भारत का वनडे में इंग्लैंड के खिलाफ सबसे 'शर्मनाक' खेल
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वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय वनडे सीरीज खेल रही है और इसे उसके वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब बचाने के अभियान से पहले तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है। लेकिन महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया ने अपने प्रदर्शन से अब तक अपने प्रशंसकों को खासा निराश ही किया है।
त्रिकोणीय सीरीज में लगातार दूसरे वनडे में भी टीम इंडिया के बल्लेबाज बुरी तरह से नाकाम रहे और उसका खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले मैच में बल्लेबाजों ने निराशाजनक खेल दिखाया लेकिन तब रोहित शर्मा के शतक ने टीम का सम्मान बचा लिया था। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ रोहित मैदान पर नहीं उतर सके तो भारतीय टीम 40 ओवर भी नहीं खेल पाई और 39.3 ओवर में 153 रन बनाकर आउट हो गई।
यह मैच इस लिहाज से ऐतिहासिक था क्योंकि वनडे क्रिकेट में दोनों टीमें 12 साल के लंबे अंतराल के बाद किसी तटस्थ मैदान पर मैच खेलने उतरी थी लेकिन शानदार मुकाबला होने के बजाए भारत ने इस मैच में इंग्लैंड के खिलाफ अपना अब तक का सबसे घटिया प्रदर्शन करते हुए शर्मनाक रिकॉर्ड बना दिया।
भारत ने 19 साल बाद घटिया प्रदर्शन को और बनाया घटिया
ब्रिसबेन में खेले गए त्रिकोणीय सीरीज के अपने दूसरे मैच में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया जिसे उसके बल्लेबाजों ने गलत साबित करा दिया।
भारतीय टीम का वनडे इतिहास में इंग्लैंड के खिलाफ अब तक का यह सबसे छोटा स्कोर है। 19 साल पहले भारत ने इंग्लिश टीम के खिलाफ अपना सबसे घटिया प्रदर्शन किया और 25 मई 1996 को लीड्स में सिर्फ 158 रन बनाए। लेकिन अब टीम इंडिया के नाम घटिया प्रदर्शन का नया रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।
दिलचस्प यह है कि भारत ने जब भी इंग्लैंड को 200 से कम रन का लक्ष्य दिया है उसे कभी भी बचा नहीं सका और यही रिकॉर्ड आज भी कायम रखा। इंग्लैंड ने यह मैच 135 गेंद (22.3 ओवर) शेष रहते 9 विकेट से जीत लिया।
वहीं जहां तटस्थ मैदानों पर भारत और इंग्लैंड के बीच भिड़ंत का सवाल है तो आज से 12 साल पहले दोनों टीमें 2003 में वर्ल्ड कप के दौरान डरबन में आमने-सामने हुई थी जिसें भारतीय टीम ने मैच में जीत हासिल की थी।
2005 के बाद भारत की दूसरी सबसे 'शर्मनाक' शुरुआत
अब जब वनडे क्रिकेट में टी-20 की तरह रनों की बारिश का खेल शुरू हो चुका है। 2 दिन पहले ही दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एबी डीविलियर्स ने महज 31 गेंदों में वनडे का सबसे तेज शतक लगाने का नया कीर्तिमान रच दिया। वहीं भारतीय बल्लेबाजों की सुस्ती का कोई इलाज समझ में नहीं आ रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के अपने पहले वनडे मैच में भी भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ा गई थी। उसी का मिलता-जुलता नजारा इंग्लैंड के खिलाफ मैच में दिखा या यूं कहे कि उससे भी बेहद खराब रही। भारत ने लगातार दूसरी बार टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया।
इंग्लैंड के खिलाफ उसकी न सिर्फ खराब रही बल्कि बेहद धीमी भी रही। भारतीय बल्लेबाज शुरुआती 5 ओवर में महज 8 रन बना सके और शिखर धवन का विकेट भी गंवा दिया। भारत की वनडे में यह दूसरी सबसे धीमी शुरुआत का रिकॉर्ड है। इससे पहले भारत 2005 में हैदराबाद में खेले गए वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 5 ओवर में महज 6 रन ही बना सका था।
विदशी धरती पर 18 साल बाद इंग्लैंड से हारा भारत
गेंदों के लिहाज से भारत की इंग्लैंड पर यह सबसे बड़ी हार है। इंग्लैंड ने यह मैच 135 गेंद शेष रहते जीता। इंग्लैंड ने दूसरी बार भारत पर सौ गेंदों के अंतर से यह मैच जीता। इससे पहले उसने 2004 में ट्रेंट ब्रीज पर 100 गेंद से मैच जीता था।
इसके अलावा इंग्लैंड की विदेशी धरती पर शीर्ष 8 टीमों पर यह सबसे बड़ी जीत भी है। साथ ही इंग्लैंड ने यह मैच 9 विकेट से जीता जो विकेट के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी जीत है।
विदेशी धरती पर इंग्लैंड ने 18 साल बाद टीम इंडिया को धूल चटाई है। इससे पहले उसने 1997 में शारजाह में भारत को हराया था। इस दौरान इस मैच को लेकर दोनों के बीच तटस्थ मैदान पर कुल 6 मैच हुए जिसमें भारत 4 बार विजयी रहा। इंग्लैंड को दूसरी जीत 1997 के बाद अब ब्रिसबेन में जाकर मिली।