आखिर महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त को ही क्यों लिया संन्यास?
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टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया है। उन्होंने अचानक क्रिकेट को अलविदा कहने का एलान इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए किया है।
अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में एमएस धोनी ने लिखा है, 'आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए बहुत धन्यवाद। आज शाम 7.29 बजे के बाद से मुझे रिटायर समझा जाए।' बता दें कि धोनी काफी दिनों से क्रिकेट से दूर हैं। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच वर्ल्ड कप 2019 सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था।
बता दें कि धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा जरूर कह दिया है, लेकिन वह आईपीएल खेलते रहेंगे। मगर लोगों के जेहन में ये सवाल बार बार घूम रहा है कि आखिर धोनी ने 15 अगस्त के दिन ही क्रिकेट को अलविदा क्यों कहा?
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दरअसल, धोनी का सेना प्रेम किसी से छिपा नहीं है। एमएस धोनी को 2011 में इंडियन टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक दी गई थी। धोनी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद उपाधि) से सम्मानित हैं। विश्व कप के दौरान भी धोनी दस्ताने पर 'बलिदान बैज' लगाकर खेलने के चलते चर्चा में आए थे।
पिछले साल धोनी 31 जुलाई से लेकर 15 अगस्त तक जम्मू-कश्मीर में 106 टेरिटोरियल आर्मी बटालियन (पैरा) के साथ थे। सेना के साथ रहते हुए धोनी पेट्रोलिंग, गार्ड और पोस्ट की ड्यूटी संभाले थे। इस दौरान वह पूरे समय जवानों के साथ थे। बता दें कि साल 2015 में धोनी ने पैराट्रूपर की ट्रेनिंग भी पूरी की थी और आगरा में ट्रेनिंग के दौरान भारतीय सेना के एयरक्राफ्ट से पांच बार पैराशूट से जंप लगाई थी।
15 साल के करियर में 350 वन-डे खेल चुके धोनी ने साल 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। भारत के लिए उन्होंने 350 वनडे, 90 टेस्ट और 98 टी20 मैच खेले। महेंद्र सिंह धोनी के नाम भारत की तरफ से सबसे ज्यादा कप्तानी का रिकॉर्ड है। धोनी ने कप्तान के रूप में 332 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। उन्होंने टीम इंडिया के लिए 60 टेस्ट, 200 वन-डे और 72 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी की है।