भारतीय क्रिकेटरों के 'अच्छे दिन', BCCI साल में देगा इतनी मोटी रकम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टीम इंडिया के क्रिकेटर्स के जल्द ही अच्छे दिन आने वाले हैं। टीम इंडिया की मेंस, विमेंस, डोमेस्टिक और जूनियर क्रिकेटर्स की सैलरी में जल्द ही बड़ा इजाफा हो सकता है। यह लगभग तय हो चुका है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकों की समिति (सीओए) की बैठक के बाद टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि भारतीय क्रिकेटरों की सैलरी में भारी इजाफा होगा। ऐसा माना जा रहा है कि क्रिकेटरों की फीस में लगभग 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।
सूत्र ने कहा, 'निदाहास ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम के रवाना होने से पहले 25 क्रिकेटरों को तीन श्रेणियों (ए, बी और सी) में बांटा जाएगा, जिन्हें वार्षिक अनुबंध में शामिल किया जाएगा। हमने वेतन बढ़ाने को लेकर वित्तीय समिति की मंजूरी का इंतजार किया, लेकिन इस मुद्दे पर हमारे पास न तो कुछ मिला और न ही कुछ वापस लौटा है।'
क्रिकेटर्स की इस वजह से जल्दी ग्रेडिंग करना चाहता है बीसीसीआई
उन्होंने आगे कहा, 'हम आईपीएल से पहले खिलाड़ियों को अनुबंध देना चाहते हैं क्योंकि हमें यह सुनिश्चित करने की जरुरत है कि राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते समय चोटिल होने के कारण कहीं वह लीग का मैच नहीं खेले तो ज्यादा दिक्कत नहीं हो।'
हालांकि, सूत्र ने नई सैलरी संरचना का खुलासा करने से इंकार कर दिया। मगर उन्होंने तुरंत इस बात को खारिज कर दिया कि ग्रेड 'ए' से अनुबंधित क्रिकेटरों को साल में 12 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्रिकेटरों का ग्रेड एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय चयनकर्ता समिति ही करेगी।
बहरहाल, सीओए ने अपनी सातवीं स्तर रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट से बीसीसीआई के तीन मौजूदा अधिकारियों को हटाने की दरख्वास्त की है। इसमें कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना, कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी के नाम शामिल हैं। इस आधार पर कि इन सभी ने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है और इस प्रकार उन्हें जारी रखने के लिए अयोग्य घोषित करना होगा।
यह पाया गया है कि अधिकारियों के कानूनी स्तर, जिसके अंतर्गत पांच निर्वाचित उपाध्यक्ष और समितियां 1 मार्च के बाद जांच के तहत आ सकती हैं।