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IPL 2022: घर छोड़ा...मजदूरी की, साल भर नहीं मिला दोपहर का खाना, पढ़ें मुंबई के नए गेंदबाज की कहानी

Sat, 07 May 2022 08:59 AM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: रोहित राज Updated Sat, 07 May 2022 08:59 AM IST
सार

बाएं हाथ के स्पिनर कुमार कार्तिकेय सिंह ने आईपीएल तक पहुंचने के लिए मजदूरी की, भूखे पेट सोए और एक साल तक लंच भी नहीं किया। इस मेहनत का नतीजा भी उन्हें मिला और आईपीएल की सबसे सफल टीम की ओर से खेलने का मौका मिला।

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IPL 2022 Mumbai Indians Kumar Kartikeya Singh life story kanpur to ghaziabad and bhopal to mumbai ipl journey
कुमार कार्तिकेय - फोटो : IPL/BCCI

विस्तार

मुंबई इंडियंस की हर बार आईपीएल में किसी न किसी नए खिलाड़ियों को मौका देती है। इस बार टीम ने तिलक वर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस और ऋतिक शौकीन जैसे युवाओं को मौका दिया। टीम के लिए सबने बेहतर प्रदर्शन किया और खुद को साबित किया। इस लिस्ट में एक नाम बाएं हाथ के स्पिनर कुमार कार्तिकेय सिंह का भी है। आईपीएल तक पहुंचने के लिए उन्होंने मजदूरी की, भूखे पेट सोए और एक साल तक लंच भी नहीं किया। इस मेहनत का नतीजा भी उन्हें मिला और आईपीएल की सबसे सफल टीम की ओर से खेलने का मौका मिला। 
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दिल्ली में दोस्त का मिला सहारा
नौ साल पहले 15 वर्षीय कार्तिकेय कानपुर छोड़कर दिल्ली पहुंच गए थे। उन्होंने घरवालों से वादा किया था कि अपने क्रिकेट के कारण कभी भी परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं डालेंगे। कार्तिकेय को दिल्ली में उनके दोस्त राधेश्याम के अलावा कोई नहीं जानता था। राधेश्याम लीग क्रिकेट में खेलते थे। उन्होंने कार्तिकेय की मदद की। दोनों कई क्रिकेट एकेडमी में गए, लेकिन सभी ज्यादा पैसे मांग रहे थे।
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तब दोनों क्रिकेट कोच संजय भारद्वाज के पास गए। वहां राधेश्याम ने कहा कि कार्तिकेय के पास उन्हें देने के लिए पैसे नहीं हैं। इसके बावजूद भारद्वाज ने दोनों की मदद की। उन्होंने कार्तिकेय को ट्रायल देने के लिए कहा। नेट पर एक गेंद देखने के बाद भारद्वाज ने उनका चयन कर दिया। इस बारे में उन्होंने खुद ईएसपीएन क्रिकइंफो को बताया। उन्होंने कहा, ''कार्तिकेय का एक्शन सही था। वह अपनी उंगलियों का सही से इस्तेमाल करता था।''
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गाजियाबाद के पास गांव में की मजदूरी
अब कोचिंग तो कार्तिकेय को मिल गई थी, लेकिन उसे रहने और खाने का प्रबंध करना था। इसके लिए वह गाजियाबाद के पास मसूरी गांव में मजदूरी करने लगे। वह उनके एकेडमी से 80 किलोमीटर दूर था। फैक्ट्री के नजदीक रहने के लिए उन्हें जगह मिल गई थी। वह रात में फैक्ट्री में काम करते थे और दिन में एकेडमी जाते थे। कई किलोमीटर पैदल चलते थे ताकि बिस्किट के लिए 10 रूपये बच सके।

