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ODI WC: 1975 से लेकर 2019 तक देखें हर विश्व कप में कैसा भारत का प्रदर्शन, 2003 में चूके तो 1983-2011 में जीते
Tue, 27 Jun 2023 04:31 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Tue, 27 Jun 2023 04:31 PM IST
सार
भारतीय टीम ने 1983 में विश्व कप जीतकर सभी को हैरान कर दिया था, लेकिन इसके बाद टीम इंडिया सिर्फ 2011 में ही विश्व चैंपियन बनी है। वहीं, 2003 में भारत को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।
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वनडे विश्व कप में भारत का प्रदर्शन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
वनडे विश्व कप 2023 का शेड्यूल जारी हो चुका है। पांच अक्तूबर से 19 नवंबर तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में भारत का पहला मैच आठ अक्तूबर को ऑस्ट्रेलिया से है। इसके बाद टीम इंडिया 11 अक्तूबर को अफगानिस्तान और 15 अक्तूबर को पाकिस्तान से खेलेगी। वनडे विश्व कप का आयोजन चौथी बार भारत में हो रहा है और टीम इंडिया तीसरी बार यह विश्व कप जीतना चाहेगी। इससे पहले 1987, 1996 और 2011 में भारत वनडे विश्व कप की मेजबानी कर चुका है, लेकिन सिर्फ 2011 में ही भारतीय टीम अपने घर में खिताब जीत पाई है। हालांकि, इससे पहले भारत ने कभी भी अकेले विश्व कप की मेजबानी नहीं की है। हर बार श्रीलंका, पाकिस्तान या बांग्लादेश भारत के साथ सह मेजबान रहे थे।
भारत ने पहले बार 1983 में और दूसरी बार 2011 में वनडे विश्व कप जीता है और 2003 में टीम इंडिया फाइनल में हार गई थी। यहां हम वनडे विश्व कप के हर संस्करण में टीम इंडिया का रिकॉर्ड बता रहे हैं।
1975
क्रिकेट का पहला विश्व कप 1975 में खेला गया था। इस समय भारतीय टीम काफी कमजोर हुआ करती थी और वनडे मैच 60 ओवर के हुआ करते थे। भारत का पहला मैच इंग्लैंड से था और डेनिस एमिस ने विश्व का पहला शतक जड़ा दिया। जवाब में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। सुनील गावस्कर ने पूरे 60 ओवर बल्लेबाजी की थी और सिर्फ 36 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। टीम इंडिया यह मैच 202 रन से हार गई थी। अगले मैच में भारत ने ईस्ट अफ्रीका को 10 विकेट से हराकर वापसी की, लेकिन न्यूजीलैंड ने चार विकेट से टीम इंडिया को मात दी। इसके साथ ही भारतीय टीम विश्व कप से बाहर हो गई। अंत में वेस्टइंडीज की टीम चैंपियन बनी।
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1979
इस बार भी विश्व कप का आयोजन इंग्लैंड में हुआ और भारतीय टीम इस बार कोई मैच नहीं जीत सकी। तीनों लीग मैच हारकर भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। फाइनल मैच मेजबान इंग्लैंड और डिफेंडिंग चैंपियन वेस्टइंडीज के बीच हुआ। वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को हराकर टूर्नामेंट अपने नाम किया और लगातार दूसरी बार यह टीम विश्व चैंपियन बनी।
1983
वनडे विश्व कप का तीसरा संस्करण भी इंग्लैंड में ही खेला गया। इस बार भी भारतीय टीम बेहद कमजोर थी। अभ्यास मैच में भी भारत को लगातार हार का सामना करना पड़ा। एक अभ्यास मैच में को भारतीय टीम इंग्लैंड की छोटी काउंटी टीम से भी हार गई। हालांकि, टूर्नामेंट शुरू होते ही टीम इंडिया लय में आ गई और पहले मैच में ही वेस्टइंडीज को 34 रन से हरा दिया। विश्व कप में यह कैरिबियाई टीम की पहली हार थी। दूसरे मैच में भारत ने आसानी से जिम्बाब्वे को हरा दिया। तीसरे मैच में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 162 रन की बड़ी हार झेलनी पड़ी। भारत का अगला मैच फिर वेस्टइंडीज से था और यह मैच टीम इंडिया 66 रन से हार गई। लगातार दो हार के बाद भारत के लिए आगे का सफर मुश्किल लग रहा था, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ 31 रन की जीत ने भारतीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा दिया।
भारत ने अगले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 118 रन से हराया और सेमीफाइनल में इंग्लैंड को छह विकेट से मात दी। फाइनल में फिर भारत का सामना वेस्टइंडीज से हुआ और टीम इंडिया ने यह मैच 43 रन से जीतकर इतिहास रच दिया। भारतीय टीम पहली बार विश्व चैंपियन बनी थी और वेस्टइंडीज की टीम खिताब की हैट्रिक लगाने से चूक गई।
1987
