IND vs ENG: पहले टेस्ट में इंग्लैंड को खलेगी स्टोक्स की कमी, रूट बोले- 'बस मेरा दोस्त जल्दी ठीक हो जाए'
भारत के खिलाफ पहला टेस्ट मैच शुरू होने से पहले इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने बेन स्टोक्स को लेकर बयान दिया है। उनका कहना है कि बस मेरा दोस्त जल्दी ठीक हो जाए। बीते सप्ताह स्टोक्स ने मानसिक स्वास्थ्य और उंगली की चोट को ध्यान में रखते हुए टेस्ट टीम से अपना नाम वापस ले लिया था।
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भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जाने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज की शुरुआत 4 अगस्त से होगी। दोनों टीमों के दरम्यान पहला मुकाबला नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मे खेला जाएगा। इंग्लिश टीम के लिए चिंताजनक बात यह है कि उनके धांसू ऑलराउंडर बेन स्टोक्स का इस सीरीज में खेलना संदिग्ध है। इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान जो रूट ने टेस्ट मैच से पहले स्टोक्स को लेकर बयान दिया है। बीते सप्ताह स्टोक्स ने क्रिकेट से अचानक अनिश्चितकाल के लिए ब्रेक लिया था। उनके बयान की खुद ईसीबी ने घोषणा करते हुए कहा, बेन स्टोक्स ने भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले टीम से नाम वापस ले लिया है, उन्होंने यह निर्णय मानसिक स्वास्थ और उंगली की चोट को ध्यान में रखते हुए लिया है, बीते महीने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने वाले बेन स्टोक्स बेहतर महसूस नहीं कर रहे थे।
विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट मैच खेलेगी। जिसकी शुरुआत 4 अगस्त से होगी। ऐसा माना जा रहा है कि इस टेस्ट सीरीज में बेन स्टोक्स नहीं खेलेंगे। वर्चु्अल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब बेन स्टोक्स को लेकर जो रूट से सवाल पूछा गया तो इंग्लिश कप्तान ने कहा, स्टोक्स को टीम में सबसे पहले जगह दी जाती है और समय आ गया है कि वह खुद को पहले रखें।
इस मामले पर जो रूट ने आगे कहा, जहां तक मेरा विचार है मैं चाहता हूं कि मेरा मित्र जल्दी ठीक हो जाए। कप्तान के मुताबिक, मुझे लगता है कि कोई भी जो बेन स्टोक्स के जानता है, वह हमेशा दूसरे लोगों को अपने सामने रखता है और अब मुझे लगता है कि उसके लिए खुद को पहले रखने का अवसर है। रूट ने कहा, मेरे विचार से स्टोक्स की तुलना किसी दूसरे से नहीं की जा सकती, क्योंकि वह काफी समय से इस टीम की धड़कन बने हुए हैं।
इस दौरान इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने बायो बबल के अंदर लंबे समय तक रहने के बिना सुरक्षित वातावरण में क्रिकेट खेलने का तरीका खोजने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी बात करना जारी रखें, खासकर उस वक्त जब हम सुरक्षित वातावरण में हों, खिलाड़ियों और ईसीबी के बीच अच्छा तालमेल होने की वजह से ईमानदार बातचीत होती है, ताकि खिला़ड़ियों की जितनी संभव हो सके सबसे अच्छी देखभाल हो।