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IND W vs AUS W: दूसरे वनडे में मंधाना का शतक, भारत ने 102 रन की जीत से ऑस्ट्रेलिया से सीरीज 1-1 से बराबर की
Wed, 17 Sep 2025 04:54 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यू चंडीगढ़
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यू चंडीगढ़
Published by: Mayank Tripathi
Updated Wed, 17 Sep 2025 04:54 PM IST
सार
उपकप्तान स्मृति मंधाना ने किसी भारतीय महिला बल्लेबाज का दूसरा सबसे तेज वनडे शतक जड़ा जिससे मेजबान टीम ने बुधवार को दूसरे दूसरे एक दिवसीय क्रिकेट मैच में ऑस्ट्रेलिया को 102 रन से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी।
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स्मृति मंधाना
- फोटो : ANI
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विस्तार
उपकप्तान स्मृति मंधाना ने किसी भारतीय महिला बल्लेबाज का दूसरा सबसे तेज वनडे शतक जड़ा जिससे मेजबान टीम ने बुधवार को दूसरे दूसरे एक दिवसीय क्रिकेट मैच में ऑस्ट्रेलिया को 102 रन से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। पहले बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने पर भारत के लिये बाएं हाथ की बल्लेबाज मंधाना ने 91 गेंद में 117 रन बनाये जिसमे 14 चौके और चार छक्के शामिल थे। उन्होंने अपना शतक सिर्फ 77 गेंद में पूरा किया। जिससे मेजबान टीम ने 292 रन से अपना सर्वोच्च स्कोर बनाया। इसके बाद कई कैच छूटने के बावजूद मेजबान टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 40.5 ओवर में 190 रन पर आउट करके बड़ी जीत दर्ज की।
भारतीय गेंदबाजों ने बनाया दबाव
भारत को पहले मैच में आठ विकेट से पराजय झेलनी पड़ी थी। तीसरा और आखिरी मैच 20 सितंबर को नई दिल्ली में खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए लय में नहीं दिखी। भारत की धारदार गेंदबाजी और फील्डिंग ने उन्हें पहले 10 ओवर दो विकेट पर 25 ही बनाने दिए। भारत ने शानदार गेंदबाजी की जिसमें क्रांति गौड़ ने 9.5 ओवर में 28 रन देकर तीन विकेट चटकाए। दीप्ति शर्मा ने 30वें ओवर के बाद दो विकेट चटकाकर ऑस्ट्रेलिया के लिए जीत का रास्ता बंद कर दिया।
रेणुका ठाकुर (28 रन देकर एक विकेट) ने दूसरे ओवर में जॉर्जिया वोल (शून्य) को आउट कर मैच की लय तय की और गौड़ ने खतरनाक एलिसा हीली (09) को पांचवें ओवर में अरुंधति रेड्डी के हाथों कैच आउट करा दिया। एलिस पैरी (44) ने बेथ मूनी (18) के साथ तीसरे विकेट के लिए 50 रन और एनाबेल सदरलैंड (45) के साथ चौथे विकेट के लिए 46 रन जोड़कर महत्वपूर्ण साझेदारी बनाने की कोशिश की। लेकिन बढ़ती रन गति ने ऑस्ट्रेलिया को दबाव में रखा।
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हरलीन देओल ने मूनी (18) को 15वें ओवर में स्नेह राणा की गेंद पर जीवनदान दिया लेकिन इसी गेंदबाज ने 17वें ओवर में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज को रेड्डी के हाथों कैच करा दिया। राधा ने 21वें ओवर में सदरलैंड का कैच टपकाया, लेकिन 25वें ओवर में इस बाएं हाथ की स्पिनर ने अपनी ही गेंद पर पैरी का कैच लपककर बड़ा विकेट हासिल किया। भारत के लिए एक और अहम पल 30वें ओवर में आया जब कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कवर पर एक बेहतरीन कैच लपककर सदरलैंड को 45 रन पर आउट कर दिया जिससे ऑस्ट्रेलिया पांच विकेट पर 134 रन के स्कोर पर मुश्किल में पड़ गया।
