IND vs ENG: अपने पहले विदेशी टेस्ट शतक पर बोले हिटमैन रोहित, कहा- दिमाग में नहीं था सेंचुरी लगाऊंगा
इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट में शतक लगाने वाले रोहित शर्मा ने अपने पहले विदेशी शतक को लेकर बयान दिया है। उनका कहना है कि मैच के दौरान उनके दिमाग में शतक नहीं था। वह कोशिश कर रहे थे कि भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया जाए।
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भारत और इंग्लैंड के बीच लंदन के ओवल मैदान पर खेले गए चौथे टेस्ट मैच में रोहित शर्मा ने शतक लगाकर टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दूसरी पारी के दौरान उन्होंने केएल राहुल और चेतेश्वर पुजारा के साथ कुछ महत्वपूर्ण साझेदारी की। जिसके चलते भारत अपनी दूसरी पारी में 466 रन बनाए और मेजबानों को मैच जीतने के लिए 368 रनों का लक्ष्य दिया। इंग्लिश टीम अपनी दूसरी इनिंग्स में कुछ खास नहीं कर पाई और महज 210 रनों पर ढेर हो गई। विराट कोहली एंड कंपनी ने इस मैच को 157 रनों के विशाल अंतर से जीता। मैच के बाद शतकवीर रोहित ने विदेशी सरजमीं पर बनाई गई अपनी सेंचुरी को लेकर बयान दिया है।
रोहित ओवल टेस्ट में भारत की दूसरी पारी में शानदार 127 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने यह रन 256 गेंदों का सामना करते हुए बनाए। अपनी इनिंग्स के दरम्यान रोहित ने 14 चौके सहित एक छक्का भी लगाया। उनकी इस ऐतिहासिक पारी के चलते रोहित को प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी दिया गया। मैच के बाद प्रजेंटेशन सेरेमनी के दौरान उन्होंने अपने शतक को विशेष करार देते हुए कहा, उन्होंने चुनौती स्वीकार की और स्थिति के अनुसार खेले।
मैं मैदान पर रहना चाहता था लेकिन उस शतक को हासिल करना खास था, 100 रन से पीछे हमें पता था कि उन्हें 370 का लक्ष्य देना कितना महत्वपूर्ण है, बल्लेबाजी यूनिट की तरफ से शानदार प्रयास, यह मेरा पहला विदेशी शतक है, इसलिए जाहिर तौर पर मेरी सर्वश्रेष्ठ सेंचुरी है। थ्री फिगर तक पहुंचूंगा यह मेरे दिमाग में नहीं था, हम बल्लेबाजी इकाई पर दबाव जानते थे, लेकिन हमने स्थिति के मुताबिक बल्लेबाजी की।
उन्होंने कहा मेरे दिमाग में शतक नहीं चल रहा था मैंने टीम को बेहतर स्थिति में लाने की कोशिश की। मैं मध्यक्रम में 30, 80 और 150 कर रहा था लेकिन मैं ओपनिंग का महत्व जानता हूं। लेकिन जब एक बार आप अंदर हों तो इसे महत्व देना होता है, तब यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि चुनौतियों को स्वीकार करो। डरहम में प्रशिक्षण के दौरान हमारे पास अपनी तकनीक को सही करने का मौका था, आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के बाद हमारे पास 20-25 दिन थे और यह गेम चेंजर था। जब हमें लीड्स में चुनौती मिली तो हमने अच्छी बल्लेबाजी की।
पांचवें और अंतिम दिन रोहित शर्मा फील्डिंग करने के लिए मैदान पर नहीं उतरे थे जिसकी वजह उनकी बाएं पैर के घुटने में कुछ तकलीफ थी। अपनी चोट के बारे में बात करते हुए रोहित ने कहा, फिलहास इस समय यह ठीक है, फीजियो का आदेश है इसे हर मिनट पर आंकलन करें और बहुत दूर की न सोचें। अब भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर में पांचवां और अंतिम टेस्ट मैच 10 सितंबर से खेला जाएगा।