पहली बार विश्व कप का आयोजन इंग्लैंड से बाहर हुआ और ओवर की संख्या घटाकर 60 से 50 कर दी गई। भारत और पाकिस्तान को मेजबानी मिली, लेकिन दोनों टीमें खिताब नहीं जीत सकीं। हालांकि, भारतीय टीम सेमीफाइनल तक पहुंचने में सफल रही, लेकिन यहां इंग्लैंड के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में इंग्लैंड को हराया और पहली बार खिताब अपने नाम किया।
1992
ऑस्ट्रेलिया में खेले गए विश्व कप में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले मैच में ही टीम इंडिया इंग्लैंड से नौ रन से हार गई। श्रीलंका के खिलाफ मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। अगले मैच में टीम इंडिया मेजबान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक रन से हार गई। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान और जिम्बाब्वे को हराया। हालांकि, वेस्टइंडीज ने भारत को हरा दिया और टीम इंडिया के सेमीफाइनल खेलने की उम्मीदें कमजोर हो गईं। अगले दो मैच में भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और टीम इंडिया ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। पाकिस्तान ने फाइनल मैच जीता।
1996
यह विश्व कप भारत में आयोजित किया गया और टीम इंडिया ने अच्छी शुरुआत की। लीग स्टेज में अच्छा प्रदर्शन कर भारत ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई और यहां पाकिस्तान के खिलाफ आसान जीत हासिल की। सेमीफाइनल मैच में श्रीलंका के खिलाफ भारत की शुरुआत अच्छी थी, लेकिन सचिन के आउट होते ही पूरी टीम बिखर गई। दर्शकों ने हंगामा कर दिया और श्रीलंकाई टीम को विजेता घोषित कर दिया गया। अंत में श्रीलंका ने खिताब भी अपने नाम किया।
1999
इंग्लैंड में खेले गए इस विश्व कप में राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों ने श्रीलंका के खिलाफ 318 रन की साझेदारी कर इतिहास रच दिया। लीग मैच में श्रीलंका और पाकिस्तान को रौंदकर टीम इंडिया क्वार्टर फाइनल में पहुंची, लेकिन यहां ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा और भारतीय टीम विश्व कप से बाहर हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल जीता।
2003
सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में शानदार अंदाज में खेली। दक्षिण अफ्रीका में खेले गए टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने शानदार खेल दिखाया और सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई टीम ही भारत को हरा पाई। लीग स्टेज में आसान जीत हासिल करते हुए भारत ने सुपर सिक्स राउंड में भी श्रीलंका को आसानी से हराया। भारत ने फाइनल में जगह बनाई, लेकिन यहां ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को 125 रन से हरा दिया और भारत के चैंपियन बनने का सपना टूट गया।
2007
यह भारतीय टीम के लिए सबसे खराब विश्व कप रहा। वेस्टइंडीज में आयोजित टूर्नामेंट में भारतीय टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। द्रविड़, गांगुली और सचिन जैसे दिग्गजों से भरी टीम बांग्लादेश से हार गई और विश्व कप से बाहर हो गई। इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया सिर्फ बरमूडा के खिलाफ एकमात्र जीत हासिल कर पाई। पाकिस्तान की टीम भी आयरलैंड से हारकर बाहर हो गई। दोनों टीमों के कप्तानों ने इस्तीफा दे दिया और ऑस्ट्रेलियाई टीम चैंपियन बनी।
2011
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने घरेलू जमीन पर विश्व कप खेला और चैंपियन भी बना। भारत ने पहले बांग्लादेश को हराकर 2007 में मिली हार का बदला लिया फिर युवराज सिंह के शानदार खेल ने टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। क्वार्टर फाइनल में भारत ने पाकिस्तान और सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया। फाइनल में श्रीलंका को हराकर दूसरी बार विश्व कप अपने नाम किया।
2015
ऑस्ट्रेलिया में खेले गए विश्व कप में शमी की शानदार गेंदबाजी और बल्लेबाजों के अच्छे प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। हालांकि, यहां मिचेल जॉनसन की शानदार गेंदबाजी के चलते भारत को मेजबान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और न्यूजीलैंड को हराकर कंगारू टीम चैंपियन बनी।
2019
