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IPL Playoffs: हैदराबाद वाला चमत्कार नहीं हुआ तो गुजरात-राजस्थान में होगा फाइनल, RCB के पक्ष में क्या है इतिहास
Mon, 23 May 2022 04:40 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Mon, 23 May 2022 04:40 PM IST
सार
2011 में प्लेऑफ फॉर्मेट की शुरुआत हुई। उससे पहले 2008 से लेकर 2010 तक दो सेमीफाइनल और एक फाइनल मैच होते थे। प्लेऑफ में पहुंचने वाली टीम को क्वालीफायर-1, एलिमिनेटर और क्वालीफायर-2 के बाद फाइनल खेलना होता है।
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आईपीएल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आईपीएल का 15वां सीजन अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। लीग राउंड के मुकाबले समाप्त हो चुके हैं और मंगलवार (24 मई) से प्लेऑफ के मैच शुरू हो जाएंगे। आईपीएल की दो नई टीमों गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जाएंट्स ने शीर्ष चार में अपनी जगह बनाई है। दोनों के साथ राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) भी प्लेऑफ में पहुंची हैं। राजस्थान को ही एक बार चैंपियन बनने का मौका मिला है। वहीं, आरसीबी तीन बार फाइनल हार चुकी है।
मौजूदा फॉर्म को देखें तो गुजरात टाइटंस की टीम खिताब जीतने की प्रबल दावेदार है, लेकिन इतिहास पूरी तरह उसके साथ नहीं है। पुराना रिकॉर्ड कहता है कि लीग स्टेज में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम के चैम्पियन बनने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। यानी, इस बार राजस्थान रॉयल्स के चैंपियन बनने की संभावनाएं सबसे ज्यादा है। वहीं, आरसीबी और लखनऊ को खिताब जीतने के लिए चमत्कार करना होगा। आइए प्लेऑफ में पहुंचने वाली चारों टीमों की संभावनाओं पर एक नजर डालते हैं।
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मौजूदा फॉर्म को देखें तो गुजरात टाइटंस की टीम खिताब जीतने की प्रबल दावेदार है, लेकिन इतिहास पूरी तरह उसके साथ नहीं है। पुराना रिकॉर्ड कहता है कि लीग स्टेज में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम के चैम्पियन बनने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। यानी, इस बार राजस्थान रॉयल्स के चैंपियन बनने की संभावनाएं सबसे ज्यादा है। वहीं, आरसीबी और लखनऊ को खिताब जीतने के लिए चमत्कार करना होगा। आइए प्लेऑफ में पहुंचने वाली चारों टीमों की संभावनाओं पर एक नजर डालते हैं।
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आईपीएल 2022 में प्लेऑफ की टीमें
- फोटो : IPL/BCCI
क्या है प्लेऑफ फॉर्मेट?
2011 में प्लेऑफ फॉर्मेट की शुरुआत हुई। उससे पहले 2008 से लेकर 2010 तक दो सेमीफाइनल और एक फाइनल मैच होते थे। प्लेऑफ में पहुंचने वाली टीम को क्वालीफायर-1, एलिमिनेटर और क्वालीफायर-2 के बाद फाइनल खेलना होता है। अंक तालिका में शीर्ष दो पर रहने वाली टीमें क्वालीफायर-1 में खेलती हैं। उस मैच में जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में प्रवेश कर जाती है और हारने वाली टीम को दूसरा मौका क्वालीफायर-2 में मिलता है।
क्वालीफायर-1 के बाद एक एलिमिनेटर मैच खेला जाता है। इसमें तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम आमने-सामने होती हैं। यहां हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाती है और जीतने वाली टीम क्वालीफायर-2 में पहुंचती है। क्वालीफायर-2 में जो टीम जीतती है उसका मुकाबला फाइनल में पहले से पहुंची टीम से होता है।
