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Ishan Kishan: क्रिकेट की खातिर 12 साल की उम्र में छोड़ा था अपना शहर, बड़े भाई की जगह हुआ था उनका चयन
Sat, 12 Feb 2022 06:11 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Sat, 12 Feb 2022 06:11 PM IST
सार
भारत के बाएं हाथ के बल्लेबाज ईशान किशन आईपीएल के 15वें सीजन से पहले नीलामी में मालामाल हो गए। उन्हें उनकी पुरानी टीम मुंबई इंडियंस ने 15.25 करोड़ रुपये में खरीदा। किशन का बेस प्राइस दो करोड़ रुपये था।
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ईशान किशन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारत के बाएं हाथ के बल्लेबाज ईशान किशन आईपीएल के 15वें सीजन से पहले नीलामी में मालामाल हो गए। उन्हें उनकी पुरानी टीम मुंबई इंडियंस ने 15.25 करोड़ रुपये में खरीदा। किशन का बेस प्राइस दो करोड़ रुपये था। उनके लिए मुंबई इंडियंस, पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। अंत में किशन अपनी पसंद की टीम में ही गए। ईशान ने अपने जन्मदिन पर वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था।
ईशान का जन्म 18 जुलाई 1998 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। उन्होंने 18 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ वनडे में डेब्यू किया था। बिहार से भारतीय क्रिकेट टीम का सफर ईशान के लिए आसान नहीं रहा है। उन्हें क्रिकेट की खातिर अपने शहर को छोड़ना पड़ा था। ईशान के कोच उत्तम मजूमदार ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वे पहली बार 2005 में उनसे मिले थे। तब ईशान के साथ उनके बड़े भाई राजकिशन भी मौजूद थे।
उत्तम मजूमदार ने ईशान के पिता प्रणव कुमार पांडेय को कहा था कि कभी भी हमेशा अपने लड़कों को खेल के लिए प्रोत्साहित किजिएगा। वे ईशान के बड़े का चयन करने के लिए गए थे। उसी समय उन्होंने ईशान की बल्लेबाजी देखी थी। तब वे इस बाएं हाथ के बल्लेबाज से काफी खुश हुए थे। उत्तम मजूमदार ने कहा था कि ईशान में स्पार्क था। उसके मैदान पर चलने और सोचने की क्षमता से मैं काफी प्रभावित हुआ था। राजकिशन को छोड़कर उन्होंने किशन को चुनने का फैसला किया था।
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ईशान का जन्म 18 जुलाई 1998 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। उन्होंने 18 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ वनडे में डेब्यू किया था। बिहार से भारतीय क्रिकेट टीम का सफर ईशान के लिए आसान नहीं रहा है। उन्हें क्रिकेट की खातिर अपने शहर को छोड़ना पड़ा था। ईशान के कोच उत्तम मजूमदार ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वे पहली बार 2005 में उनसे मिले थे। तब ईशान के साथ उनके बड़े भाई राजकिशन भी मौजूद थे।
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उत्तम मजूमदार ने ईशान के पिता प्रणव कुमार पांडेय को कहा था कि कभी भी हमेशा अपने लड़कों को खेल के लिए प्रोत्साहित किजिएगा। वे ईशान के बड़े का चयन करने के लिए गए थे। उसी समय उन्होंने ईशान की बल्लेबाजी देखी थी। तब वे इस बाएं हाथ के बल्लेबाज से काफी खुश हुए थे। उत्तम मजूमदार ने कहा था कि ईशान में स्पार्क था। उसके मैदान पर चलने और सोचने की क्षमता से मैं काफी प्रभावित हुआ था। राजकिशन को छोड़कर उन्होंने किशन को चुनने का फैसला किया था।
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ईशान किशन और रोहित शर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
