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सबसे सफल एशियाई विकेटकीपर बल्लेबाज बने कामरान अकमल, दो साल पहले खेला था आखिरी मैच
Mon, 23 Sep 2019 03:46 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंशुल तलमले
Updated Mon, 23 Sep 2019 03:46 PM IST
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कामरान अकमल
- फोटो : ट्विटर
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लगभग दो साल पहले आखिरी इंटरनेशनल मैच खेलने वाले पाकिस्तानी खिलाड़ी कामरान अकमल ने इतिहार रच दिया। पाकिस्तान की घरेलू लीग में खेलते हुए उन्होंने अपने करियर का 31वां फर्स्ट क्लास शतक जड़ा और सर्वाधिक प्रथम श्रेणी शतक के मामले में एशिया के नंबर एक और दुनिया के दूसरे विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए।
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एमएस धोनी, कुमार संगाकारा जैसे दिग्गजों को पछाड़ते हुए कामरान अकमल अब ऑस्ट्रेलिया के धुरंधर विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट से भी आगे निकल चुके हैं। शनिवार को कायद-ए-आजम टूर्नामेंट में अपनी टीम सेंट्रल पंजाब के लिए खेलते हुए नॉर्थ पंजाब के खिलाफ कामरान ने 157 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। यह उनका 31वां शतक था।
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इस अद्भुत रिकॉर्ड और जोरादार शतक के बूते अब कामरान पाकिस्तानी टीम के दरवाजे भी ठकठका रहे हैं। अपने 31वें प्रथम श्रेणी शतक में अकमल ने 12 चौके और चार छक्के लगाए। क्रिकेट इतिहास में लेस ऐमेस (56) के बाद अकमल दूसरे पायदान पर आ चुके हैं। लेस ने 20वीं शताब्दी में केंट की ओर खेलते हुए 56 शतक लगाए थे।
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भारत के स्टार विकेटकीपर धोनी अधिकतर रिकॉर्ड के आस पास ही रहते हैं, लेकिन वह इस रिकॉर्ड से काफी दूर हैं। संगकारा के नाम फर्स्ट क्लास में 64 शतक हैं, लेकिन ज्यादातर शतक उन्होंने बतौर बल्लेबाज जड़े हैं। वहीं धोनी के नाम फर्स्ट क्लास में नौ शतक हैं। श्रीलंका के कौशल सिल्वा, कामरान अकमल के इस रिकॉर्ड के काफी करीब हैं। सिल्वा के नाम 26 फर्स्ट क्लास शतक हैं।
पाकिस्तान के लिए 2002 में जिम्बाब्वे के खिलाफ इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले अकमल ने लगभग सभी प्रारूपों में बतौर मध्यक्रम बल्लेबाज ही खेल दिखाया है। भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के दौरान जब भी विवादित किस्सों को याद किया जाएगा तो, कामरान अकमल की गिनती जरूर होगी, उन्हें आज भी मोहाली 2015 में भारत के खिलाफ अपनी मशहूर पारी के लिए याद किया जाता है।