क्या है आईपीएल की रिटेंशन पॉलिसी, जानिए इसके बारे में सबकुछ
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आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बुधवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि दो वर्ष के प्रतिबंध के बाद वापसी करने वाले चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और राजस्थान रॉयल्स प्लेयर रिटेंशन और राइट टू मैच के तहत 5-5 खिलाड़ियों को वापस अपनी टीम में शामिल कर सकती हैं। बैठक दिल्ली में सीओए की उपस्थिति में की गई, जिसमें आईपीएल रिटेंशन पॉलिसी, सेलरी कैप और प्लेयर रेगुलेशन के बारे में चर्चा की गई।
गौरतलब है कि इस पॉलिसी के तहत एक टीम ज्यादा से ज्यादा 5 खिलाड़ियों को रिटेनशन पॉलिसी और 'राइट टू मैच' कैटेगरी के तहत रिटेन किया जा सकता है। दोनों कैटेगरी में तीन से ज्यादा खिलाड़ियों को रिटेन नहीं किया जा सकेगा।
सीएसके और राजस्थान रॉयल्स ये दोनों टीम उन पांच-पांच खिलाड़ियों को बरकरार रख सकती है, जो 2015 में उनके पास थे और इसके बाद राइजिंग पुणे सुपरजायंट और गुजरात लॉयंस की तरफ से खेले थे। इसलिए सीएसके के पास धोनी, सुरेश रैना, रविंद्र जडेजा, ड्वेन ब्रावो और ब्रेंडन मैकुलम जैसे दिग्गजों को वापस टीम में रखने का मौका है, तो वहीं राजस्थान रॉयल्स अजिंक्य रहाणे, स्टीव स्मिथ और जेम्स फॉकनर को टीम में बरकरार रख सकती हैं।
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इसी बीच टीम इंडिया के विकेट कीपर और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपनी पुरानी टीम चेन्नई सुपर किंग्स से खेलते हुए नजर आ सकते हैं।
क्या है राइट टू मैच?
'राइट टू मैच' के तहत किसी खिलाड़ी की जो सर्वाधिक बोली लगी हो उसके बराबर की कीमत चुका कर फ्रेंचाइजी अपने क्रिकेटर को वापस पा सकती है।
ये हैं IPL 11वें सीजन के नए नियम:-
-फ्रेंचाइजी खर्च कर सकेंगे और पैसाः- आईपीएल टीमों को खिलाड़ियों को खरीदने के लिए खर्च होने वाले राशि को 66 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 80 करोड़ रुपये कर दिया गया है। जबकि 2019 में ये रकम बढ़कर 82 करोड़ रुपये और 2020 में ये रकम 85 करोड़ रुपये हो जाएगी। हर टीम को अपने कोटे में कम से कम 75 प्रतिशत खर्च करना होगा।
-पांच खिलाड़ियों को बरकरार रख सकती टीमः- एक टीम ज्यादा से ज्यादा 5 खिलाड़ियों को रिटेनशन पॉलिसी और ‘राइट टू मैच’ कैटेगरी के तहत रिटेन कर सकती है। दोनों कैटेगरी में तीन से ज्यादा खिलाड़ियों को रिटेन नहीं किया जा सकेगा। यानी अगर कोई टीम तीन खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती है और फिर वो दो खिलाड़ियों को राइट टू मैच कार्ड के जरिए टीम में ले सकती है, तो वहीं इसके उलट अगर टीम दो खिलाड़ियों को रिटेन करती है तो , नीलामी के समय 3 खिलाड़ियों को राइट टू मैच के जरिए अपने साथ जोड़ सकती है। अगर कोई टीम एक भी खिलाड़ी को रिटेन नहीं करती है तो नीलामी के वक्त उसके पास 3 खिलाड़ियों को राइट टू मैच के जरिए अपने साथ जोड़ने का मौका होगा।
-रिटेन किए गए खिलाड़ी होंगे मालामालः- यदि फ्रेंचाइजी तीन खिलाड़ियों को रिटेन करती है तो पहले प्लेयर को 15 करोड़, दूसरे प्लेयर को 11 करोड़ और तीसरे प्लेयर को 7 करोड़ मिलेंगे। यदि फ्रेंचाइजी दो प्लेयर्स को रिटेन करता है तो पहले खिलाड़ी को 15 करोड़, दूसरे खिलाड़ी को 8.5 करोड़ मिल पाएंगे। यदि फ्रेंचाइजी एक ही खिलाड़ी को रिटेन करने का फैसला लेती है तो रिटेन हुए खिलाड़ी को अधिकतम 12.5 करोड़ रुपए मिल सकते हैं।
-रिटेन पांच खिलाड़ियों को इन नियमों के तहत चुना जाएगाः- फ्रेंचाइजी रिटेन किए गए खिलाड़ियो में ज्यादा से ज्यादा 3 कैप्ड भारतीय खिलाड़ी, 2 विदेशी खिलाड़ी और 2 अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी ही रख सकती है।
-खिलाड़ियों की संख्या:- हर फ्रेंचाइजी अधिकतम 25 खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर सकती हैं। टीम में अधिकतम 8 विदेशी खिलाड़ी हो सकते है । टीम में कम से कम 18 खिलाड़ी होना अनिवार्य है।
- बेस प्राइस : इस बार की आईपीएल में किसी भी खिलाड़ी की सबसे कम बोली 40 लाख रुपए तय की गई है।