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SC On BCCI Matter: सौरव गांगुली और बीसीसीआई के मामले की सुनवाई करेंगे जस्टिस चंद्रचूड़, सुप्रीम कोर्ट का आदेश

Wed, 24 Aug 2022 03:45 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शक्तिराज सिंह Updated Wed, 24 Aug 2022 03:45 PM IST
सार

बीसीसीआई अपने संविधान में बदलाव करना चाहता है। इस बदलाव के बाद अधिकारी राज्य क्रिकेट एसोसिएशन में काम करने के बाद सीधे बीसीसीआई में काम कर सकेंगे, जबकि मौजूदा समय में यह नियमों के खिलाफ है। 
 

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Justice D Y Chandrachud led bench to hear BCCI matters, says Supreme Court
सौरव गांगुली और जय शाह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से जुड़े मामलों की सुनवाई न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी। भारतीय क्रिकेट बोर्ड अपने संविधान में संशोधन करना चाहता है, जिसके बाद सौरव गांगुली और जय शाह अपने पद पर बने रहेंगे। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला सुनाया, जिसमें न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार भी शामिल हैं। 
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तीन जजों की पीठ ने कहा कि बीसीसीआई के मामलों में नौ अगस्त, 2018 के पहले के फैसले को तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा और जस्टिस ए एम खानविलकर और चंद्रचूड़ की पीठ ने पारित किया था। अब जस्टिस मिश्रा और जस्टिस खानविलकर नहीं हैं। इस मामले की सुनवाई जस्टिस चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ करेगी, जिसमें उनके अलावा दो और जज होंगे। 
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बीसीसीआई में अनियमितता के मामले सामने आने के बाद न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा की अगुवाई वाली समिति बनाई गई थी, जिसने पूरे मामले की जांच की और बीसीसीआई में सुधारों की सिफारिश की थी, जिसे शीर्ष अदालत ने स्वीकार कर लिया था। इसके बाद से यह नियम है कि बीसीसीआई या उससे जुड़े संस्थान में लगातार छह साल तक काम करने के बाद पदाधिकारियों को कम से कम तीन साल का ब्रेक लेना होगा। इस समय को कूलिंग ऑफ पीरियड कहा गया है। 
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21 जुलाई को स्थिगित हुई थी सुनवाई
शीर्ष अदालत ने 21 जुलाई को वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह को बीसीसीआई मामलों में सहायता के लिए न्याय मित्र नियुक्त किया था। इसी के साथ बीसीसीआई की याचिका पर सुनवाई रोक दी थी, जिसमें संविधान में संशोधन की बात कही गई है। बीसीसीआई ने अपने प्रस्तावित संशोधन में अपने पदाधिकारियों के लिए कूलिंग-ऑफ अवधि को समाप्त करने की मांग की है, जिससे गांगुली और शाह संबंधित राज्य क्रिकेट संघों में छह साल पूरे करने के बावजूद पद पर बने रहेंगे।

गांगुली बीसीसीआई अध्यक्ष बनने से पहले बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन में पदाधिकारी थे, वहीं शाह ने गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन में काम किया था।
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