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IND vs NZ: भारत ने न्यूजीलैंड को 111 रनों का लक्ष्य दिया, इसे क्यों कहते हैं नेल्सन नंबर, क्या है इसका इतिहास?
Mon, 01 Nov 2021 03:24 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 01 Nov 2021 03:24 PM IST
सार
टी-20 वर्ल्डकप में भारत ने न्यूजीलैंड के सामने 111 रनों का लक्ष्य रखा था। इस संख्या को क्रिकेट में नेल्सन नंबर कहा जाता है। इसके बारे में कई कहानियां प्रचलित हैं। हालांकि नेल्सन एक योद्धा थे, लेकिन उनकी कहानी क्रिकेट जगत में ज्यादा प्रचलित है।
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खेल जगत की रोचक खबर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने एक बार फिर खराब प्रदर्शन किया और कीवी टीम के सामने 111 रनों का लक्ष्य रखा। न्यूजीलैंड ने आसानी से इस लक्ष्य का पीछा कर लिया और यह मैच आठ विकेट से जीत गया। क्रिकेट जगत में 111 संख्या को नेल्सन नंबर कहा जाता है। इसका नाम एडमिरल नेल्सन के नाम पर रखा गया है। कहा जाता है कि नेल्सन सिर्फ एक आंख, एक हाथ और एक पैर वाले व्यक्ति थे, जबकि ऐसा नहीं है। नेल्सन के दोनों पैर सलामत थे। हालांकि दो अलग-अलग हादसों में उन्होंने अपनी आंख और एक हाथ जरूर खो दिया था।
क्रिकेट में 111 संख्या को पनौती माना जाता है। कई खिलाड़ियों, अंपायर और फैंस का मानना है कि इस स्कोर पर अक्सर विकेट गिरते हैं। 111 के साथ ही 222 और 333 जैसी संख्याओं को डबल नेल्सन और ट्रिपल नेल्सन भी कहा जाता है। इसी वजह से ऐसा माना जा रहा था कि 111 के स्कोर का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की किस्मत खराब हो सकती है और यह टीम छोटे स्कोर का पीछा करते हुए हार सकती है। हालांकि ऐसा नहीं हुआ और न्यूजीलैंड ने आसानी से मैच जीत लिया।
क्या है नेल्सन का इतिहास
नेल्सन एक योद्धा थे, जिन्होंने समुद्र में कई युद्ध जीते थे, लेकिन एक बार एक बम उनके सामने आकर गिरा। इसकी वजह से नेल्सन के सामने रखी बालू की बोरियां फट गई और बड़ी मात्रा में बालू और पत्थर उनकी दाहिनी आंख में चला गया और उन्हें यह आंख हमेशा के लिए गंवानी पड़ी। इसके बाद एक मस्केट बॉल उनकी दाहिने हाथ में लगी और उनका हाथ भी हटाना पड़ा। हालांकि उनके दोनों पैर सलामत थे और यह गलत धारणा है कि नेल्सन सिर्फ एक आंख, एक हाथ और एक पैर वाले व्यक्ति थे।
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क्रिकेट जगत में नेल्सन से जुड़ी बातें
अंपायर डेविड शेफर्ड नेल्सन स्कोर होने पर अजीबोगरीब हॉप करते थे और उछलते थे। दर्शकों को उनका अंदाज बेहद पसंद था और वो डेविड के ऐसा करने पर उनका भरपूर समर्थन करते थे। कई लोगों ने नेल्सन का अर्थ अपने हिसाब से निकाला है। कुछ लेग इसे "एक हाथ, एक पैर और एक लक्ष्य या एक हाथ, एक पैर और इत्यादि" के रूप में भी परिभाषित करते हैं। साल 2011 में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट मैच में 11 बजकर 11 मिनट पर अफ्रीकी टीम को जीत के लिए 111 रनों की जरूरत थी। इस समय दर्शकों के अलावा अंपायर इयान गोल्ड ने भी डेविड शेपर्ड की तरह हॉप और जंप की थी।
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क्रिकेट में 111 संख्या को पनौती माना जाता है। कई खिलाड़ियों, अंपायर और फैंस का मानना है कि इस स्कोर पर अक्सर विकेट गिरते हैं। 111 के साथ ही 222 और 333 जैसी संख्याओं को डबल नेल्सन और ट्रिपल नेल्सन भी कहा जाता है। इसी वजह से ऐसा माना जा रहा था कि 111 के स्कोर का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की किस्मत खराब हो सकती है और यह टीम छोटे स्कोर का पीछा करते हुए हार सकती है। हालांकि ऐसा नहीं हुआ और न्यूजीलैंड ने आसानी से मैच जीत लिया।
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क्या है नेल्सन का इतिहास
नेल्सन एक योद्धा थे, जिन्होंने समुद्र में कई युद्ध जीते थे, लेकिन एक बार एक बम उनके सामने आकर गिरा। इसकी वजह से नेल्सन के सामने रखी बालू की बोरियां फट गई और बड़ी मात्रा में बालू और पत्थर उनकी दाहिनी आंख में चला गया और उन्हें यह आंख हमेशा के लिए गंवानी पड़ी। इसके बाद एक मस्केट बॉल उनकी दाहिने हाथ में लगी और उनका हाथ भी हटाना पड़ा। हालांकि उनके दोनों पैर सलामत थे और यह गलत धारणा है कि नेल्सन सिर्फ एक आंख, एक हाथ और एक पैर वाले व्यक्ति थे।
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क्रिकेट जगत में नेल्सन से जुड़ी बातें
अंपायर डेविड शेफर्ड नेल्सन स्कोर होने पर अजीबोगरीब हॉप करते थे और उछलते थे। दर्शकों को उनका अंदाज बेहद पसंद था और वो डेविड के ऐसा करने पर उनका भरपूर समर्थन करते थे। कई लोगों ने नेल्सन का अर्थ अपने हिसाब से निकाला है। कुछ लेग इसे "एक हाथ, एक पैर और एक लक्ष्य या एक हाथ, एक पैर और इत्यादि" के रूप में भी परिभाषित करते हैं। साल 2011 में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट मैच में 11 बजकर 11 मिनट पर अफ्रीकी टीम को जीत के लिए 111 रनों की जरूरत थी। इस समय दर्शकों के अलावा अंपायर इयान गोल्ड ने भी डेविड शेपर्ड की तरह हॉप और जंप की थी।