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IND vs NZ Final: भारत को रचिन-विलियमसन से रहना होगा सावधान, बल्लेबाजी में दिखी मजबूती; सलामी जोड़ी से आस
Sun, 09 Mar 2025 10:35 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 09 Mar 2025 10:35 AM IST
सार
भारत चैंपियंस ट्रॉफी में प्रबल दावेदार के रूप में उतरा था और उसने अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ जीत से की। इसके बाद भारतीय टीम का सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से हुआ, जहां टीम ने एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया। न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत की थी और फिर बांग्लादेश को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अंतिम चार मुकाबले से पहले हालांकि, उसे भारत के खिलाफ हार झेलनी पड़ी।
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भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : PTI
विस्तार
भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच के लिए दोनों टीमों के साथ ही क्रिकेट प्रशंसक भी तैयार है। भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और अजेय रहते हुए फाइनल में जगह बनाई है। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड को अब तक एकमात्र भारत से ही मिली है जब रोहित शर्मा की अगुआई वाली टीम ने कीवियों को ग्रुप चरण में हराया था।
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दोनों टीमों का फाइनल तक का सफर
भारत चैंपियंस ट्रॉफी में प्रबल दावेदार के रूप में उतरा था और उसने अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ जीत से की। इसके बाद भारतीय टीम का सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से हुआ, जहां टीम ने एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया। भारत का विजयी अभियान ग्रुप चरण के अंतिम मैच में भी जारी रहा और टीम न्यूजीलैंड को हराकर ग्रुप ए में शीर्ष पर रही। भारत के सामने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया की बड़ी चुनौती थी, लेकिन टीम ने कंगारूओं को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत की थी और फिर बांग्लादेश को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अंतिम चार मुकाबले से पहले हालांकि, उसे भारत के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। इसके बाद सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने दमदार प्रदर्शन किया और दक्षिण अफ्रीका को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया। आंकड़ों में भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही टीमें मजबूत दिख रही हैं। इनके हालिया फॉर्म के आधार पर SWOT एनालिसिस इस प्रकार है...
भारत चैंपियंस ट्रॉफी में प्रबल दावेदार के रूप में उतरा था और उसने अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ जीत से की। इसके बाद भारतीय टीम का सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से हुआ, जहां टीम ने एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया। भारत का विजयी अभियान ग्रुप चरण के अंतिम मैच में भी जारी रहा और टीम न्यूजीलैंड को हराकर ग्रुप ए में शीर्ष पर रही। भारत के सामने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया की बड़ी चुनौती थी, लेकिन टीम ने कंगारूओं को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत की थी और फिर बांग्लादेश को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अंतिम चार मुकाबले से पहले हालांकि, उसे भारत के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। इसके बाद सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने दमदार प्रदर्शन किया और दक्षिण अफ्रीका को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया। आंकड़ों में भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही टीमें मजबूत दिख रही हैं। इनके हालिया फॉर्म के आधार पर SWOT एनालिसिस इस प्रकार है...
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भारत
चैंपियंस ट्रॉफी 2025
- फोटो : Twitter
मजबूतीः बल्लेबाजी से भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। कप्तान रोहित शर्मा भले ही बड़ी पारी नहीं खेल सके हैं, लेकिन आक्रामक शुरुआत दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। शुभमन गिल अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन पिछले दो मैचों में सस्ते में आउट हुए हैं। विराट कोहली और श्रेयस अय्यर भी पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना दम दिखा चुके हैं। श्रेयस मध्यक्रम में मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
