कभी 16 करोड़ में बिकने वाले युवी इस बार अपने बेस प्राइज 1 करोड़ पर ही सिमट गए। बीते मंगलवार को हुई आईपीएल 2019 की नीलामी में उन्हें पहली बार में कोई खरीदार ही नहीं मिला। आखिरकार दूसरे दौर में इस धाकड़ बल्लेबाज पर मुंबई इंडियंस ने भरोसा जताया।
बेहद खराब दौर से गुजर रहे युवराज सिंह शायद अपने हालातों से वाकिफ थे। तभी तो नीलामी से ठीक पहले उन्होंने अपना बेस प्राइज 2 करोड़ से घटाकर आधा कर लिया था। 37 वर्षीय युवराज पर दांव लगाने के बाद दो तरह की बातें होने लगी।
कुछ लोग ऐसे थे जो खराब फॉर्म और फिटनेस की समस्या से जूझ रहे युवी जैसे बुढ़े शेर को खरीदने के फैसले को गलत ठहराने लगे। वहीं एक बिरादरी ऐसी भी है जो मुंबई इंडियंस के इस कदम की तारीफ करते नहीं थक रही। तर्क है कि मुंबई ने युवी को खरीदकर उनके करोड़ों फैंस का दिल टूटने से बचा लिया।
पूरे घटनाक्रम के बाद अब क्रिकेट जगत में दो बयान तैर रहे हैं। पहला मुंबई इंडियंस के मालिक आकाश अंबानी का। जहां उन्होंने बातों-बातों में ही साफ कर दिया कि क्यों उन्होंने युवी को चुनने का फैसला किया। फिर मुंबई इंडियंस से जुड़ने के बाद युवराज सिंह के दिए बयान पर भी गौर करेंगे।
नीलामी के बाद आकाश अंबानी ने कहा कि हमारी टीम में काफी युवा हैं। इन युवाओं को मैनेज करने के लिए हमें अनुभवी खिलाड़ियों की जरूरत है, इसलिए हमने लसिथ मलिंगा और युवराज सिंह को अपने साथ लिया हैष पहले राउंड में युवराज को नहीं खरीदे जाने के सवाल पर मुंबई इंडियंस का कहना है- 'हमें अब जाकर अक्ल आई है।'