गौड ने 33वें ओवर में एश्ले गार्डनर (17) का कैच टपका दिया लेकिन अगले ओवर में राधा ने दीप्ति की गेंद पर डीप मिडविकेट पर उनका कैच लपकने में कोई गलती नहीं की। गार्डनर के आउट होने के बाद 36वें ओवर में तहलिया मैकग्रा (16) भी आउट हो गईं जिनका रेड्डी ने दीप्ति की गेंद पर शानदार कैच लपका। इस तरह ऑस्ट्रेलिया की चुनौती कमजोर पड़ गई। इतिहास में यह पहली बार है कि विश्व में दबदबा रखने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम कोई वनडे मैच 100 या उससे अधिक रनों से हारी है।
77 गेंदों में मंधाना ने पूरा किया शतक
इससे पहले मंधाना ने 77 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। भारत की किसी महिला बल्लेबाज के सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड भी उनके ही नाम है। उन्होंने राजकोट में इस साल जनवरी में आयरलैंड के खिलाफ 70 गेंद में शतक पूरा किया था।मंधाना और प्रतिका रावल (25) ने भारत को दमदार शुरूआत देते हुए पहले विकेट के लिए 11.3 ओवर में 70 रन जोड़े। रावल अच्छी लय में दिख रही थीं लेकिन एशले गार्डनर की गेंद पर कवर में जॉर्जिया वेयरहेम को कैच दे बैठी। गार्डनर ने 39 रन देकर दो विकेट लिए।
हरलीन देओल (10) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (17) ने अच्छी शुरूआत की लेकिन बड़ा स्कोर नहीं बना सकीं। दूसरी ओर मंधाना ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने वेयरहेम को स्लॉग स्वीप खेलकर डीप मिडविकेट में छक्का लगाया और 45 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। अगली गेंद पर उन्होंने चौका जड़ा। उन्होंने वेयरहेम को अगले ओवर में दो और चौके और एक छक्का लगाया। वहीं ताहलिया मैकग्रा को मिड आफ पर चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया।
मंधाना 33वें ओवर में आउट हुई जब मैकग्रा की गेंद पर मिडविकेट सीमा पर गार्डनर को कैच थमाया। उनके आउट होने के बाद रनगति धीमी हुई लेकिन दीप्ति शर्मा ( 53 गेंद में 40) और रिचा घोष (33 गेंद में 29) ने अच्छी पारियां खेली। भारतीय टीम एक समय 300 रन के पार जाती दिख रही थी लेकिन मंधाना के आउट होने के बाद इससे चूक गई। आस्ट्रेलिया के लिये डार्सी ब्राउन ने 42 रन देकर तीन विकेट लिए।
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भारतीय गेंदबाजों ने बनाया दबाव
भारत को पहले मैच में आठ विकेट से पराजय झेलनी पड़ी थी। तीसरा और आखिरी मैच 20 सितंबर को नई दिल्ली में खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए लय में नहीं दिखी। भारत की धारदार गेंदबाजी और फील्डिंग ने उन्हें पहले 10 ओवर दो विकेट पर 25 ही बनाने दिए। भारत ने शानदार गेंदबाजी की जिसमें क्रांति गौड़ ने 9.5 ओवर में 28 रन देकर तीन विकेट चटकाए। दीप्ति शर्मा ने 30वें ओवर के बाद दो विकेट चटकाकर ऑस्ट्रेलिया के लिए जीत का रास्ता बंद कर दिया।