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कुमार कार्तिकेय - फोटो : IPL/BCCI
कोच ने एकेडमी में रहने का प्रबंध किया
जब कोच भारद्वाज को यह पता चला कि कार्तिकेय कई किलोमीटर पैदल ही चलते हैं तो उन्होंने पूछा- वह कहीं और क्यों नहीं रहते। उसी समय कार्तिकेय ने उन्हें कारखाने में अपनी नौकरी, नाइट शिफ्ट और कठिन यात्रा के बारे में बताया। भारद्वाज ने उन्हें एकेडमी के रसोइया के साथ रहने के लिए कहा। कार्तिकेय ने उनकी बात मान ली। भारद्वाज ने एकेडमी में कार्तिकेय के रहने के पहले दिन को याद किया। उन्होंने कहा,  "जब रसोइया ने उसे दोपहर का भोजन दिया तो कार्तिकेय रोने लगा। उसने एक साल से दोपहर का भोजन नहीं किया था।"

डीडीसीए ने किया नजरअंदाज
इसके बाद भारद्वाज ने कार्तिकेय का एक स्कूल में दाखिला करा दिया। कार्तिकेय स्कूल की ओर से खेलने लगे और डीडीसीए लीग में 45 विकेट लिए। वह दिल्ली में प्रतिष्ठित ओम नाथ सूद टूर्नामेंट सहित तीन टूर्नामेंटों में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट थे। इतने बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद कार्तिकेय का सिलेक्शन डीडीसीए ने टॉप-200 में नहीं किया था।

दिल्ली से मध्य प्रदेश पहुंचे
भारद्वाज ने पहले भी इन मुद्दों को निपटाया था। गौतम गंभीर के बचपन के कोच के रूप में प्रसिद्ध भारद्वाज ने अमित मिश्रा के साथ ऐसा ही देखा था। तब उन्होंने मिश्रा को हरियाणा जाने के लिए कहा था। अब कार्तिकेय को उन्होंने मध्य प्रदेश भेज दिया। भारद्वाज ने कहा, "उसकी काबिलियत और लगन को देखते हुए मैंने उसे अपने दोस्त और शहडोल क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अजय द्विवेदी के पास भेजा। कार्तिकेय ने वहां डिवीजन क्रिकेट के पहले दो वर्षों में 50 से अधिक विकेट लिए।"

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कुमार कार्तिकेय और मुंबई इंडियंस की मालकिन नीता अंबानी - फोटो : IPL/BCCI
रणजी में कर चुके हैं डेब्यू
राज्य के ट्रायल मैचों में कार्तिकेय ने हर मुकाबले में पांच-पांच विकेट लिए। जल्द ही उन्होंने रणजी ट्रॉफी क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। उन्हें मध्य प्रदेश अंडर-23 में भी खेलने का मौका मिला। जब कार्तिकेय ने 2018 में डेब्यू किया तो कार्तिकेय ने भारद्वाज को अपने पिता से बात करवाई। उसी समय से कार्तिकेय का भोपाल में नया घर भारद्वाज का नया क्रिकेट एकेडमी बन गया। भारद्वाज ने कहा, 'जब भी वह फ्री होता है तो नेट्स में गेंदबाजी करना शुरू कर देता है। कई बार वह देर रात इंदौर में मैच खेलने के बाद वापस आता है और लाइट जलाकर प्रैक्टिस करने लगता है।''

किस्मत ने दिया साथ तो आईपीएल में मिला मौका
मुंबई इंडियंस ने कार्तिकेय को मोहम्मद अरशद खान के चोटिल होने के बाद टीम में शामिल किया। उन्होंने नौ प्रथम श्रेणी, 19 लिस्ट ए और आठ टी20 मैच खेले हैं। इस दौरान क्रमश: 35, 18 और नौ विकेट लिए हैं। उन्हें मुंबई ने 20 लाख रुपये में टीम के साथ जोड़ा। आईपीएल में अपने पहले ओवर में कार्तिकेय ने संजू सैमसन का विकेट लिया। भले ही उन्होंने तुरंत सफलता हासिल न की हो, लेकिन कार्तिकेय परेशान नहीं होंगे। इतनी दूर आने में उन्होंने बहुत बड़ी बाधाओं को पार कर लिया है।
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