ईशान की जिद के आगे झुका परिवार
ईशान जब 12 साल के थे तब उनके परिवार ने पटना को छोड़कर रांची में बसने का फैसला किया था। उनके पिता के मुताबिक ईशान के कोच ने शहर छोड़ने की सलाह दी थी ताकि वे उच्च स्तर पर खेलने के लिए तैयार हो सके। मां इसके लिए तैयार नहीं थी, लेकिन ईशान की जिद के आगे परिवार ने अंत में रांची जाने का फैसला कर लिया।
ईशान जब 12 साल के थे तब उनके परिवार ने पटना को छोड़कर रांची में बसने का फैसला किया था। उनके पिता के मुताबिक ईशान के कोच ने शहर छोड़ने की सलाह दी थी ताकि वे उच्च स्तर पर खेलने के लिए तैयार हो सके। मां इसके लिए तैयार नहीं थी, लेकिन ईशान की जिद के आगे परिवार ने अंत में रांची जाने का फैसला कर लिया।
परिवार सदस्यों के साथ ईशान किशन की तस्वीरें
- फोटो : सोशल मीडिया
खाना नहीं आता था बनाने इसलिए धोया बर्तन
ईशान का चयन रांची में जिला स्तर पर खेलने के लिए सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) की टीम में चुना गया था। उन्हें रहने के लिए एक कमरे का क्वार्टर दिया गया था। किशन के साथ इसमें चार सीनियर खिलाड़ी और रहते थे। ईशान को उस समय खाना बनाने नहीं आता था। वे सिर्फ बर्तन साफ करने का काम करते थे। एक पड़ोसी ने उनके पिता को कहा था कि किशन कभी-कभी खाली पेट ही सो जाता है। दो साल तक किशन के साथ ऐसा ही चलता रहा। बाद में परिवार ने रांची में एक फ्लैट किराए पर ले लिया। उनके साथ मां सुचित्रा रहने लगीं।
15 साल की उम्र में रणजी टीम में हुआ था चयन
किशन का चयन जब झारखंड रणजी टीम के लिए हुआ था तब वे 15 साल के थे। इसके बाद अंडर-19 वर्ल्ड कप 2016 में वे टीम इंडिया के कप्तान थे। उन्होंने पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम की ओर से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पहला टी20 मैच खेला था। ईशान के नाम तीन वनडे में 29.33 की औसत से 88 रन बनाए थे। टी20 की बात करें तो पांच मैचों में 28.25 की औसत से 113 रन बनाए हैं। वनडे और टी20 में उन्होंने एक-एक अर्धशतक लगाया है। 61 आईपीएल मैचों में 28.5 की औसत से 1452 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 136.3 का रहा है।
ईशान का चयन रांची में जिला स्तर पर खेलने के लिए सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) की टीम में चुना गया था। उन्हें रहने के लिए एक कमरे का क्वार्टर दिया गया था। किशन के साथ इसमें चार सीनियर खिलाड़ी और रहते थे। ईशान को उस समय खाना बनाने नहीं आता था। वे सिर्फ बर्तन साफ करने का काम करते थे। एक पड़ोसी ने उनके पिता को कहा था कि किशन कभी-कभी खाली पेट ही सो जाता है। दो साल तक किशन के साथ ऐसा ही चलता रहा। बाद में परिवार ने रांची में एक फ्लैट किराए पर ले लिया। उनके साथ मां सुचित्रा रहने लगीं।
15 साल की उम्र में रणजी टीम में हुआ था चयन
किशन का चयन जब झारखंड रणजी टीम के लिए हुआ था तब वे 15 साल के थे। इसके बाद अंडर-19 वर्ल्ड कप 2016 में वे टीम इंडिया के कप्तान थे। उन्होंने पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम की ओर से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पहला टी20 मैच खेला था। ईशान के नाम तीन वनडे में 29.33 की औसत से 88 रन बनाए थे। टी20 की बात करें तो पांच मैचों में 28.25 की औसत से 113 रन बनाए हैं। वनडे और टी20 में उन्होंने एक-एक अर्धशतक लगाया है। 61 आईपीएल मैचों में 28.5 की औसत से 1452 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 136.3 का रहा है।