ऑस्ट्रेलिया में चालीस साल बाद भारतीय टीम एक से ज्यादा टेस्ट जीतने में सफल रही है। इस जीत में भारतीय तेज गेंदबाजों की बड़ी भूमिका रही है। मेलबर्न में 37 साल बाद मिली जीत में भारतीय पेस बैटरी इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह का बड़ा योगदान रहा। तीसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के गिरे 20 में से 15 विकेट इन तीनों तेज गेंदबाजों ने लिए थे।
INDvAUS: भारत के पास अब रफ्तार की धार, बल्लेबाजों पर भी जीत का जुनून सवार
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इससे पहले दक्षिण अफ्रीका दौरे में भी ऐसा हुआ था जब भारत ने गेंदबाजी आक्रमण में स्पिनर को शामिल नहीं किया था। पिछले साल भारत के विदेशी दौरों में तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन लाजवाब रहा है। बुमराह ने एक साल में 18 विकेट लिए जोकि किसी भारतीय तेज गेंदबाज का श्रेष्ठ प्रदर्शन है।
विदेशी पिचों पर ढाया कहर
बुमराह, मोहम्मद शमी और इशांत शर्मा की तेज गेंदबाजी तिकड़ी ने एक कैलेंडर वर्ष में विदेशी सरजमीं पर 134 विकेट (बुमराह 48, इशांत 40 और शमी 46) चटकाए है। इस तिकड़ी ने मेलकम मार्शल, माइकल होल्डिंग और जोएल गार्नर की वेस्टइंडीज की तिकड़ी का 34 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 1984 में विदेशी दौरों पर 130 विकेट चटकाए थे।
2018 में भारतीय तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन
विकेट : 179 पिछला श्रेष्ठ 125 (1979)
औसत : 23.7 पिछला श्रेष्ठ 26.7 (1996)
स्ट्राइक रेट : 47.5 पिछला श्रेष्ठ 52.7 (2005)
चौदह टेस्ट में 179 विकेट
पिछले साल भारतीय टीम ने 14 टेस्ट मैच खेले जिसमें तेज गेंदबाजों ने 23.70 की औसत से 179 विकेट लिए। बीते वर्षों में जब भी भारतीय पेसरों ने 50 से ज्यादा विकेट लिए। तब उनकी औसत इतनी बेहतर नहीं रही। बुमराह ने तो पिछले साल तीन बार पांच विकेट लिए हैं जबकि शमी दो बार ऐसा करने में सफल रहे।