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IPL 2022: रवींद्र जडेजा ने क्यों छोड़ी चेन्नई सुपरकिंग्स की कप्तानी? महेंद्र सिंह धोनी ने बताया कारण
Mon, 02 May 2022 03:53 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: रोहित राज
Updated Mon, 02 May 2022 03:53 PM IST
सार
धोनी ने सीजन शुरू होने से दो दिन पहले 24 मार्च को कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था। उनके स्थान पर रवींद्र जडेजा को कमान सौंपी गई थी। आठ मैचों में कप्तानी करने के बाद जडेजा ने पद से हटने का फैसला किया।
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महेंद्र सिंह धोनी और चेन्नई के खिलाड़ी
- फोटो : IPL/BCCI
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विस्तार
आईपीएल में महेंद्र सिंह धोनी की बतौर कप्तान वापसी हुई। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ रविवार (दो मई) को चेन्नई सुपरकिंग्स की कमान संभाली। इस मैच में उनकी टीम 15 रन से जीत हासिल करने में सफल हुई। मैच जीतने के बाद धोनी ने टीम के प्रदर्शन और जडेजा के कप्तानी छोड़ने को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि क्यों जडेजा ने कप्तानी छोड़ी।
धोनी ने सीजन शुरू होने से दो दिन पहले 24 मार्च को कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था। उनके स्थान पर रवींद्र जडेजा को कमान सौंपी गई थी। आठ मैचों में कप्तानी करने के बाद जडेजा ने पद से हटने का फैसला किया। 37 दिन बाद ही चेन्नई को फिर से कप्तान बदलना पड़ा और एक बार जिम्मेदारी चार बार टीम को चैंपियन बना चुके धोनी के कंधों पर आ गई।
धोनी बोले- शुरुआती दो मैचों में मैंने जडेजा की मदद की
धोनी ने कहा कि कप्तानी के कारण जडेजा का खेल खराब हो रहा था। टीम के लिए जडेजा एक बल्लेबाज, एक गेंदबाज और एक फील्डर के रूप में ज्यादा जरूरी है। दबाव में रहने वाला जडेजा टीम को नहीं चाहिए। इसी कारण यह फैसला लिया गया है। धोनी ने कहा, ''मुझे ऐसा लगता है कि जडेजा को यह पिछले सीजन के दौरान ही पता चल गया था कि उन्हें अगले सीजन में कप्तानी करनी है। इस बार शुरुआती दो मैचों में मैंने उनकी मदद की। इसके बाद मैंने जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी। उन्हें फैसले लेने के लिए स्वतंत्र कर दिया।''
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कप्तानी का दबाव खिलाड़ियों पर पड़ता है: धोनी
धोनी ने कप्तानी के दबाव को लेकर कहा, ''एक बार जब आप टीम के कप्तान बन जाते हैं तो लोग आपसे बहुत ज्यादा उम्मीदें करने लगते हैं। इस चीज का असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी पड़ता है। मुझे ऐसा लगता है कि जडेजा के साथ भी ऐसा ही हुआ। वे गेंदबाजी और बल्लेबाजी में अपने पुराने रंग में नहीं दिख रहे थे। उनकी फील्डिंग भी खराब हुई। हमें डीप-मिडविकेट पर उनकी कमी खली। हम कप्तानी के कारण बल्लेबाज, गेंदबाज और फील्डर जडेजा को नहीं खोना चाहते हैं।''
चेन्नई की शानदार जीत
मैच में सनराइजर्स के कप्तान केन विलियमसन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। उनका यह फैसला गलत साबित हुआ। चेन्नई ने दो विकेट पर 202 रन बनाए। उसके लिए ऋतुराज गायकवाड़ ने 57 गेंदों पर 99 और डेवोन कॉनवे ने 55 गेंदों पर नाबाद 85 रन बनाए। कप्तान धोनी आठ रन बनाकर आउट हुए। रवींद्र जडेजा एक रन बनाकर नाबाद रहे। 203 रन के जवाब में सनराइजर्स की टीम छह विकेट पर 189 रन ही बना सकी। उसके लिए निकोलस पूरन ने 33 गेंद पर नाबाद 64 और केन विलियमसन ने 37 गेंद पर 47 रन बनाए। चेन्नई के लिए मुकेश चौधरी ने चार विकेट लिए।
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धोनी ने सीजन शुरू होने से दो दिन पहले 24 मार्च को कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था। उनके स्थान पर रवींद्र जडेजा को कमान सौंपी गई थी। आठ मैचों में कप्तानी करने के बाद जडेजा ने पद से हटने का फैसला किया। 37 दिन बाद ही चेन्नई को फिर से कप्तान बदलना पड़ा और एक बार जिम्मेदारी चार बार टीम को चैंपियन बना चुके धोनी के कंधों पर आ गई।
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धोनी बोले- शुरुआती दो मैचों में मैंने जडेजा की मदद की
धोनी ने कहा कि कप्तानी के कारण जडेजा का खेल खराब हो रहा था। टीम के लिए जडेजा एक बल्लेबाज, एक गेंदबाज और एक फील्डर के रूप में ज्यादा जरूरी है। दबाव में रहने वाला जडेजा टीम को नहीं चाहिए। इसी कारण यह फैसला लिया गया है। धोनी ने कहा, ''मुझे ऐसा लगता है कि जडेजा को यह पिछले सीजन के दौरान ही पता चल गया था कि उन्हें अगले सीजन में कप्तानी करनी है। इस बार शुरुआती दो मैचों में मैंने उनकी मदद की। इसके बाद मैंने जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी। उन्हें फैसले लेने के लिए स्वतंत्र कर दिया।''
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कप्तानी का दबाव खिलाड़ियों पर पड़ता है: धोनी
धोनी ने कप्तानी के दबाव को लेकर कहा, ''एक बार जब आप टीम के कप्तान बन जाते हैं तो लोग आपसे बहुत ज्यादा उम्मीदें करने लगते हैं। इस चीज का असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी पड़ता है। मुझे ऐसा लगता है कि जडेजा के साथ भी ऐसा ही हुआ। वे गेंदबाजी और बल्लेबाजी में अपने पुराने रंग में नहीं दिख रहे थे। उनकी फील्डिंग भी खराब हुई। हमें डीप-मिडविकेट पर उनकी कमी खली। हम कप्तानी के कारण बल्लेबाज, गेंदबाज और फील्डर जडेजा को नहीं खोना चाहते हैं।''
चेन्नई की शानदार जीत
मैच में सनराइजर्स के कप्तान केन विलियमसन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। उनका यह फैसला गलत साबित हुआ। चेन्नई ने दो विकेट पर 202 रन बनाए। उसके लिए ऋतुराज गायकवाड़ ने 57 गेंदों पर 99 और डेवोन कॉनवे ने 55 गेंदों पर नाबाद 85 रन बनाए। कप्तान धोनी आठ रन बनाकर आउट हुए। रवींद्र जडेजा एक रन बनाकर नाबाद रहे। 203 रन के जवाब में सनराइजर्स की टीम छह विकेट पर 189 रन ही बना सकी। उसके लिए निकोलस पूरन ने 33 गेंद पर नाबाद 64 और केन विलियमसन ने 37 गेंद पर 47 रन बनाए। चेन्नई के लिए मुकेश चौधरी ने चार विकेट लिए।