इंग्लैंड में खेले गए टूर्नामेंट में भारत ने एक बार फिर शानदार शुरुआत की। लीग मैच में जीत हासिल करते हुए भारत ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। यहां भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ बारिश से बाधित मैच में हार का सामना करना पड़ा। एक बार फिर टीम इंडिया सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई और इंग्लैंड ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर विश्व कप अपने नाम किया।
अब 2023 में एक बार फिर विश्व कप का आयोजन भारत में हो रहा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि 2015 और 2019 की तरह इस बार भी घरेलू टीम चैंपियन बनेगी। ऐसा हुआ तो भारत तीसरी बार वनडे विश्व कप अपने नाम करेगा।
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भारत ने पहले बार 1983 में और दूसरी बार 2011 में वनडे विश्व कप जीता है और 2003 में टीम इंडिया फाइनल में हार गई थी। यहां हम वनडे विश्व कप के हर संस्करण में टीम इंडिया का रिकॉर्ड बता रहे हैं।
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1975
क्रिकेट का पहला विश्व कप 1975 में खेला गया था। इस समय भारतीय टीम काफी कमजोर हुआ करती थी और वनडे मैच 60 ओवर के हुआ करते थे। भारत का पहला मैच इंग्लैंड से था और डेनिस एमिस ने विश्व का पहला शतक जड़ा दिया। जवाब में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। सुनील गावस्कर ने पूरे 60 ओवर बल्लेबाजी की थी और सिर्फ 36 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। टीम इंडिया यह मैच 202 रन से हार गई थी। अगले मैच में भारत ने ईस्ट अफ्रीका को 10 विकेट से हराकर वापसी की, लेकिन न्यूजीलैंड ने चार विकेट से टीम इंडिया को मात दी। इसके साथ ही भारतीय टीम विश्व कप से बाहर हो गई। अंत में वेस्टइंडीज की टीम चैंपियन बनी।
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1979
इस बार भी विश्व कप का आयोजन इंग्लैंड में हुआ और भारतीय टीम इस बार कोई मैच नहीं जीत सकी। तीनों लीग मैच हारकर भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। फाइनल मैच मेजबान इंग्लैंड और डिफेंडिंग चैंपियन वेस्टइंडीज के बीच हुआ। वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को हराकर टूर्नामेंट अपने नाम किया और लगातार दूसरी बार यह टीम विश्व चैंपियन बनी।
1983
वनडे विश्व कप का तीसरा संस्करण भी इंग्लैंड में ही खेला गया। इस बार भी भारतीय टीम बेहद कमजोर थी। अभ्यास मैच में भी भारत को लगातार हार का सामना करना पड़ा। एक अभ्यास मैच में को भारतीय टीम इंग्लैंड की छोटी काउंटी टीम से भी हार गई। हालांकि, टूर्नामेंट शुरू होते ही टीम इंडिया लय में आ गई और पहले मैच में ही वेस्टइंडीज को 34 रन से हरा दिया। विश्व कप में यह कैरिबियाई टीम की पहली हार थी। दूसरे मैच में भारत ने आसानी से जिम्बाब्वे को हरा दिया। तीसरे मैच में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 162 रन की बड़ी हार झेलनी पड़ी। भारत का अगला मैच फिर वेस्टइंडीज से था और यह मैच टीम इंडिया 66 रन से हार गई। लगातार दो हार के बाद भारत के लिए आगे का सफर मुश्किल लग रहा था, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ 31 रन की जीत ने भारतीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा दिया।
भारत ने अगले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 118 रन से हराया और सेमीफाइनल में इंग्लैंड को छह विकेट से मात दी। फाइनल में फिर भारत का सामना वेस्टइंडीज से हुआ और टीम इंडिया ने यह मैच 43 रन से जीतकर इतिहास रच दिया। भारतीय टीम पहली बार विश्व चैंपियन बनी थी और वेस्टइंडीज की टीम खिताब की हैट्रिक लगाने से चूक गई।
1987
पहली बार विश्व कप का आयोजन इंग्लैंड से बाहर हुआ और ओवर की संख्या घटाकर 60 से 50 कर दी गई। भारत और पाकिस्तान को मेजबानी मिली, लेकिन दोनों टीमें खिताब नहीं जीत सकीं। हालांकि, भारतीय टीम सेमीफाइनल तक पहुंचने में सफल रही, लेकिन यहां इंग्लैंड के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में इंग्लैंड को हराया और पहली बार खिताब अपने नाम किया।
1992
