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Khaleel Ahmed: खलील को डॉक्टर बनाना चाहते थे पिता, क्रिकेट खेलने पर बेल्ट से पीटते थे, बहनें लगाती थीं मरहम
Wed, 29 Mar 2023 08:48 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Wed, 29 Mar 2023 08:48 PM IST
सार
खलील अहमद ने बताया है कि उनके पिता क्रिकेट खेलने पर उन्हें बेल्ट से मारते थे। उनकी पीठ पर घाव हो जाते थे और उनकी बहनें घाव पर मरहम लगाती थीं।
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दिल्ली के खिलाड़ियों के साथ खलील अहमद (बाएं)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आईपीएल 2023 की शुरुआत से पहले दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज खलील अहमद ने अपने संघर्ष के बारे में बताया है। जियो सिनेमा के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा से बातचीत करते हुए खलील ने बताया कि उनका बचपन काफी मुश्किल था। खलील के पिता एक कंपाउंडर थे और वह चाहते थे कि बेटा पढ़ लिखकर डॉक्टर बन जाए। अगर वह डॉक्टर बन गया तो भविष्य में उसे काफी मुश्किल होगी।
खलील के पिता काम पर जाते थे। ऐसे में घर के लिए राशन और अन्य सामान लाने की जिम्मेदारी भी खलील पर थी। हालांकि, खलील कई बार क्रिकेट खेलने लग जाते थे और वह पढ़ाई नहीं करते थे। साथ ही घर के काम भी नहीं कर पाते थे। ऐसे में उनकी मां शिकायत करती थीं और इसके बाद पिता जमकर पिटाई करते थे।
खलील के पिता बेल्ट से उन्हें पीटते थे। कई बार पिटाई इतनी ज्यादा हो जाती थी कि उनकी पीठ पर घाव बन जाते थे। उनकी तीन बड़ी बहने थीं, जो रात में खलील के घावों पर मरहम लगाती थीं। हालांकि, पिटाई के बावजूद खलील ने क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा। जब क्रिकेट में उनका नाम होने लगा तो पिता ने भी साथ दिया।
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खलील के पिता काम पर जाते थे। ऐसे में घर के लिए राशन और अन्य सामान लाने की जिम्मेदारी भी खलील पर थी। हालांकि, खलील कई बार क्रिकेट खेलने लग जाते थे और वह पढ़ाई नहीं करते थे। साथ ही घर के काम भी नहीं कर पाते थे। ऐसे में उनकी मां शिकायत करती थीं और इसके बाद पिता जमकर पिटाई करते थे।
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खलील के पिता बेल्ट से उन्हें पीटते थे। कई बार पिटाई इतनी ज्यादा हो जाती थी कि उनकी पीठ पर घाव बन जाते थे। उनकी तीन बड़ी बहने थीं, जो रात में खलील के घावों पर मरहम लगाती थीं। हालांकि, पिटाई के बावजूद खलील ने क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा। जब क्रिकेट में उनका नाम होने लगा तो पिता ने भी साथ दिया।
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खलील ने पिता ने उनसे कहा कि तुम क्रिकेट में मन लगाओ। दिल से खेलो, अगर क्रिकेट में कुछ नहीं कर पाए तो मैं अपनी पेंशन से घर चला लूंगा, लेकिन तुम क्रिकेट खेलो। इसके बाद खलील ने सही तरीके से क्रिकेट में मन लगाया। वह राजस्थान की टीम में चयनित हुए और महज 20 साल की उम्र में टीम इंडिया में भी शामिल हुए।
कुछ मैच के बाद ही खलील भारतीय टीम से बाहर हो गए, लेकिन उनके पास अभी भी टीम इंडिया में जगह बनाने का मौका है। 25 साल के खलील अपनी लाइन लेंथ बेहतर करके प्रदर्शन में निरंतरता ला सकते हैं और टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की कर सकते हैं, क्योंकि भारतीय टीम में फिलहाल कोई भी बाएं हाथ का तेज गेंदबाज नहीं है। आईपीएल 2023 में खलील के पास भारतीय टीम में दावेदारी पेश करने का अच्छा मौका है।
कुछ मैच के बाद ही खलील भारतीय टीम से बाहर हो गए, लेकिन उनके पास अभी भी टीम इंडिया में जगह बनाने का मौका है। 25 साल के खलील अपनी लाइन लेंथ बेहतर करके प्रदर्शन में निरंतरता ला सकते हैं और टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की कर सकते हैं, क्योंकि भारतीय टीम में फिलहाल कोई भी बाएं हाथ का तेज गेंदबाज नहीं है। आईपीएल 2023 में खलील के पास भारतीय टीम में दावेदारी पेश करने का अच्छा मौका है।