गेंदबाजी में भारत का स्पिन विभाग रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती की मौजूदगी से मजबूती नजर आ रही है। भारत दो बार ट्रॉफी जीत चुका है, पिछली बार चैंपियंस ट्रॉफी 2013 में इंग्लैंड में जीती थी, जबकि 2002 में श्रीलंका के साथ संयुक्त विजेता था। भारतीय टीम अब लगातार दूसरे आईसीसी टूर्नामेंट को जीतने से एक कदम दूर है।
कमजोरीः भारत ने भले ही ग्रुप चरण में न्यूजीलैंड को 44 रनों से हराया था, लेकिन वह इस बात से अवगत है कि कीवी टीम उसके लिए कितना बड़ा खतरा है। न्यूजीलैंड और भारत के बीच दो बार आईसीसी टूर्नामेंट के खिताबी मैच में सामना हो चुका है और दोनों ही बार कीवी टीम जीत दर्ज करने में सफल रही है। न्यूजीलैंड ने 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल और 2021 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत को हराया था। वहीं, 2019 वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में भी जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
इसके अलावा न्यूजीलैंड को भी दुबई की पिच पर खेलने का अनुभव हो गया है और वह इस मैच में पिछली गलतियों से सीख लेते हुए खेलेगी। मिचेल सैंटनर के अलावा केन विलियमसन और रचिन रवींद्र अच्छी फॉर्म में दिख रहे हैं और अगर यह तीनों फाइनल में चल पड़े तो भारत के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकते हैं।
अवसरः भारत ने आखिरी बार इंग्लैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था और इसके बाद से वह 50 ओवर ओवर के टूर्नामेंट में खिताब नहीं जीत सकी है। रोहित के पास चैंपियंस ट्रॉफी को जीतकर यह तिलिस्म तोड़ने का मौका रहेगा। भारत ने पिछले साल टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था और अब उसके पास आठ महीने के भीतर दूसरी आईसीसी ट्रॉफी जीतने का मौका रहेगा। मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए भी यह किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं होगा जिनके नेतृत्व में पहली बार में टीम आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची।
खतराः अगर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताबी मुकाबला भारत के पिछले मैच वाली पिच पर ही खेला गया तो न्यूजीलैंड के स्पिनर सैंटनर, माइकल ब्रेसवेल, ग्लेन फिलिप्स और रचिन रवींद्र की भूमिका अहम हो जाएगी और वे भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। अगर मैट हेनरी फिट होकर मैदान पर उतरने में सफल रहे तो भारत के लिए खतरा साबित हो सकते हैं।
गेंदबाजी में भारत का स्पिन विभाग रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती की मौजूदगी से मजबूती नजर आ रही है। भारत दो बार ट्रॉफी जीत चुका है, पिछली बार चैंपियंस ट्रॉफी 2013 में इंग्लैंड में जीती थी, जबकि 2002 में श्रीलंका के साथ संयुक्त विजेता था। भारतीय टीम अब लगातार दूसरे आईसीसी टूर्नामेंट को जीतने से एक कदम दूर है।
कमजोरीः भारत ने भले ही ग्रुप चरण में न्यूजीलैंड को 44 रनों से हराया था, लेकिन वह इस बात से अवगत है कि कीवी टीम उसके लिए कितना बड़ा खतरा है। न्यूजीलैंड और भारत के बीच दो बार आईसीसी टूर्नामेंट के खिताबी मैच में सामना हो चुका है और दोनों ही बार कीवी टीम जीत दर्ज करने में सफल रही है। न्यूजीलैंड ने 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल और 2021 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत को हराया था। वहीं, 2019 वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में भी जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
इसके अलावा न्यूजीलैंड को भी दुबई की पिच पर खेलने का अनुभव हो गया है और वह इस मैच में पिछली गलतियों से सीख लेते हुए खेलेगी। मिचेल सैंटनर के अलावा केन विलियमसन और रचिन रवींद्र अच्छी फॉर्म में दिख रहे हैं और अगर यह तीनों फाइनल में चल पड़े तो भारत के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकते हैं।
