ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत डे-नाइट टेस्ट खेलने को तैयार, इंग्लैंड के खिलाफ भी करेगा मेजबानी
- बीसीसीआई अध्यक्ष गांगुली ने दिन-रात्रि टेस्ट मैच को भारतीय क्रिकेट का नियमित हिस्सा बनाया
- ऑस्ट्रेलिया दौरे में भारतीय टीम का दूसरा टेस्ट मैच डे-नाइट होगा
- अगले वर्ष इंग्लैंड की टीम भी भारत दौरे के दौरान खेलेगी एक दिन रात्रि मैच
- एकमात्र दिन-रात्रि मैच खेला है भारत ने अभी तक जिसमें बांग्लादेश को पारी और 120 रन से हराया था
- 136 रन की पारी खेली थी कोहली ने। वह अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में गुलाबी गेंद से शतक जड़ने वाले पहले भारतीय हैं
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विराट एंड कंपनी को अब विदेशों में भी गुलाबी टेस्ट देना होगा। बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने डे-नाइट टेस्ट मैच को भारतीय क्रिकेट का नियमित हिस्सा बना दिया है। यानि भविष्य में बड़ी टीमों के साथ टीम इंडिया का गुलाबी गेंद से मुकाबला अब आम बात होगी। टीम इंडिया इस साल ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान डे-नाइट टेस्ट मैच खेलेगी जो उसका विदेश में पहला जबकि गुलाबी गेंद से कुल दूसरा मैच होगा। अगले वर्ष की शुरुआत में जब इंग्लैंड की टीम भारत के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने आएगी तब भी गुलाबी गेंद से टेस्ट मैच आयोजित किया जाएगा।
भारत में डे-नाइट टेस्ट के सूत्रधार रहे हैं गांगुली
यह गांगुली ही थे जिनकी वजह से भारत में डे-नाइट टेस्ट की शुरुआत हो सकी। उन्हीं के प्रयासों से कोलकाता में नवंबर बांग्लादेश के खिलाफ गुलाबी गेंद से टेस्ट मैच आयोजित किया जा सका। उन्होंने ही इस मुद्दे पर कप्तान कोहली से बात की। कोहली ने एक झटके में यह टेस्ट मैच खेलना स्वीकार कर लिया था। बांग्लादेश के खिलाफ पिंक टेस्ट को जिस तरह की सफलता मिली उससे यह साफ हो गया था कि गांगुली इसे अगले स्तर तक ले जाएंगे। ठीक यही हुआ है। कोहली ने भी बांग्लादेश टेस्ट मैच के बाद दिन-रात्रि टेस्ट मैच को हरी झंडी दे दी थी।
भारत का विदेश में पहला गुलाबी टेस्ट एडिलेड में
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से बीसीसीआई से दोनों टीमों के बीच डे-नाइट टेस्ट मैच के आयोजन को लेकर बातचीत कर रहा था। जिस पर अब अंतिम मुहर लग चुकी है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह टेस्ट मैच एडिलेड में खेला जाएगा। यह टीम इंडिया का विदेश में गुलाबी गेंद से पहला टेस्ट होगा। एडिलेड में ही 2015 में क्रिकेट इतिहास का पहला डे-नाइट टेस्ट मैच खेला गया था।