2011 में प्लेऑफ फॉर्मेट की शुरुआत हुई। उससे पहले 2008 से लेकर 2010 तक दो सेमीफाइनल और एक फाइनल मैच होते थे। प्लेऑफ में पहुंचने वाली टीम को क्वालीफायर-1, एलिमिनेटर और क्वालीफायर-2 के बाद फाइनल खेलना होता है। अंक तालिका में शीर्ष दो पर रहने वाली टीमें क्वालीफायर-1 में खेलती हैं। उस मैच में जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में प्रवेश कर जाती है और हारने वाली टीम को दूसरा मौका क्वालीफायर-2 में मिलता है।
क्वालीफायर-1 के बाद एक एलिमिनेटर मैच खेला जाता है। इसमें तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम आमने-सामने होती हैं। यहां हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाती है और जीतने वाली टीम क्वालीफायर-2 में पहुंचती है। क्वालीफायर-2 में जो टीम जीतती है उसका मुकाबला फाइनल में पहले से पहुंची टीम से होता है।
गुजरात टाइटंस
- फोटो : IPL/BCCI
गुजरात के चैंपियन बनने की संभावनाएं कम
2011 में प्लेऑफ फॉर्मेट की शुरुआत हुई। तब से अब तक हुए कुल 11 आईपीएल में सिर्फ चार बार ही अंक तालिका में पहले स्थान पर रहने वाली टीम चैंपियन बनी है। 2011 में चेन्नई सुपरकिंग्स पहले स्थान पर रहने के बाद चैंपियन बनी थी। उसके छह साल बाद 2017 में पहले पायदान पर रहने वाली मुंबई इंडियंस की टीम खिताब जीतने में कामयाब रही थी। मुंबई ने इसके बाद 2019 और 2020 में भी पहला स्थान हासिल किया था और ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। इन आंकड़ों को देखें तो गुजरात की संभावनाएं कम हैं। गुजरात को टूर्नामेंट जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा।
2011 में प्लेऑफ फॉर्मेट की शुरुआत हुई। तब से अब तक हुए कुल 11 आईपीएल में सिर्फ चार बार ही अंक तालिका में पहले स्थान पर रहने वाली टीम चैंपियन बनी है। 2011 में चेन्नई सुपरकिंग्स पहले स्थान पर रहने के बाद चैंपियन बनी थी। उसके छह साल बाद 2017 में पहले पायदान पर रहने वाली मुंबई इंडियंस की टीम खिताब जीतने में कामयाब रही थी। मुंबई ने इसके बाद 2019 और 2020 में भी पहला स्थान हासिल किया था और ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। इन आंकड़ों को देखें तो गुजरात की संभावनाएं कम हैं। गुजरात को टूर्नामेंट जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा।
राजस्थान रॉयल्स
- फोटो : IPL/BCCI
राजस्थान के पक्ष में आंकड़ें
प्लेऑफ फॉर्मेट शुरू होने के बाद दूसरे स्थान पर रहनी वाली टीमों के प्रदर्शन के बारे में बात करें तो छह बार उसने खिताब पर कब्जा जमाया। 2012 में कोलकाता नाइटराइडर्स, 2013 में मुंबई इंडियंस, 2014 में कोलकाता नाइटराइडर्स, 2015 में मुंबई इंडियंस दूसरे स्थान पर रही थी। दोनों टीमें चार साल में दो-दो बार चैंपियन बनी थीं। इसके बाद 2018 और 2021 में चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम दूसरे पायदान पर रहने के बावजूद खिताब जीतने में कायम रही थी। ये आंकड़ें राजस्थान के पक्ष में हैं। वह एक बार चैंपियन भी बन चुकी है। अब उसकी नजर दूसरे खिताब पर है।
प्लेऑफ फॉर्मेट शुरू होने के बाद दूसरे स्थान पर रहनी वाली टीमों के प्रदर्शन के बारे में बात करें तो छह बार उसने खिताब पर कब्जा जमाया। 2012 में कोलकाता नाइटराइडर्स, 2013 में मुंबई इंडियंस, 2014 में कोलकाता नाइटराइडर्स, 2015 में मुंबई इंडियंस दूसरे स्थान पर रही थी। दोनों टीमें चार साल में दो-दो बार चैंपियन बनी थीं। इसके बाद 2018 और 2021 में चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम दूसरे पायदान पर रहने के बावजूद खिताब जीतने में कायम रही थी। ये आंकड़ें राजस्थान के पक्ष में हैं। वह एक बार चैंपियन भी बन चुकी है। अब उसकी नजर दूसरे खिताब पर है।
