप्रैल, 2010 में ललित मोदी को आईपीएल से बर्खास्त कर दिया गया। मोदी को एक ई-मेल के जरिए उन पर 34 पेज पर 22 आरोप लगाते हुए निलंबन का नोटिस भेजा गया।
आईपीएल के तीसरे संस्करण के दौरान पूरा मामला सामने आया और उन्होंने फाइनल मुकाबले के बाद सार्वजनिक रूप से खुद को निर्दोष बताया।
लंदन में क्रिस क्रेर्न्स से केस हार गए ललित
मार्च, 2012 को न्यूजीलैंड के टेस्ट क्रिकेटर क्रिस क्रेर्न्स ने ललित मोदी पर एक मुकदमा दायर कर दिया जिसमें वह मोदी पर मुकदमा जीत गए। मोदी ने 2010 में ही ट्विटर के जरिए इस किवी क्रिकेटर पर आरोप लगाया था कि वह 2008 में मैच फिक्सिंग में शामिल रहे हैं। कई साल लंदन में चले मुकदमे में क्रेर्न्स ने बाजी मार ली और साबित कर दिया कि मोदी झूठ बोल रहे थे।
6 सितंबर, 2013 को बीसीसीआई की तीन सदस्यीय समिति जिसमें अरुण जेटली और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल थे ने कई मोदी पर कई तरह की अनियमितताएं करने का आरोप लगाया। हालांकि इस पूर्व क्रिकेट प्रशासक ने एक बार फिर अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
25 सितंबर, 2013 को बीसीसीआई ने चेन्नई में एक आम बैठक में ललित मोदी पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड में शामिल होने पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया। मोदी ने इस प्रतिबंध का विरोध किया और आरोप लगाया कि यह समिति उन पर बैन नहीं लगा सकती।
तिरंगे के अपमान का केस झेल रहे हैं ललित मोदी
आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी पर तिरंगे का अपमान करने का भी आरोप है। आज से करीब सात साल पहले जयपुर में खेले गए एक मैच के दौरान तिरंगे पर शराब परोसने का आरोप है।
मामले में मोदी सहित तीन जनों पर तिरंगे को मेजपोश की तरह इस्तेमाल करने और उस पर शराब परोसने के आरोप लगाया गया हैं। मामले के तहत नवंबर 2008 में भारत-पाक मैच के दौरान मीडिया में आए फोटो के आधार पर जयपुर निवासी कमलेश शर्मा ने निचली अदालत में परिवाद दायर किया था।
अदालत ने जयपुर के ज्योतिनगर थाने को मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए थे। निचली अदालत के आदेश के खिलाफ मोदी ने हाईकोर्ट के दरवाजे खटखटाए थे। हाईकोर्ट ने मोदी को मामले में राहत प्रदान करते हुए वर्ष 2009 में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे के अनुसंधान पर रोक लगा दी थी। बाद में कोर्ट ने जनवरी, 2015 में मामले की जांच पर लगी रोक हटा ली।
ललित मोदी के कारण BCCI ने राजस्थान क्रिकेट संघ पर लगाया बैन
मई, 2014 में पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी के एक बार फिर अध्यक्ष बनते ही बीसीसीआई ने राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) को निलंबित कर दिया। आरसीए में मोदी की वापसी का शुरू से ही विरोध कर रही बीसीसीआई ने आखिरकार राज्य के क्रिकेट संघ को निलंबित करने तथा साथ ही इसकी गतिविधियों को संचालित करने के लिए एक तदर्थ संस्था बनाने का निर्णय ले लिया।
विवादों में रहे मोदी 5 साल से लंदन में रह रहे हैं तथा अदालत के आदेश पर ही उनको चुनाव लडऩे की अनुमति मिली थी।
उच्चतम न्यायालय ने आरसीए के 19 दिसबंर, 2013 को हुए चुनाव परिणाम पर रोक लगा दी थी। लेकिन अदालत के आदेश पर ही पर्यवेक्षक ने परिणामों की घोषणा की, जिसमें मोदी को 33 में से 24 मत मिले जबकि निवर्तमान अध्यक्ष सी.पी. जोशी गुट के रामपाल शर्मा को मात्र पांच मत ही हासिल हुए।
पिछले सप्ताह उच्चतम न्यायालय ने सीलबंद लिफाफे में बंद मतों की गणना कर छह मई को इसके परिणाम घोषित करने का आदेश दिया था।
ED के पास हैं ललित मोदी के भ्रष्टाचार 3 बड़े मामले
पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईपीएल मैचों के प्रसारण अधिकार देने में अनियमितता और हवाला से धन विदेश भेजने के मामले दर्ज कर रखे हैं। मोदी 2010 में लंदन गए तो फिर नहीं लौटे। इस पर मोदी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था।
ईडी मोदी पर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कई तरह के मामले देख रही है। ईडी आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के अलवा कई अन्य के खिलाफ भी विदेशी मुद्रा उल्लंघन (फेमा) के 16 मामलों में अंतिम पेनाल्टी नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में है। अनुमान है कि ये मामले करीब 1700 करोड़ रुपये के हैं।
ईडी ने टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के कुछ संस्करणों के आयोजन में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की विस्तार से जांच की है। ईडी के उच्चस्तरीय सूत्रों के मुताबिक, इन मामलों के अलावा, विदेशी मुद्रा कानून के संदिग्ध उल्लंघन दो अन्य मामले भी हैं।
इसके अलावा केंद्रीय जांच एजेंसी हवाला लेनदेन के मामले की भी जांच कर रही है। इनमें मोदी की भूमिका की जांच करना भी शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, एक तीसरा मामला मनी लांड्रिंग का भी है, जिसकी जांच की जा रही है। यह मामला 2009 में बीसीसीआई द्वारा क्रिकेट मीडिया राइट्स देने में धन के कथित गबन का है।
वहीं फेमा के तहत जिन 16 मामलों की जांच हो रही है, वे न्यायिक निर्णय के अंतिम चरण में हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि आरोपी को आने वाले कुछ महीने में पेनल्टी नोटिस दे दिया जाएगा।