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रेणुका ठाकुर (28 रन देकर एक विकेट) ने दूसरे ओवर में जॉर्जिया वोल (शून्य) को आउट कर मैच की लय तय की और गौड़ ने खतरनाक एलिसा हीली (09) को पांचवें ओवर में अरुंधति रेड्डी के हाथों कैच आउट करा दिया। एलिस पैरी (44) ने बेथ मूनी (18) के साथ तीसरे विकेट के लिए 50 रन और एनाबेल सदरलैंड (45) के साथ चौथे विकेट के लिए 46 रन जोड़कर महत्वपूर्ण साझेदारी बनाने की कोशिश की। लेकिन बढ़ती रन गति ने ऑस्ट्रेलिया को दबाव में रखा।
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हरलीन देओल ने मूनी (18) को 15वें ओवर में स्नेह राणा की गेंद पर जीवनदान दिया लेकिन इसी गेंदबाज ने 17वें ओवर में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज को रेड्डी के हाथों कैच करा दिया। राधा ने 21वें ओवर में सदरलैंड का कैच टपकाया, लेकिन 25वें ओवर में इस बाएं हाथ की स्पिनर ने अपनी ही गेंद पर पैरी का कैच लपककर बड़ा विकेट हासिल किया। भारत के लिए एक और अहम पल 30वें ओवर में आया जब कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कवर पर एक बेहतरीन कैच लपककर सदरलैंड को 45 रन पर आउट कर दिया जिससे ऑस्ट्रेलिया पांच विकेट पर 134 रन के स्कोर पर मुश्किल में पड़ गया।
गौड ने 33वें ओवर में एश्ले गार्डनर (17) का कैच टपका दिया लेकिन अगले ओवर में राधा ने दीप्ति की गेंद पर डीप मिडविकेट पर उनका कैच लपकने में कोई गलती नहीं की। गार्डनर के आउट होने के बाद 36वें ओवर में तहलिया मैकग्रा (16) भी आउट हो गईं जिनका रेड्डी ने दीप्ति की गेंद पर शानदार कैच लपका। इस तरह ऑस्ट्रेलिया की चुनौती कमजोर पड़ गई। इतिहास में यह पहली बार है कि विश्व में दबदबा रखने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम कोई वनडे मैच 100 या उससे अधिक रनों से हारी है।
77 गेंदों में मंधाना ने पूरा किया शतक
इससे पहले मंधाना ने 77 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। भारत की किसी महिला बल्लेबाज के सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड भी उनके ही नाम है। उन्होंने राजकोट में इस साल जनवरी में आयरलैंड के खिलाफ 70 गेंद में शतक पूरा किया था।मंधाना और प्रतिका रावल (25) ने भारत को दमदार शुरूआत देते हुए पहले विकेट के लिए 11.3 ओवर में 70 रन जोड़े। रावल अच्छी लय में दिख रही थीं लेकिन एशले गार्डनर की गेंद पर कवर में जॉर्जिया वेयरहेम को कैच दे बैठी। गार्डनर ने 39 रन देकर दो विकेट लिए।
हरलीन देओल (10) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (17) ने अच्छी शुरूआत की लेकिन बड़ा स्कोर नहीं बना सकीं। दूसरी ओर मंधाना ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने वेयरहेम को स्लॉग स्वीप खेलकर डीप मिडविकेट में छक्का लगाया और 45 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। अगली गेंद पर उन्होंने चौका जड़ा। उन्होंने वेयरहेम को अगले ओवर में दो और चौके और एक छक्का लगाया। वहीं ताहलिया मैकग्रा को मिड आफ पर चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया।
मंधाना 33वें ओवर में आउट हुई जब मैकग्रा की गेंद पर मिडविकेट सीमा पर गार्डनर को कैच थमाया। उनके आउट होने के बाद रनगति धीमी हुई लेकिन दीप्ति शर्मा ( 53 गेंद में 40) और रिचा घोष (33 गेंद में 29) ने अच्छी पारियां खेली। भारतीय टीम एक समय 300 रन के पार जाती दिख रही थी लेकिन मंधाना के आउट होने के बाद इससे चूक गई। आस्ट्रेलिया के लिये डार्सी ब्राउन ने 42 रन देकर तीन विकेट लिए।