जामिया के छात्रों के पक्ष में खड़े हुए क्रिकेटर इरफान पठान, आकाश चोपड़ा ने भी जताई चिंता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) में नए बदलाव के बाद से ही देशभर में कई राज्यों में हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हालांकि अब विरोध प्रदर्शन कई जगहों पर हिंसक रूप ले चुका है। इसी क्रम में राजधानी दिल्ली के जामिया नगर इलाके में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन की आंच जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय तक पहुंच गई है।
रविवार को दिल्ली पुलिस और छात्रों में हिंसक झड़प हुई। इलाके में आगजनी और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने भी मामले को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और कई जगहों पर लाठी-चार्ज भी किए। देर रात तक पुलिस मुख्यालय के सामने लोगों ने पुलिस की कार्यवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस ने बी हिरासत में लिए गए 50 लोगों को छोड़ दिया।
इन सबके बीच देशभर से लोग जामिया विश्वविद्यालय के छात्रों के शांति प्रदर्शन के बचाव में उतर आए हैं और उसका समर्थन किया है। इसी कड़ी में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी, जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के मेंटर और कमेंटेटर इरफान पठान भी जामिया के छात्रों के पक्ष में उतर गए हैं और उन्हें अपना समर्थन दिया है।
इरफान पठान ने ट्वीट करते हुए कहा, 'राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहेंगे लेकिन मैं और हमारा देश जामिया मिलिया के छात्रों को लेकर चिंतित हैं'।
Political blame game will go on forever but I and our country🇮🇳 is concerned about the students of #JamiaMilia #JamiaProtest
— Irfan Pathan (@IrfanPathan) December 15, 2019
इरफान के बाद अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी जामिया के छात्रों के समर्थन में ट्वीट कर अपनी चिंता जताई है। चोपड़ा ने कहा, 'देश भर के शैक्षिक संस्थानों से आ रही तस्वीरें बेहद तकलीफदेह हैं। आंखों में आंसू हैं। वे हमारे में से एक हैं। ये बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। बलपूर्वक उनकी आवाज कुचलकर हम भारत को महान नहीं बना पाएंगे। आप सिर्फ उन्हें भारत के खिलाफ कर देंगे।''
Deeply disturbing visuals from educational institutions across the country. Teary eyed. They are one of us. These kids are the future of this country. We don’t make India great by silencing their voices with the use of force. You’ll only turn them against India.
— Aakash Chopra (@cricketaakash) December 16, 2019
इन सबके बीच जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय को पांच जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है और सभी परीक्षाएं अगले आदेश तक के लिए रोक दी गई हैं।