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क्रिकेट जगत में और ताकतवर होगी बीसीसीआई
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 29 Jan 2014 06:22 PM IST
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आईसीसी के मंगलवार को लिए गए फैसलों के बाद भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की विश्व क्रिकेट के भविष्य का फैसला करने में हैसियत बढ़ जाएगी।
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आईसीसी की एक नई कार्यकारी समिति बनाई जाएगी जिसमें बीसीसीआई, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
फिर से शुरू होगा चैंपियंस ट्रॉफी
नए टू टियर सिस्टम के तहत आईसीसी के एसोसिएट सदस्यों को भी टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा और टेस्ट के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए एक विशेष कोष का गठन किया जाएगा। द्विपक्षीय सीरीजों को ध्यान में रखते हुए भविष्य दौरा कार्यक्रम को खत्म कर दिया गया है।
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इसका मतलब है कि आठ शीर्ष टेस्ट टीमों पर नियमित रूप से एक दूसरे के खिलाफ खेलने की बाध्यता नहीं होगी। आईसीसी के अध्यक्ष एलन इसाक ने कहा, "यह विश्व क्रिकेट के लिए अहम समय है और यह खुशी की बात है कि आईसीसी बोर्ड ने सर्वसम्मति से क्रिकेट की बेहतरी के लिए उठाए गए कदमों का समर्थन किया है।"
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साल 2017 में इंग्लैंड में प्रस्तावित विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की योजना को समाप्त कर दिया गया है और इसकी जगह चैंपियंस ट्रॉफी वनडे टूर्नामेंट लेगा। चैंपियंस ट्रॉफी का पिछला संस्करण 2013 में इंग्लैंड में हुआ था और इसके बाद इसे खत्म कर दिया गया था।
बीसीसीआई के समर्थन में आया न्यूजीलैंड
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट व्यवस्था में ढांचागत बदलाव को लेकर कई देशों का विरोध झेल रहे बीसीसीआई को आखिरकार न्यूजीलैंड का समर्थन मिल गया है। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी की ढांचागत व्यवस्था में बदलाव के भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के प्रस्ताव का समर्थन किया है।
एनजेडसी के आईसीसी में प्रतिनिधि मार्क स्नेडेन ने कहा, "यह प्रस्ताव ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड का एक प्रयास है भारत को आईसीसी की मुख्य व्यवस्था में वापस लाने का। मीडिया में इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि हमें इस प्रस्ताव के पास होने के बाद बड़े क्रिकेट देशों के साथ खेलने का मौका नहीं मिलेगा। लेकिन, सच तो यह है कि 2023 तक हम इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और भारत के साथ कई मैच खेलेंगे। यदि नया प्रस्ताव लागू होता है तो एनजेडसी का राजस्व मौजूदा 5.2 करोड़ डॉलर से बढ़कर सात से 10 करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा।"
पाकिस्तान का रुख साफ नहीं
न्यूजीलैंड से भले ही बीसीसीआई को इस मसले पर समर्थन मिल गया है लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान ने इसका विरोध किया है। पीसीबी ने इस दावे को खारिज किया है कि प्रशासनिक ढांचे में प्रस्तावित इस बदलाव पर सदस्य देशों ने रजामंदी जता दी है।
आईसीसी बोर्ड की बैठक के बाद पीसीबी ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि उसने इस मसले पर अभी कोई फैसला नहीं किया है। विज्ञप्ति में कहा गया है, "इस मसले पर फैसला पीसीबी के संचालन बोर्ड पर निर्भर करेगा।"
दक्षिण अफ्रीका विरोध में सबसे आगे
प्रस्तावित बदलाव का सबसे पहले विरोध करने वाले सदस्य देश दक्षिण अफ्रीका ने उस दावे से इनकार किया है कि प्रस्तावित योजना को सर्वसम्मति से समर्थन मिल गया था।
सीएसए ने एक बयान जारी कर कहा, "आईसीसी बोर्ड की आठ फरवरी को होने वाली बैठक में ही इस पर कोई अंतिम फैसला होगा। हालांकि यह समर्थन सदस्य देशों की मंजूरी पर निर्भर है।" दक्षिण अफ्रीका पहला देश है जो शुरुआत से ही इस प्रस्तावित बदलाव का विरोध करता आ रहा है।