{"_id":"5d5594628ebc3e6ccf6551b1","slug":"indian-player-yuvraj-singh-s-case-an-exception-no-nocs-for-indians-to-play-t20-leagues","type":"story","status":"publish","title_hn":"संन्यास के बाद युवराज को मिली था खास विदाई, सभी क्रिकेटर्स के लिए मेहरबान नहीं बोर्ड","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
संन्यास के बाद युवराज को मिली था खास विदाई, सभी क्रिकेटर्स के लिए मेहरबान नहीं बोर्ड
Thu, 15 Aug 2019 10:50 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंशुल तलमले
Updated Thu, 15 Aug 2019 10:50 PM IST
विज्ञापन
युवराज सिंह
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीसीसीआई संन्यास ले चुके अपने पूर्व खिलाड़ियों को विदेशी लीगों में खेलने की अनुमति देने के लिए कभी राजी नहीं होती है लेकिन सीओए ने युवराज के मामले में उसने एनओसी दे दी जो एक अपवाद है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कनाडा में खेली जा रही ग्लोबल टी-20 लीग के लिए पूर्व खिलाड़ी युवराज सिंह को अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया था।
विज्ञापन
इस मामले को देखकर कई पूर्व खिलाड़ियों ने राहत की सांस ली थी और उन्हें उम्मीद थी कि अन्य देशों में खेली जा रही लीगों के लिए बोर्ड उन्हें भी एनओसी दे देगा, लेकिन प्रशासको की समिति (सीओए) का कहना है कि युवराज का मामला अपवाद था और वह किसी और को इस तरह की एनओसी नहीं देगा।
विज्ञापन
सीओए के सदस्य ने कहा, ‘युवराज का मामला अलग मामला है। वह अपवाद हैं। हम किसी और अन्य खिलाड़ी को विदेशी लीग में खेलने के लिए एनओसी नहीं देंगे। हमने इस मुद्दे पर चर्चा की है और फैसला लिया है कि इस पर कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।’
विज्ञापन
सीओए के इस फैसले ने बीसीसीआई के अधिकारियों को हैरान कर दिया है और कहा है कि फैसलों में निरंतरता होना जरूरी है और एक खिलाड़ी को एनओसी देने के बाद नीति नहीं बदलनी चाहिए।
बोर्ड के अधिकारी ने कहा कि जब खिलाड़ियों और उनके करियर की बात आती है तो मनमाना रवैया नहीं चल सकता। कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो अब भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हो सकते क्योंकि वह बोर्ड की नीति में नहीं है और ऐसे खिलाड़ी अब संन्यास के बारे में सोच रहे होंगे ताकि वह विदेशी लीगों में खेल सकें।