अवसरः भारत ने आखिरी बार इंग्लैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था और इसके बाद से वह 50 ओवर ओवर के टूर्नामेंट में खिताब नहीं जीत सकी है। रोहित के पास चैंपियंस ट्रॉफी को जीतकर यह तिलिस्म तोड़ने का मौका रहेगा। भारत ने पिछले साल टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था और अब उसके पास आठ महीने के भीतर दूसरी आईसीसी ट्रॉफी जीतने का मौका रहेगा। मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए भी यह किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं होगा जिनके नेतृत्व में पहली बार में टीम आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची।
खतराः अगर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताबी मुकाबला भारत के पिछले मैच वाली पिच पर ही खेला गया तो न्यूजीलैंड के स्पिनर सैंटनर, माइकल ब्रेसवेल, ग्लेन फिलिप्स और रचिन रवींद्र की भूमिका अहम हो जाएगी और वे भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। अगर मैट हेनरी फिट होकर मैदान पर उतरने में सफल रहे तो भारत के लिए खतरा साबित हो सकते हैं।
न्यूजीलैंड
चैंपियंस ट्रॉफी 2025
- फोटो : Twitter
मजबूतीः न्यूजीलैंड टीम के पास डेवोन कॉन्वे और टॉम लाथम के रूप में उनके पास दो भरोसेमंद बल्लेबाज हैं। केन विलियमसन भी सूत्रधार की भूमिका निभा सकते हैं जो पिछले दो मैचों से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, रचिन रवींद्र ने इस चैंपियंस ट्रॉफी में दो शतक लगाए हैं और सेमीफाइनल में भी उनका बल्ला जमकर चला था। मध्यक्रम में डेरिल मिचेल और फिलिप्स मैच विजेता हैं।
कमजोरीः न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ पिछले मैच में मैट हेनरी के पांच विकेट की बदौलत भारतीय टीम को 249 रनों पर रोक दिया था, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छी स्थिति में होने के बावजूद टीम की पारी लड़खड़ा गई थी और उसे हार का सामना करना पड़ा था। अगर हेनरी कंधे की समस्या से नहीं उबर सके तो उसका गेंदबाजी लाइन अप भी कमजोर नजर आएगा। न्यूजीलैंड की टीम पिछले मैच में स्पिनरों का सामना नहीं कर पा रही थी और एक बार फिर उसके सामने वरुण, अक्षर, जडेजा और कुलदीप जैसे स्पिनरों की चुनौती होगी।
अवसरः केन विलियमसन ने कहा है कि न्यूजीलैंड की टीम इस बार दुबई की परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी। ऐसे में टीम के पास 25 साल बाद सीमित ओवर के प्रारूप में आईसीसी का कोई टूर्नामेंट जीतने का मौका रहेगा। कीवी टीम पिछले कुछ समय से कई बार आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट में पहुंची है, लेकिन खिताब जीतने से चूक गई है। न्यूजीलैंड ने 2015 और 2019 वनडे विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन दोनों ही बार उसे हार मिली।
खतराः न्यूजीलैंड का सामना ऐसी भारतीय टीम से है जो टूर्नामेंट में अजेय बनी हुई है। बल्ले, गेंद और फील्डिंग में भारतीय टीम ने जोरदार प्रदर्शन किया है। दूसरी ओर, दुबई में भारतीयों की अच्छी संख्या है जिससे खिताबी मैच के दौरान स्टेडियम में भारत के लिए समर्थन अधिक रहेगा। सैंटनर की टीम के लिए भारत को खिताब से रोकना एक बड़ी चुनौती है।
कमजोरीः न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ पिछले मैच में मैट हेनरी के पांच विकेट की बदौलत भारतीय टीम को 249 रनों पर रोक दिया था, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छी स्थिति में होने के बावजूद टीम की पारी लड़खड़ा गई थी और उसे हार का सामना करना पड़ा था। अगर हेनरी कंधे की समस्या से नहीं उबर सके तो उसका गेंदबाजी लाइन अप भी कमजोर नजर आएगा। न्यूजीलैंड की टीम पिछले मैच में स्पिनरों का सामना नहीं कर पा रही थी और एक बार फिर उसके सामने वरुण, अक्षर, जडेजा और कुलदीप जैसे स्पिनरों की चुनौती होगी।
अवसरः केन विलियमसन ने कहा है कि न्यूजीलैंड की टीम इस बार दुबई की परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी। ऐसे में टीम के पास 25 साल बाद सीमित ओवर के प्रारूप में आईसीसी का कोई टूर्नामेंट जीतने का मौका रहेगा। कीवी टीम पिछले कुछ समय से कई बार आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट में पहुंची है, लेकिन खिताब जीतने से चूक गई है। न्यूजीलैंड ने 2015 और 2019 वनडे विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन दोनों ही बार उसे हार मिली।
खतराः न्यूजीलैंड का सामना ऐसी भारतीय टीम से है जो टूर्नामेंट में अजेय बनी हुई है। बल्ले, गेंद और फील्डिंग में भारतीय टीम ने जोरदार प्रदर्शन किया है। दूसरी ओर, दुबई में भारतीयों की अच्छी संख्या है जिससे खिताबी मैच के दौरान स्टेडियम में भारत के लिए समर्थन अधिक रहेगा। सैंटनर की टीम के लिए भारत को खिताब से रोकना एक बड़ी चुनौती है।