वीरू-युवी की क्या कहें, 8 साल बाद की इस क्रिकेटर ने टेस्ट टीम में वापसी
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अगर आप वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, जहीर खान और गौतम गंभीर जैसे धाकड़ क्रिकेटरों के टीम इंडिया से बाहर होने से परेशान हैं तो ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इन क्रिकेटरों को टीम से बाहर हुए महज एक-दो या तीन साल ही हुए हैं।
जब हम आपको बताएंगे कि एक क्रिकेटर ऐसा भी है जिसे टेस्ट टीम में वापसी के लिए पूरे आठ साल लग गए तो आप को लगेगा कि वीरू और युवी के लिए समय तो अभी ज्यादा नहीं गुजरा है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत जुलाई में ही की थी लेकिन वो साल था 2002 का। इसके बाद उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट मैच खेला दिसंबर, 2007 में, लेकिन इसके बाद चयनकर्ताओं ने इस बल्लेबाज से इस कदर मुंह मोड़ लिया कि अगले आठ साल तक फिर से टीम में लेने का सोचा ही नहीं। हालांकि 2013 में वह अपना अंतिम वनडे मैच खेलने में जरूर कामयाब रहे थे।
अब आप जानना चाहेंगे कि वो दुर्भाग्यशाली क्रिकेटर कौन है जिसने राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए एक-दो नहीं पूरे आठ साल का लंबा इंतजार किया। इस मामले में सहवाग, युवराज और गंभीर के लिए वक्त ज्यादा नहीं गुजरा है। 'टर्बनेटर' हरभजन सिंह तो दो साल के इंतजार के बाद टेस्ट टीम में और चार साल के बाद वनडे टीम में लौट आए हैं।
पूरे आठ साल लग गए टीम में वापसी करने में
अब आप जानना चाह रहे होंगे कि वो क्रिकेटर कौन है? तो हम आपको बताने जा रहे हैं कि टेस्ट क्रिकेट में आठ साल का लंबा क्रिकेटर का नाम है जेहान मुबारक। मुबारक श्रीलंका की टीम से खेलते हैं। बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के साथ ही वह साथ ही दाएं से फिरकी गेंदबाजी भी करते हैं।
कहने को तो उनका अंतरराष्ट्रीय करियर 2002 में शुरू हो गया जो 2015 में पाकिस्तान के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे मैच में वापसी करने के साथ ही उनका कुल करियर 13 साल का हो गया। लेकिन इन 13 सालों में वह महज 10 टेस्ट, 40 वनडे और 16 टी-20 मैच ही खेल सके हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ मैच से वापसी करने वाले मुबारक ने 2002 में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की और तब से लेकर श्रीलंका ने 112 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें वह सिर्फ 11 मैच ही खेल पाए। इस तरह से इन सालों में उन्होंने 101 टेस्ट मच में खेलने का मौका गंवाया।
उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट मैच दिसंबर, 2007 में कोलंबो में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था। जहां तक वनडे क्रिकेट की बात है तो नवंबर, 2002 में पहला वनडे मैच खेलने के बाद अपना अंतिम वनडे जुलाई, 2013 में खेला था। अगर टी-20 क्रिकेट में देखें तो उन्होंने 2007 में पदार्पण किया था लेकिन 2009 से वह फिर टी-20 क्रिकेट से बाहर हैं।
पिछले 13 सालों से श्रीलंका के लिए कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने या दोनों में से किसी एक ने लगातार अपनी टीम के लिए मैच खेले हैं। इन दोनों दिग्गजों के बगैर आखिरी बार श्रीलंका 2002 में बांग्लादेश के खिलाफ उतरा था जिसमें जेहान मुबारक ने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद श्रीलंका के खेले 111 टेस्ट मैचों में दोनों में से कोई न कोई टीम से जुड़ा ही रहा।