जीत की पटरी पर वापस लौटने को बेताब कोलकाता, घरेलू मैदान पर राजस्थान से होगी टक्कर
दिनेश कार्तिक की अगुआई वाली कोलकाता की टीम गुरुवार को जब इंडियन टी-20 लीग में घरेलू मैदान ईडन गार्डन पर राजस्थान के खिलाफ उतरेगी तो उसकी लक्ष्य फिर से जीत की पटरी पर लौटने का होगा। दो बार की पूर्व चैंपियन टीम लगातार पांच और कुल छह मुकाबले हार चुकी है। प्लेऑफ में बने रहने के लिए टीम को अगले सभी मुकाबले जीतने होंगे। नहीं तो उसकी राह कठिन हो जाएगी।
दूसरी और टूर्नामेंट में अभी तक सिर्फ तीन मैच जीतने वाली राजस्थान की टीम भी जीत दर्ज कर अपनी उम्मीदें जिंदा रखना चाहेगी। हालांकि उसके लिए ईडन में कोलकाता को हराना इतना आसान नहीं है। उसने यहां एकमात्र जीत 2008 में दर्ज की थी। उसके बाद से वह कभी यहां जीत नहीं पाई है। जयपुर में दोनों के बीच हुए इस सत्र के पहले मुकाबले में कोलकाता ने राजस्थान को पराजित किया था।
पूरी तरह रसेल पर निर्भर है कोलकाता
कोलकाता की टीम पूरी तरह से ऑलराउंडर आंद्रे रसेल पर निर्भर है। विंडीज के इस विस्फोटक बल्लेबाज पर उनकी यह अत्यधिक निर्भरता कई बार उजागर हुई है। इसके चलते कार्तिक को भी आलोचना झेलनी पड़ी थी कि वह रसेल को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर नहीं भेज रहे। विश्व कप टीम में ऋषभ पंत पर तरजीह पाने वाले कार्तिक ने पिछले सत्र में केकेआर के लिए सर्वाधिक रन बनाए थे लेकिन इस बार नौ मैचों में वह 16.71 की औसत से 117 रन रन बना सके हैं।
कुलदीप ने भी किया निराश
टीम प्रबंधन स्पिनर कुलदीप यादव की नाकामी से भी निराश है। हैदराबाद के खिलाफ नौ विकेट से मिली हार के बाद कार्तिक और कुलदीप को आराम दिया गया था। केकेआर के स्पिनर ईडन की पिच पर कमाल नहीं कर सके जो 2012 और 2014 में उनकी ताकत थी। कुलदीप (4), सुनील नारायण (6) और पीयूष चावला (6) ने दस मैचों में बस 16 विकेट लिए हैं। उसका तेज आक्रमण भी औसत रहा है।
राजस्थान भी अधर में
राजस्थान का भविष्य भी अधर में है। मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच से पहले अजिंक्य रहाणे की जगह स्टीव स्मिथ को कप्तानी सौंपी गई। इसके बाद मुंबई को हराकर रायल्स जीत की राह पर लौटे। रहाणे भी दिल्ली के खिलाफ शतक लगाकर बतौर बल्लेबाज फॉर्म में आ गए। हालांकि टीम वह मैच हार गई। टीम की जीत का दारोमदार स्मिथ, रहाणे और जोस बटलर की तिकड़ी पर है।