लखनऊ सुपरजाएंट्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर
- फोटो : IPL/BCCI
लखनऊ और आरसीबी को करना होगा चमत्कार
लखनऊ की टीम अंक तालिका में तीसरे और आरसीबी की टीम चौथे स्थान पर रही। प्लेऑफ फॉर्मेट आने के बाद सिर्फ एक बार तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम चैंपियन बनी है। 2016 में यह कारनामा सनराइजर्स हैदराबाद ने किया था। लखनऊ को टूर्नामेंट जीतने के लिए तीन बाधाओं को पार करना होगा। वहीं, आरसीबी की बात करें तो इतिहास उसके पक्ष में नहीं है। प्लेऑफ फॉर्मेट में अब तक एक बार भी चौथे पायदान पर रहने वाली टीम चैंपियन नहीं बनी है। हां, उससे पहले एक बार 2009 में डेक्कन चार्जर्स ने यह कारनामा जरूर किया था। तब उसने फाइनल में आरसीबी को ही हराया था।
2008 से 2010 तक क्या है रिकॉर्ड
प्लेऑफ फॉर्मेट से पहले की बात करें तो 2008 से 2010 तक तीन सीजन में पहले, चौथे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम चैंपियन बनी थीं। राजस्थान पहले सीजन में शीर्ष पर थी और उसने खिताब पर भी कब्जा किया था। 2009 में डेक्कन की टीम चौथे नंबर पर थी और उसने फाइनल में आरसीबी को शिकस्त दी थी। 2010 में चेन्नई की टीम तीसरे स्थान पर थी और उसने फाइनल अपने नाम किया था।
आईपीएल का रिकॉर्ड
लखनऊ की टीम अंक तालिका में तीसरे और आरसीबी की टीम चौथे स्थान पर रही। प्लेऑफ फॉर्मेट आने के बाद सिर्फ एक बार तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम चैंपियन बनी है। 2016 में यह कारनामा सनराइजर्स हैदराबाद ने किया था। लखनऊ को टूर्नामेंट जीतने के लिए तीन बाधाओं को पार करना होगा। वहीं, आरसीबी की बात करें तो इतिहास उसके पक्ष में नहीं है। प्लेऑफ फॉर्मेट में अब तक एक बार भी चौथे पायदान पर रहने वाली टीम चैंपियन नहीं बनी है। हां, उससे पहले एक बार 2009 में डेक्कन चार्जर्स ने यह कारनामा जरूर किया था। तब उसने फाइनल में आरसीबी को ही हराया था।
2008 से 2010 तक क्या है रिकॉर्ड
प्लेऑफ फॉर्मेट से पहले की बात करें तो 2008 से 2010 तक तीन सीजन में पहले, चौथे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम चैंपियन बनी थीं। राजस्थान पहले सीजन में शीर्ष पर थी और उसने खिताब पर भी कब्जा किया था। 2009 में डेक्कन की टीम चौथे नंबर पर थी और उसने फाइनल में आरसीबी को शिकस्त दी थी। 2010 में चेन्नई की टीम तीसरे स्थान पर थी और उसने फाइनल अपने नाम किया था।
आईपीएल का रिकॉर्ड
| साल | अंक तालिका में शीर्ष पर | विजेता |
| 2008 | राजस्थान रॉयल्स | राजस्थान रॉयल्स |
| 2009 | दिल्ली डेयरडेविल्स | डेक्कन चार्जर्स |
| 2010 | मुंबई इंडियंस | चेन्नई सुपरकिंग्स |
| 2011 | चेन्नई सुपरकिंग्स | चेन्नई सुपरकिंग्स |
| 2012 | दिल्ली डेयरडेविल्स | कोलकाता नाइटराइडर्स |
| 2013 | चेन्नई सुपरकिंग्स | मुंबई इंडियंस |
| 2014 | पंजाब किंग्स | कोलकाता नाइटराइडर्स |
| 2015 | चेन्नई सुपरकिंग्स | मुंबई इंडियंस |
| 2016 | गुजरात टाइटंस | सनराइजर्स हैदराबाद |
| 2017 | मुंबई इंडियंस | मुंबई इंडियंस |
| 2018 | सनराइजर्स हैदराबाद | चेन्नई सुपरकिंग्स |
| 2019 | मुंबई इंडियंस | मुंबई इंडियंस |
| 2020 | मुंबई इंडियंस | मुंबई इंडियंस |
| 2021 | दिल्ली कैपिटल्स | चेन्नई सुपरकिंग्स |