ऑस्ट्रेलिया में खेले गए विश्व कप में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले मैच में ही टीम इंडिया इंग्लैंड से नौ रन से हार गई। श्रीलंका के खिलाफ मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। अगले मैच में टीम इंडिया मेजबान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक रन से हार गई। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान और जिम्बाब्वे को हराया। हालांकि, वेस्टइंडीज ने भारत को हरा दिया और टीम इंडिया के सेमीफाइनल खेलने की उम्मीदें कमजोर हो गईं। अगले दो मैच में भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और टीम इंडिया ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। पाकिस्तान ने फाइनल मैच जीता।
1996
यह विश्व कप भारत में आयोजित किया गया और टीम इंडिया ने अच्छी शुरुआत की। लीग स्टेज में अच्छा प्रदर्शन कर भारत ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई और यहां पाकिस्तान के खिलाफ आसान जीत हासिल की। सेमीफाइनल मैच में श्रीलंका के खिलाफ भारत की शुरुआत अच्छी थी, लेकिन सचिन के आउट होते ही पूरी टीम बिखर गई। दर्शकों ने हंगामा कर दिया और श्रीलंकाई टीम को विजेता घोषित कर दिया गया। अंत में श्रीलंका ने खिताब भी अपने नाम किया।
1999
इंग्लैंड में खेले गए इस विश्व कप में राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों ने श्रीलंका के खिलाफ 318 रन की साझेदारी कर इतिहास रच दिया। लीग मैच में श्रीलंका और पाकिस्तान को रौंदकर टीम इंडिया क्वार्टर फाइनल में पहुंची, लेकिन यहां ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा और भारतीय टीम विश्व कप से बाहर हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल जीता।
2003
सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में शानदार अंदाज में खेली। दक्षिण अफ्रीका में खेले गए टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने शानदार खेल दिखाया और सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई टीम ही भारत को हरा पाई। लीग स्टेज में आसान जीत हासिल करते हुए भारत ने सुपर सिक्स राउंड में भी श्रीलंका को आसानी से हराया। भारत ने फाइनल में जगह बनाई, लेकिन यहां ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को 125 रन से हरा दिया और भारत के चैंपियन बनने का सपना टूट गया।
2007
यह भारतीय टीम के लिए सबसे खराब विश्व कप रहा। वेस्टइंडीज में आयोजित टूर्नामेंट में भारतीय टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। द्रविड़, गांगुली और सचिन जैसे दिग्गजों से भरी टीम बांग्लादेश से हार गई और विश्व कप से बाहर हो गई। इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया सिर्फ बरमूडा के खिलाफ एकमात्र जीत हासिल कर पाई। पाकिस्तान की टीम भी आयरलैंड से हारकर बाहर हो गई। दोनों टीमों के कप्तानों ने इस्तीफा दे दिया और ऑस्ट्रेलियाई टीम चैंपियन बनी।
2011
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने घरेलू जमीन पर विश्व कप खेला और चैंपियन भी बना। भारत ने पहले बांग्लादेश को हराकर 2007 में मिली हार का बदला लिया फिर युवराज सिंह के शानदार खेल ने टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। क्वार्टर फाइनल में भारत ने पाकिस्तान और सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया। फाइनल में श्रीलंका को हराकर दूसरी बार विश्व कप अपने नाम किया।
2015
ऑस्ट्रेलिया में खेले गए विश्व कप में शमी की शानदार गेंदबाजी और बल्लेबाजों के अच्छे प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। हालांकि, यहां मिचेल जॉनसन की शानदार गेंदबाजी के चलते भारत को मेजबान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और न्यूजीलैंड को हराकर कंगारू टीम चैंपियन बनी।
2019
इंग्लैंड में खेले गए टूर्नामेंट में भारत ने एक बार फिर शानदार शुरुआत की। लीग मैच में जीत हासिल करते हुए भारत ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। यहां भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ बारिश से बाधित मैच में हार का सामना करना पड़ा। एक बार फिर टीम इंडिया सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई और इंग्लैंड ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर विश्व कप अपने नाम किया।
अब 2023 में एक बार फिर विश्व कप का आयोजन भारत में हो रहा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि 2015 और 2019 की तरह इस बार भी घरेलू टीम चैंपियन बनेगी। ऐसा हुआ तो भारत तीसरी बार वनडे विश्व कप अपने नाम करेगा।